स्वास्थ्य

बढ़ते ई-कचरे से बच्चों के स्वास्थ्य के लिये ख़तरा - WHO

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ई-कचरे पर अपनी पहली रिपोर्ट जारी करते हुए, इस बढ़ते स्वास्थ्य जोखिम से बच्चों की रक्षा के लिये ज़्यादा असरदार उपायों व बाध्यकारी क़दम उठाये जाने का आग्रह किया है.

कोविड-19: लगातार सातवें हफ़्ते संक्रमण मामलों में गिरावट दर्ज

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि पिछले सात हफ़्तों से कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि मृतक संख्या में गिरावट की रफ़्तार कम है. डेढ़ वर्ष में वैश्विक महामारी के दौरान यह पहली बार है जब इतनी लम्बी अवधि तक संक्रमितों की संख्या में कमी नज़र आई है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने जी-7 समूह के देशों द्वारा वैक्सीन को साझा किये जाने की घोषणा का स्वागत किया है, मगर दोहराया है कि इन ख़ुराकों को जल्द से जल्द वितरित किया जाना होगा.

 

जी-7 बैठक: वैक्सीन की 87 करोड़ ख़ुराकों को साझा करने के संकल्प का स्वागत

कोरोनावायरस वैक्सीन के न्यायसंगत वितरण के लिये स्थापित ‘कोवैक्स’ पहल के साझीदार संगठनों ने जी-7 समूह के  देशों की उस घोषणा का स्वागत किया है, जिसमें 87 करोड़ ख़ुराकों को सीधे तौर पर साझा करने का संकल्प लिया गया है. वैक्सीन की इन ख़ुराकों की आपूर्ति 2021 और 2022 में किये जाने की योजना है और इनमें से आधी ख़ुराकों को इस वर्ष के अन्त तक उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.   

कोरोनावायरस वैक्सीन, एक वैश्विक सार्वजनिक भलाई - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19, दुनिया के लिये असाधारण पीड़ा की वजह बनी है, और इस पर क़ाबू पाने के लिये, जीवनरक्षक कोविड-19 वैक्सीनों को वैश्विक सार्वजनिक भलाई के रूप में देखा जाना होगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अनेक देशों में, जंगल में आग की तरह फैल रहे वायरस को रोकने का कोई अन्य रास्ता नहीं है.

बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिये समन्वित प्रयास

जैसलमेर, भारत के राजस्थान राज्य का सबसे बड़ा ज़िला है, मगर यहाँ स्वास्थ्य ज़रूरतों को पूरा करने, विशेषकर मातृत्व व प्रसव सम्बन्धी सेवाओं के लिये विशेषज्ञों की कमी एक बड़ी चुनौती रही है. संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने वर्ष 2013 में महिला स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये ज़िला प्रशासन व राज्य स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर प्रयास किये, जिसके सकारात्मक नतीजे दिखाई दिये हैं. इस क्षेत्र में हुई प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों व स्वास्थ्यकर्मियों से एक मुलाक़ात....

मानसिक स्वास्थ्य देखभाल में मानवाधिकार हनन पर विराम के लिये नए दिशानिर्देश

विश्व भर में, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल मुख्यत: मनोविकार केन्द्रों व अस्पतालों में प्रदान की जाती है और मानवाधिकार हनन के मामले व जबरन इस्तेमाल में लाये जाने वाले तौर-तरीक़े अब भी आम हैं. इसके मद्देनज़र, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नए दिशानिर्देश जारी किये हैं जिनमें मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए, किफ़ायती रूप से समुदाय-आधारित मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की कारगरता को रेखांकित किया गया है.  

एड्स के ख़ात्मे के लिये विषमताओं का अन्त ज़रूरी - यूएन महासभा प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासभा प्रमुख वोल्कान बोज़किर ने कहा है कि चार दशक पहले एड्स का पहला मामला सामने आने के बाद से अब तक, दुनिया ने इस चुनौती से मुक़ाबले में व्यापक प्रगति दर्ज की है. मगर त्रासदीपूर्ण वास्तविकता यह है कि अधिकाँश निर्बलों पर जोखिम अब भी मंडरा रहा है.  यूएन महासभा में मंगलवार को चर्चा के दौरान सदस्य देशों ने एक राजनैतिक घोषणापत्र के तहत नए, महत्वाकाँक्षी लक्ष्यों को पारित किया है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक 36 लाख नए एचआईवी संक्रमणों और 17 लाख एड्स-सम्बन्धी मौतों की रोकथाम करना है.

कोविड-19: महामारी के दो अलग-अलग रास्ते, वैक्सीन विषमता चिन्ताजनक

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने क्षोभ ज़ाहिर करते हुए कहा है कि टीकाकारण की ऊँची दर वाले देशों में पाबन्दियों को हटाने की तैयारी हो रही है, जबकि बहुत से देशों में ख़तरनाक हालात बरक़रार हैं. कोविड-19 वैक्सीन के वितरण में पसरी विसंगति के कारण संक्रमण का फैलाव जारी है, और इन हालात में वायरस का एक ऐसा रूप उभरने का जोखिम भी बढ़ रहा है जो अब तक के उपचारों को बेअसर बना सकता है.

स्वच्छ एवँ सुरक्षित भोजन - स्वस्थ भविष्य का आधार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय ने ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ पर भोजन-जनित बीमारियों के जोखिम की रोकथाम करने और उनसे निपटने के लिये पूर्ण-समाज के स्तर पर प्रयास किये जाने की पुकार लगाई है.

कोविड-19: वैक्सीन की 25 करोड़ ख़ुराकों को दान करने का आग्रह

कोरोनावायरस वैक्सीन की करीब दो अरब ख़ुराकों को अब तक वैश्विक स्तर पर वितरित किया जा चुका है, मगर इसका 0.5 फ़ीसदी ही निम्न आय वाले देशों को मिल पाया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को कहा है कि ऐसे देशों में अग्रिम मोर्चे पर डटे स्वास्थ्यकर्मियों और बुज़ुर्गों को एक ख़ुराक भी नहीं मिल पाई है, जिसके मद्देनज़र, करोड़ों ख़ुराकों को दान किये जाने का आहवान किया गया है.