स्वास्थ्य

कोविड-19: एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में, भुखमरी से पीड़ितों की संख्या में, पाँच करोड़ की वृद्धि 

एशिया व प्रशान्त क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा व पोषण की स्थिति बद से बदतर हुई है, और 37 करोड़ से अधिक लोग, वर्ष 2020 में भुखमरी का सामना कर रहे थे. खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की एक साझा रिपोर्ट के अनुसार, 2019 की तुलना में भूख से पीड़ितों की संख्या में पाँच करोड़ 40 लाख की वृद्धि हुई है.   

कोविड-19: WHO प्रमुख की चेतावनी, ओमिक्रॉन को कम न आँका जाए

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) के प्रमुख ने मंगलवार को कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएण्ट "शायद" अब दुनिया के अधिकतर देशों में मौजूद है और इसे "हल्का" मानकर ख़ारिज कर देना, एक भारी ग़लती होगी.

सार्वभौमिक टीकाकरण के बिना, सामान्य हालात में लौट पाना सम्भव नहीं - महासभा प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के लिये अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने कहा है कि कोविड-19 महामारी से बाहर आने का एकमात्र रास्ता, सर्वत्र, सर्वजन के लिये टीकाकरण सुनिश्चित करना है. उन्होंने मंगलवार को वैक्सीन समता के लिये अपने नववर्ष संकल्प की घोषणा करते हुए, देशों की सरकारों से इस मुद्दे पर एकजुटता की पुकार लगाई है. 

कोविड-19: अफ़्रीका में संक्रमण मामलों में उछाल, मगर मौतें कम

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंगलवार को कहा है कि अफ़्रीका में बीते सप्ताह, कोरोनावायरस के डेल्टा व ओमिक्रॉन रूपों के कारण, संक्रमण मामलों में 83 प्रतिशत का उछाल आया है, अलबत्ता पहले के संक्रमण मामलों में आए उछाल की तुलना में, अब मौतें कम हुई हैं.

बालावस्था के कैंसर से बचाव में, दवाओं की उपलब्धता के लिये नवीन पहल

निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहने वाले कैंसर पीड़ित बच्चों को सस्ती, सुरक्षित और असरदार दवाओं तक निर्बाध पहुँच सुनिश्चित करने के लिये, संयुक्त राष्ट्र के समर्थन से एक नया कार्यक्रम शुरू किया गया है.

संकटग्रस्त क्षेत्रों में प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के लिये, 83 करोड़ डॉलर की अपील  

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने कहा है कि मौजूदा दौर में, जीवनरक्षक यौन व प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएँ पहले से कहीं ज़्यादा अहम हो गई हैं. यूएन एजेंसी ने इन हालात के मद्देनज़र, वर्ष 2022 में, संकटपूर्ण हालात में जीवन गुज़ारने वाले लोगों को सहारा देने के लिये, 83 करोड़ 50 लाख डॉलर की एक मदद अपील जारी की है.

ग़ैर-संचारी बीमारियों की रोकथाम के लिये सर्वोत्तम उपायों में निवेश पर बल

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि निम्न- और निम्नतर से मध्य आय वाले देशों में प्रति वर्ष, प्रति व्यक्ति एक डॉलर से भी कम अतिरिक्त निवेश करके, वर्ष 2030 तक लगभग 70 लाख मौतों की रोकथाम की जा सकती है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने ग़ैर-संचारी बीमारियों की रोकथाम व उपचार के नज़रिये से, तत्काल उपाय किये जाने पर बल दिया है. 

भारी स्वास्थ्य ख़र्च के कारण, 50 करोड़ से ज़्यादा लोग, अत्यन्त गम्भीर निर्धनता के दायरे में

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और विश्व बैंक ने रविवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा है कि सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज में दो दशकों के दौरान हुई जो प्रगति हुई है, कोविड-19 महामारी के कारण, उस प्रगति के रुक जाने की सम्भावना है, और स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी ख़र्च के कारण 50 करोड़ से ज़्यादा लोग अत्यन्त गम्भीर निर्धनता के गर्त में धकेले जा चुके हैं. 

कोविड-19 वैक्सीन की जमाखोरी से महामारी के लम्बा खिंचने की आशंका, WHO की चेतावनी

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) के विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि यदि सदस्य देश, वैक्सीन वितरण के लिये यूएन समर्थित ‘कोवैक्स’ पहल के बजाय, टीकों की आपूर्ति को अपने क़ाबू में ही रखने का निर्णय लेते हैं, तो वैश्विक महामारी का ख़ात्मा ना हो पाने का जोखिम बढ़ जाएगा.

कोविड-19: ओमिक्रॉन वैरीएण्ट से बड़े असर की आशंका, स्पष्ट जानकारी की प्रतीक्षा 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने बुधवार को कहा है कि कोरोनावायरस के ओमिक्रॉन वैरीएण्ट के मामलों की अब तक 57 देशों में पुष्टि हो चुकी है और यह आँकड़ा बढ़ने की सम्भावना है. उन्होंने सचेत किया कि वायरस के इस रूप व प्रकार का फैलाव और उसमें होने वाले बदलाव, वैश्विक महामारी की दिशा को व्यापक रूप से प्रभावित कर सकते हैं.