स्वास्थ्य

कोविड-19: महामारी के अन्त का काम पूरा करने के लिये, राजनैतिक गति बढ़ाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरेश सहित, संगठन के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को, मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम में शिरकत की जिसमें कोविड-19 महामारी का अन्त करने की दिशा में हुई उत्साहजनक प्रगति को रेखांकित किया गया. अलबत्ता ये भी स्वीकार किया गया कि बेहद निर्बल पक्षों को पर्याप्त संरक्षण मुहैया कराने के लिये, अभी काफ़ी-कुछ काम किया जाना बाक़ी है.

WHO: ग़ैर-संचारी बीमारियाँ, अब सबसे ज़्यादा मौतों की वजह

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी – WHO ने बुधवार को जारी एक नई रिपोर्ट में कहा है कि दुनिया भर में सबसे ज़्यादा मौतों का कारण बनने वाली बीमारियों में अब हृदय सम्बन्धित बीमारियों से लेकर कैंसर और डायबटीज़ व ग़ैर-संचारी बीमारियाँ (NCD) शीर्ष स्थान पर हैं, जिन्होंने वैश्विक स्तर पर संक्रामक बीमारियों को पीछे छोड़ दिया है.

कोविड-19 महामारी का अन्त अब नज़र आने लगा है: WHO

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 संक्रमण के कारण किसी एक सप्ताह में मृतकों की संख्या, मार्च 2020 के बाद से अब तक अपने निम्नतम स्तर तक पहुँच गई है, जिससे वैश्विक महामारी का अन्त अब नज़र आने लगा है.
 

कोविड-19: उत्तरी गोलार्ध में सर्दियाँ शुरू होने पर, मामलों में बढ़ोत्तरी की सम्भावना

दुनिया भर में कोविड-19 से होने वाली मौतों में, अलबत्ता कमी आई है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी - WHO के वरिष्ठ अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि उत्तर गोलार्ध में सर्दियों के आगमन के साथ ही, कोविड मामलों की संख्या बढ़ सकती है.

कोविड-19: 2022 में 10 लाख मौतों का 'त्रासद पड़ाव'

विश्व स्वास्थ्य संगठन – WHO के मुखिया डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसेस ने गुरूवार को कहा है कि कोविड-19 महामारी से वर्ष 2022 के दौरान अब तक दस लाख लोगों की मौत हो चुकी है – जोकि एक त्रासद पड़ाव है और इसमें से, इस त्रासदी में से, ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को इसकी वैक्सीन का टीका लगाने का रास्ता निकलना चाहिये.

WHO: मंकीपॉक्स संक्रमण के 35 हज़ार मामले

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि मंकीपॉक्स के संक्रमण मामले दुनिया भर में बढ़ रहे हैं और अभी तक 92 देशों व क्षेत्रों में, 35 हज़ार मामले सामने आ चुके हैं, 12 लोगों की मौत भी हुई है.

WHO: व्यक्तियों और समाज के लाभ के लिये मस्तिष्क स्वास्थ्य का पूर्ण अवलोकन ज़रूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मनुष्य के जीवन काल में मस्तिष्क स्वास्थ्य के अनुकूलन पर अपना पहला स्थिति पत्र जारी करते हुए कहा है कि जीवन में कभी न कभी, तीन में से एक व्यक्ति, किसी न किसी प्रकार के स्नायु-तंत्रिका विकार का शिकार होते हैं, जोकि विकलांगता का प्रमुख कारण और मृत्यु का दूसरा बड़ा कारण है.

श्रीलंका: महिलाओं की ‘तात्कालिक’ स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिये लगभग एक करोड़ डॉलर की अपील

संयुक्त राष्ट्र की यौन और प्रजनन स्वास्थ्य एजेंसी, UNFPA ने कहा है कि वो श्रीलंका में महिलाओं और लड़कियों के सुरक्षित रूप से बच्चों को जन्म देने और लिंग आधारित हिंसा-रहित जीवन जीने के अधिकारों की रक्षा के प्रयासों का नेतृत्व कर रही है.

बच्चों में एड्स, 2030 तक समाप्ति के लिये, एक नया गठबन्धन

दुनिया भर में, एचआईवी संक्रमण के साथ जीवन जीने वाले वयस्कों की तीन चौथाई संख्या को किसी ना किसी तरह का उपचार हासिल है, मगर इस तरह का उपचार हासिल करने वाले बच्चों की संख्या केवल 52 प्रतिशत है. इस गम्भीर विषमता की स्थिति को देखते हुए, संयुक्त राष्ट्र की अनेक एजेंसियों ने नए संक्रमण मामलों की रोकथाम और एचआईवी से संक्रमित सभी बच्चों को 2030 तक जीवनरक्षक उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये, एक वैश्विक गठबन्धन गठित किया.

स्तनपान: जीवन आरम्भ के लिये अभूतपूर्व रूप से अहम

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी – विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूएन बाल कोष – यूनीसेफ़ के प्रमुखों ने सोमवार को कहा है कि नवजात शिशुओं को माँ का दूध पिलाने के साथ, नवजीवन की शुरुआत करना, अभूतपूर्व रूप से महत्वपूर्ण है.