स्वास्थ्य

कोविड-19: समर्पण भाव से सेवारत स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना

वैश्विक महामारी कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई में अग्रिम मोर्चे पर डटे स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. भारत में यूएन एजेंसियों ने बुधवार, 7 अप्रैल, को ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ के अवसर पर निस्वार्थ भाव से अपने कार्य में जुटे इन ‘नायकों’ का आभार व्यक्त किया है.   

यूएन प्रमुख को लगा दूसरा टीका

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, शुक्रवार 28 फ़रवरी को, न्यूयॉर्क के एक वैक्सीन केन्द्र में, कोविड-19 का दूसरा टीका लगवाया. उनकी आयु 65 वर्ष से अधिक होने के कारण, दूसरा टीका लगवाने के लिये उनका नाम, प्राथमिकता सूची में आया था. यूएन समर्थित एक पहल के तहत, वर्ष 2021 के अन्त तक, दो अरब लोगों को कोविड-19 के टीके लगवाने का लक्ष्य है.

वैक्सीनें कैसे कारगर होती हैं!

वैक्सीन टीके, हमारी रोग प्रतिरोधक प्रणाली को, वायरस की पहचान, पहले से ही करने और उसके ख़िलाफ़ सुरक्षा कवच बनाने में सक्षम बनाते हैं. वैक्सीन टीके, हमें सुरक्षित बनाते हैं और वायरस को फैलने से रोकते हैं. अगर पर्याप्त संख्या में, लोगों को टीके लग जाएँ, तो पूरे समुदाय की सुरक्षा की जा सकती है. देखें ये वीडियो...

भारत में कोविड टीकाकरण अभियान

भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), कोविड-19 वैक्सीन के टीकाकरण अभियान में सक्रिय योगदान कर रहा है. भारत में यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के प्रतिनिधि, डॉक्टर रॉड्रिको एच ऑफ्रिन ने यूएन न्यूज़ हिन्दी को बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के ढाई हज़ार से ज़्यादा कर्मचारियों ने, देश भर में पाँच लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को, टीकाकरण अभियान के लिये प्रशिक्षित किया है. डॉक्टर ऑफ्रिन के साथ एक वीडियो साक्षात्कार... 
 

यूएन महासचिव को लगा कोरोनावायरस वैक्सीन का पहला टीका

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 वैक्सीन का पहला टीका, गुरुवार को लगवा लिया है. न्यूयॉर्क शहर स्थित यूएन मुख्यालय से कुछ किलोमीटर दूर ब्राँक्स इलाक़े के एक हाई स्कूल में उन्हें वैक्सीन की पहली ख़ुराक दी गई है. 

कोविड-19 से मृत्यु संख्या 20 लाख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि हमारी दुनिया एक हृदय विदारक पड़ाव पर पहुँच गई है: कोविड19 महामारी ने अब 20 लाख ज़िन्दगियाँ ख़त्म कर दी हैं.इस दहला देने वाली संख्या के पीछे नाम और चेहरे हैं: एक ऐसी मुस्कान, जो अब केवल यादें बनकर रह गई है, खाने की मेज़ पर अब कोई कुर्सी हमेशा के लिये ख़ाली हो गई है, एक ऐसी जगह जहाँ प्रियजनों की ख़ामोशियाँ गूँजती हैं...

कोविड-19: मृतक संख्या 20 लाख, आत्मघाती 'वैक्सीन राष्ट्रवाद' के ख़िलाफ़ चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, कोरोनावायरस महामारी के प्रकोप से, विश्व भर में होने वाली मौतों की संख्या 20 लाख हो जाने के दुखद पड़ाव पर, शुक्रवार को तमाम देशों से अपील की है कि वो इस महामारी का ख़ात्मा करने और लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाने में एकजुट होकर काम करें और एकदूसरे की मदद करें. यूएन महासचिव ने एक वीडियो सन्देश में कहा कि एक वैश्विक और समन्वित प्रयास के अभाव की स्थिति में, महामारी का घातक और जानलेवा प्रभाव और भी ज़्यादा विनाशकारी साबित हुआ है.

फ़िरदौसी क़ादरी: असाधारण जज़्बा

2020 के लिये विज्ञान में महिलाओं और लड़कियों के अन्तरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर, हाल ही में, लौरिएल फाउण्डेशन और यूनेस्को के 22वें वुमन इन साइंस पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा की गई. इनमें एक विजेता बांग्लादेश की डॉक्टर फ़िरदौसी क़ादरी भी हैं... (वीडियो).

वैक्सीन कारगर हैं!

अपने पूरे इतिहास में, संयुक्त राष्ट्र ने बार-बार यह साबित किया है कि #VACCINESWORK... (वैक्सीन कारगर हैं!)

भारत के महावीर: जहाँ चाह, वहाँ राह

‘भारत के महावीर’ टैलीवीज़न श्रृँखला की तीसरी कड़ी में नेशनल लॉ स्‍कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी बेंगलूरू, के पूर्व छात्रों ने प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुँचाने के लिये पूरे देश में 10 चार्टर्ड फ्लाइट का ख़र्च वहन किया. इस कड़ी में - 31 वर्षीय एक विकलाँग 31 लड़की राजी राधाकृष्णन शामिल हैं जिन्होंने अग्रिम मोर्चों पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिये, सिलाई करके 2000 से अधिक मास्क तैयार किये; और बाबा करनैल सिंह खैरा हैं जिन्होंने एनएच -7, महाराष्ट्र में सड़क के किनारे स्थित अपने भोजनालय के माध्यम से 20 लाख से अधिक लोगों को मुफ़्त खाना खिलाया.