स्वास्थ्य

अफ़ग़ानिस्तान में चरमरा रही हैं सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ, WHO की चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रावधान बदहाल होते जा रहे हैं. देश में ख़सरा और दस्त (डायरिया) के मामलों में तेज़ वृद्धि हो रही है और पोलियो भी एक बड़ा जोखिम बनता जा रहा है.  

'कोविड-19 ने दहला देने वाली विषमताओं की गहरी व चौड़ी खाई बना दी है'

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने मंगलवार को कहा है कि मौजूदा कोविड-19 महामारी ने ऐसी दिल दहला देने वाली विषमताएँ पैदा करके उन्हें जारी रखा हुआ है जिनसे, दुनिया भर में सबसे कमज़ोर हालात वाले लोग सर्वाधिक प्रभावित हैं.

मेनिनजाइटिस से निपटने की नई रणनीति – प्रति वर्ष दो लाख ज़िन्दगियों को बचाने का लक्ष्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि एक वैश्विक रणनीति के लक्ष्यों को प्राप्त कर के, दिमागी बुखार (meningitis) से हर साल दो लाख ज़िन्दगियों की रक्षा की जा सकती है. बैक्टीरिया की वजह से होने वाले घातक मेनिनजाइटिस रोग पर क़ाबू पाने के लिये पहली बार तैयार एक रोडमैप को, मंगलवार को पेश किया गया है. 

भोजन की बर्बादी है वैश्विक समस्या – खाद्य व पोषण असुरक्षा का एक कारण

संयुक्त राष्ट्र ने सचेत किया है कि भोजन की कमी, भुखमरी और कुपोषण की समस्या से दुनिया का हर देश पीड़ित है, और इसलिये भोजन की हानि व बर्बादी रोकने के लिये तत्काल कार्रवाई की जानी होगी. 

कोविड-19: ‘रीजेनेरॉन’ दवा मिश्रण, उपचार में सहायक, क़ीमतों में कटौती की अपील

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ‘रीजेनेरॉन’ (Regeneron) एण्टीबॉडी दवा मिश्रण को, कुछ शर्तों के साथ, कोविड-19 मरीज़ों के उपचार की सूची में शामिल किया है. यूएन एजेंसी ने शुक्रवार को इस आशय की जानकारी देते हुए इस उपचार को न्यायोचित ढंग से उपलब्ध कराने के लिये दवाओं की क़ीमत कम करने की भी अपील जारी की है.

अफ़ग़ानिस्तान में स्वास्थ्य ढाँचा ढह जाने के कगार पर

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुखिया डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में स्वास्थ्य ढाँचा ढहने के कगार पर है, जबकि राजधानी काबुल के रास्तों पर परिवारों को जिस गम्भीर भुखमरी के जिन हालात का सामना करना पड़ रहा है, वो शहरी इलाक़ों और सूखे की मार से पीड़ित देश के ग्रामीण इलाक़ों, सभी में एक जैसे ही गम्भीर हैं.

कोविड-19: महामारी के अन्त के लिये वैश्विक टीकाकरण योजना पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 महामारी से निपटने के प्रयासों पर केंद्रित एक बैठक को सम्बोधित करते हुए, वैश्विक टीकाकरण योजना को अपनाये जाने पर ज़ोर दिया है. इस बैठक में, अमेरिका ने कोविड-19 वैक्सीन की 50 करोड़ ख़ुराकें (टीके) ख़रीदकर, उन्हें दान करने की घोषणा की है.

टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के पथ पर लौटने का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने टिकाऊ विकास लक्ष्यों (एसडीजी) पर सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा है कि विश्व के समक्ष फ़िलहाल जैसी चुनौतियाँ मौजूद हैं, वैसी पहले कभी नहीं रहीं, मगर टिकाऊ विकास का 2030 एजेण्डा फिर से प्रगति पथ पर लौटने का रोडमैप प्रदान करता है. 

कोविड-19: वैक्सीन सुलभता में गहराती विषमता और करोड़ों पर जोखिम

स्वास्थ्य विशेषज्ञों में इस बात पर सहमति है कि कोविड-19 के बग़ैर दुनिया तब तक सम्भव नहीं है जब तक हर किसी के लिये टीकों की समान सुलभता नहीं है. वर्ष 2020 की शुरुआत में विश्व को अपनी चपेट में लेने वाले कोरोनावायरस संकट के कारण अब तक 46 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. मगर यह माना जाता है कि अधिक संख्या में लोगों के टीकाकरण के ज़रिये मृतक संख्या में कमी लाई जा सकती है. 

कामकाज-सम्बन्धी वजहों से हर वर्ष लगभग 20 लाख की मौत - नई रिपोर्ट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि कामकाज सम्बन्धी बीमारियों और चोटों की वजह से वर्ष 2016 में 19 लाख लोगों की मौत हुई. यह पहली बार है जब यूएन एजेंसियों ने साझा रूप से इस विषय में अनुमानों को पेश किया है.