स्वास्थ्य

ब्राज़ील में संक्रमण मामलों में कमी, मगर ढिलाई नहीं बरतने का आग्रह

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने आगाह किया है कि ब्राज़ील में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में गिरावट दर्ज की जा रही है, मगर वैश्विक महामारी का एक अहम सबक़ ये है कि कोई भी देश ढिलाई बरतने का जोखिम नहीं उठा सकता.

वर्ष 2030 तक एड्स ख़ात्मे का लक्ष्य – विषमताएँ दूर करना अहम

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि एड्स के विरुद्ध लड़ाई में मौजूदा विषमताएँ, वर्ष 2030 तक इस सार्वजनिक स्वास्थ्य ख़तरे को जड़ से उखाड़ फेंकने के लक्ष्य के लिये एक बड़ा ख़तरा हैं. शुक्रवार को जारी एक नई रिपोर्ट में एड्स पर जवाबी कार्रवाई में दुनिया को वापिस प्रगति के मार्ग पर लाने के लिये 10 सिफ़ारिशें पेश की गई हैं.

कोविड-19: संयुक्त राष्ट्र परिवार, कठिन घड़ी में, भारत के साथ एकजुट

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भारत में वैश्विक महामारी कोविड-19 के भीषण फैलाव से उपजे हालात के मद्देनज़र देश के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की है. यूएन प्रमुख ने भरोसा दिलाया है कि उनका संगठन इस घड़ी में भारत के लिये अपने समर्थन का दायरा और स्तर बढ़ाने के लिये मुस्तैद है.

पैट्रोलियम उद्योगों में काम करने वालों को कैंसर का अधिक जोखिम

अन्तरराष्ट्रीय कैंसर शोध एजेंसी की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि जो लोग पैट्रोलियम उद्योग में काम करते हैं या पैट्रोलियम संयन्त्रों व इकाइयों के निकट बसते हैं, उनमें अनेक तरह के कैंसर विकसित होने का ज़्यादा जोखिम है.

कोविड-19: योरोप में संक्रमितों से ज़्यादा हुई टीका लगवाने वालों की संख्या

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में योरोपीय क्षेत्र के लिये निदेशक डॉक्टर हैन्स क्लूगे ने बताया है कि योरोपीय देशों में कोविड-19 की वैक्सीन की ख़ुराक पाने वाले लोगों की संख्या, कोरोनावायरस से संक्रमित हुए लोगों से ज़्यादा हो गई है. उन्होंने आगाह किया है कि नए संक्रमण मामलों और मृतक संख्या में गिरावट दर्ज किये जाने के बावजूद, वायरस मौजूद है और उसके विनाशकारी असर को टालने के लिये, टीकाकरण के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों का पालन किया जाना अहम है.

भारत: कोविड से लड़ाई में, यूएन एजेंसियों की सक्रिय मदद

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में आई भारी तेज़ी का मुक़ाबला करने के लिये, अस्पतालों में क्षमता बढ़ाने और अहम चिकित्सा सामग्री की क़िल्लत को दूर किये जाने पर ज़ोर दिया है. दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में WHO की क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा है कि कोरोनावायरस संकट से जूझ रहे भारत के लिये, यह सर्वोपरि प्राथमिकता होनी चाहिये. इस बीच यूएन एजेंसियाँ भारत में चिकित्सा सामान की उपलब्धता व अन्य तरह की मदद मुहैया कराने में सक्रिय हैं.

कोविड-19 के दौर में कामकाजी सुरक्षा का मुद्दा

कोविड-19 महामारी के कारण, दुनिया भर में, अपने घरों से ही काम करने वालों की संख्या बेतहाशा बढ़ी है, जिसने रोज़गार देने वालों के लिये इस ज़रूरत पर ध्यान केन्द्रित कर दिया है कि वो कर्मचारियों व कामगारों के लिये सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करें. 28 अप्रैल को, कार्यस्थलों पर सुरक्षा व स्वास्थ्य के लिये विश्व दिवस के अवसर पर, यहाँ प्रस्तुत है एक आकलन कि संयुक्त राष्ट्र, लोगों को, उनके कामकाज के दौरान समुचित सुरक्षा सुनिश्चित करने में, रोज़गार देने वालों और सरकारों की, किस तरह मदद कर रहा है...

कोविड-19: अहम कर्मचारियों के लिये ज़्यादा सुरक्षा उपायों की दरकार

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) का कहना है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 ने कार्यस्थलों पर महत्वपूर्ण सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के समक्ष मौजूद चुनौतियों को सामने ला दिया है. यूएन श्रम एजेंसी ने ‘कार्यस्थल पर सुरक्षा व स्वास्थ्य के लिये विश्व दिवस’ के अवसर पर मंगलवार को अपनी एक नई रिपोर्ट जारी की है, जिसमें सुरक्षा व स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, बचाव व सुरक्षा उपाय अपनाने पर बल दिया गया है.

कोविड-19: भारत में हालात 'हृदय विदारक, बयान से परे'

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि कोविड-19 महामारी का अनेक देशों में तेज़ रफ़्तार से फैलना जारी है और संक्रमण के मामलों में लगातार नौवें सप्ताह बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसेस ने भारत में मौजूदा हालात को हृदय विदारक और बयान से परे बताते हुए भरोसा दिलाया है कि यूएन एजेंसी हरसम्भव सहायता प्रदान करने में जुटी है.

चेरनॉबिल हादसे के 35 वर्ष, 'त्रासदियाँ सीमाएँ नहीं जानतीं'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को "चेरनॉबिल अन्तरराष्ट्रीय स्मरण दिवस" पर अपने सन्देश में आगाह किया है कि त्रासदियाँ सीमाओं की परवाह नहीं करती हैं. यूएन प्रमुख ने चेरनॉबिल दुर्घटना की 35वीं वर्षगाँठ के अवसर पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि एक साथ मिलकर त्रासदियों की रोकथाम की जा सकती है, सभी ज़रूरतमन्दों को सम्बल दिया जा सकता है और एक मज़बूत पुनर्बहाली सुनिश्चित की जा सकती है.