स्वास्थ्य

कोविड-19: वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी क्षति, मगर अपेक्षा से कम असर

संयुक्त राष्ट्र के व्यापार और विकास संगठन – UNCTAD ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने वर्ष 2020 के दौरान, दुनिया भर में तमाम देशों की अर्थव्यवस्थाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसमें ट्रिलियनों डॉलर के बराबर आय का नुक़सान हुआ. संगठन ने गुरूवार को हालाँकि ये भी बताया है कि कुछ देशों ने, किस तरह अनपेक्षित सहनक्षमता दिखाई है.

कोविड-19: उपायों में ढिलाई के लिये, मौसमी कारकों को वजह ना बनाएँ

संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी (WMO) ने आगाह करते हुए कहा है कि उत्तरी गोलार्द्ध में गर्मी का मौसम शुरू होने के मौक़े को, कोरोनावायरस महामारी से बचने के उपायों में ढिलाई बरते जाने के लिये, किसी कारण या बहाने के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिये. 

जैनसेन टीके को हरी झण्डी, रक्त थक्कों पर चिन्ताओं का निवारण

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के विशेषज्ञ सलाहकार बोर्ड ने बुधवार को कोविड-19 के लिये जैनसेन वैक्सीन को अन्तरराष्ट्रीय इस्तेमाल के लिये मंज़ूरी दे दी है. साथ ही बोर्ड ने, निश्चित तथ्यों के अभाव में उन चिन्ताओं को दूर करने का भी प्रयास किया है, जो कोरोनावायरस की वैक्सीन दिये जाने के बाद, कथित रूप से कुछ लोगों में रक्त के थक्के जमने की ख़बरों के बाद उभरी हैं. इन चिन्ताओं के कारण कुछ देशों में ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन के इस्तेमाल को अस्थाई रूप से रोक दिया गया है.   

दक्षिण एशिया: महामारी के कारण जच्चा-बच्चा मौतों में तीव्र बढ़ोत्तरी

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों ने कहा है कि दक्षिण एशिया में, कोविड-19 के कारण, स्वास्थ्य सेवाओं में उत्पन्न हुए गम्भीर व्यवधान के परिणामस्वरूप, वर्ष 2020 के दौरान, जच्चा-बच्चा की अतिरिक्त दो लाख 39 हज़ार मौतें हुई हैं.

'कंगारू मातृत्व' के सहारे बचाई जा सकती हैं लाखों नवजात ज़िन्दगियाँ

विश्व स्वास्थ्य संगठन - WHO ने नवजात शिशुओं को, उनकी माताओं से अलग किये जाने के ख़तरों की तरफ़ ध्यान दिलाते हुए आगाह किया है. एक नए अध्ययन में दिखाया गया है कि नवजात शिशुओं को उनकी माताओं के साथ त्वचा स्पर्श सुनिश्चित करने से, एक लाख 25 हज़ार तक ज़िन्दगियाँ बचाई जा सकती हैं.

कोविड-19: ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन पर WHO और योरोपीय एजेंसी की बैठक

ऑक्सफ़र्ड-ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन से जुड़ी चिन्ताओं और अनेक देशों द्वारा इसका इस्तेमाल रोके जाने के बाद, इस सप्ताह, संयुक्त राष्ट्र और योरोपीय संघ के स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक होनी तय हुई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने सोमवार को प्रैस वार्ता के दौरान इस आशय की जानकारी दी है.  

चिन्ताओं के बीच, ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन को WHO का समर्थन, जॉनसन वैक्सीन को मंज़ूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि ऑक्सफ़र्ड-ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन की एक विशिष्ट खेप से जुड़े ऐसे मामले उसके संज्ञान में हैं, जिनमें लोगों में, रक्त के थक्के जमने पर चिन्ताएँ जताई गई हैं. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया है कि कोरोनावायरस की कोई भी वैक्सीन दिये जाने से अब तक कोई मौत होने की ख़बर नहीं है. 

कोविड-19: वैक्सीन की समान वैश्विक उपलब्धता के लिये नई पहल ‘Only Together’

संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया भर में कोविड-19 महामारी वैक्सीन की न्यायसंगत और समानतापूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में, गुरूवार को एक नया वैश्विक अभियान शुरू किया है जिसका नाम है – 'Only Together' यानि ‘केवल एकजुटता के साथ ’.

कोविड-19: महामारी का एक साल – अंधेरी सुरंग के दूसरे छोर पर ‘रौशनी’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोरोनावायरस संकट ने पूरी दुनिया को, दुख और पीड़ा की सूनामी की चपेट में ले लिया था, लेकिन टीकाकरण की शुरुआत होना, एक अंधेरी सुरंग के दूसरे छोर पर रौशनी दिखाई देने लगी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 11 मार्च 2020 को, कोविड-19 को वैश्विक महामारी के रूप में परिभाषित किया था. महासचिव ने इसका एक वर्ष पूरा होने पर जारी अपने सन्देश में, महामारी से उबरने और अर्थव्यवस्थाओं को संवारने के लिये एकजुटता पर ज़ोर दिया है.

कोविड-19 ने क़ैदियों को बुरी तरह प्रभावित किया - यूएन विशेषज्ञ

जेल सुधारों पर संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ फ़िलिप माइज़नर ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान, दुनिया भर के बन्दीगृहों में लोगों पर विषमतापूर्ण असर हुआ है. जेलों में कोविड-19 महामारी के असर के मुद्दे पर, बुधवार को जापान के क्योटो में, अपराध रोकथाम और आपराधिक न्याय पर संयुक्त राष्ट्र काँग्रेस की 14वीं बैठक हो रही है. इस आयोजन में शिरकत कर रहे फ़िलिप माइज़नर से यूएन न्यूज़ के साथ विशेष बातचीत...