स्वास्थ्य

भारत में कोरोना योद्धा - महामारी के दौरान मातृत्व स्वास्थ्य देखभाल

कोविड-19 महामारी के कारण हुई तालाबन्दी से स्वास्थ्य प्रणालियों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे  यौन व प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा. इन ठोस चुनौतियों के बावजूद, कई साहसी महिलाओं ने आगे आकर ये सुनिश्चित किया कि महामारी के दौरान महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य व अधिकारों की उपेक्षा न हो पाए. विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर, भारत की ऐसी ही कुछ महिला फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की निस्वार्थ सेवाओं की झलक, जो संकट के समय पूरी प्रतिबद्धता से अपना कर्तव्य निभा रही हैं. 
 

कोविड-19: ‘ग़लत दिशा’ में आगे जा रहे हैं अनेक देश

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के संक्रमण के तेज़ी से बढ़ते मामलों से चिन्तित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने चेतावनी जारी की है कि बहुत से देश ग़लत दिशा में आगे जा रहे हैं और आने वाले दिनों में वहाँ हालात और भी ज़्यादा ख़राब हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि व्यापक रणनैतिक कार्रवाई और स्थानीय लोगों द्वारा ऐहतियाती उपायों के पालन से संक्रमण की कड़ी को तोड़ना सम्भव है लेकिन कई देशों में स्थिति की गम्भीरता के अनुरूप क़दम नहीं उठाए जा रहे हैं. 

कोविड-19: चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन व बिक्री में धोखाधड़ी बढ़ी

संयुक्त राष्ट्र के एक ताज़ा अध्ययन में पाया गया है कि दुनिया भर में कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के लिये चिकित्सा उपकरणों की बढ़ी माँग के बीच धोखाधड़ी के मामले बढ़े हैं और नक़ली व ख़राब गुणवत्ता वाला सामान बेचने की बहुत कोशिशें की गई हैं. ये रिपोर्ट बुधवार को प्रकाशित की गई है.

एड्स को बच्चों के लिये 'बेवजह मौत' का कारण बनने से रोकना होगा

एचआईवी के ख़िलाफ़ लड़ाई का नेतृत्व करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूएनएड्स ने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी करके कहा है कि एचआईवी के ख़िलाफ़ वैश्विक लड़ाई में प्रगति के बावजूद बच्चों में इसकी रोकथाम की कार्रवाई पीछे रह गई है.

कोविड-19: हवा के ज़रिये सम्भावित फैलाव पर जल्द जारी होगी जानकारी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के फैलाव के तरीक़ों पर स्पष्टता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जल्द ही एक अपडेट जारी किया जाएगा जिसमें हवा के ज़रिये वायरस के सम्भावित फैलाव (Airborne transmission) के बारे में भी जानकारी शामिल होगी. महामारी विशेषज्ञ और कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई के लिए यूएन स्वास्थ्य एजेंसी की तकनीकी प्रमुख डॉक्टर मारिया वान कर्कहोव ने मंगलवार को एक पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में यह बात कही है. 

मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों को समझने और निपटने के तरीक़ों में 'बदलाव लाने होंगे' 

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने सदस्य देशों, नागरिक समाज, मनोवैज्ञानिक संगठनों और विश्व स्वास्थ्य संगठन से आग्रह किया है कि मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों को समझने और उनसे निपटने के नज़रिये में बदलाव लाना होगा. विशेष रैपोर्टेयर डेनियस पूरस ने कहा कि मानसिक स्वास्थ देखभाल के मौजूदा मॉडल में दवाओं पर निर्भरता और मानसिक स्वास्थ्य मुश्किलों का सामना कर रहे लोगों को ख़तरनाक क़रार दिये जाने या उनकी मर्ज़ी के बिना ही उनका इलाज किये जाने पर ज़्यादा ज़ोर है जिससे अलग हटना होगा. 

नई महामारियों से बचाव के लिए मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य की रक्षा की पुकार

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से इन्सानों की ज़िन्दगियों और अर्थव्यवस्थाओं पर गहराते संकट के बीच एक नई रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर पशुजनित बीमारियों की रोकथाम के प्रयास नहीं किये गए तो कोविड-19 जैसी अन्य महामारियों का आगे भी सामना करना पड़ेगा. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और ‘International Livestock Research Institute’ की साझा रिपोर्ट में  बढ़ती महामारियों के लिए पशुओं से मिलने वाले प्रोटीन की माँग में इज़ाफ़ा होने, सघन व ग़ैर-टिकाऊ खेती के बढ़ने, वन्यजीवों के दोहन और इस्तेमाल में वृद्धि और जलवायु संकट जैसे कारकों को ज़िम्मेदार बताया गया है. 

ट्राँसफ़ैट के सेवन से बढ़ सकता है अण्डाशय कैंसर का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र के वैज्ञानिकों ने तले हुए खाने-पीने के पदार्थों और प्रोसेस्ड फ़ूड यानि खाने के लिए लम्बे समय तक संरक्षित किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले ‘ट्राँसफैट्स’ (Transfats) और अण्डाशय (Ovarian) कैंसर में सम्बन्ध होने की बात कही है. 

कोविड-19: झूठी व ग़लत जानकारी शेयर करने से पहले ज़रा ठहरें और सोचें!

संयुक्त राष्ट्र ने तमाम लोगों से आग्रह किया है कि उन्होंने कोविड-19 महामारी से बचने के लिए जो सामाजिक दूरी जैसे उपाय अपनाए हैं, उसी तरह के उपाय सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी अपनाएँ और कोई भी सामग्री आगे बढ़ाने यानि शेयर करने से पहले ठहरकर उसके बारे में सावधानी से सोचें.

खाद्य सुरक्षा: ख़रीदारी, गुणवत्ता आश्वासन और भण्डारण

ये वीडियो विश्व खाद्य कार्यक्रम की एक परियोजना के लिए विकसित किये गए हैं, जो भारत सरकार की मिड-डे मील योजना के तहत पका हुआ, गरम भोजन तैयार करने वाले रसोइयों और कार्यकर्ताओं के बीच खाद्य सुरक्षा और साफ़-सफ़ाई बेहतर बनाने के लिए हैं. ये वीडियो स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों/समुदाय आधारित संगठनों के लिए "खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता" पर बुनियादी मार्गदर्शन के रूप में बहुत उपयोगी जानकारी प्रदान कर रहे हैं, जो प्रवासी मज़दूरों, दैनिक मज़दूरी श्रमिकों, सड़क विक्रेताओं और अन्य कमज़ोर समूहों के लोगों को सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन प्रदान करते हैं.

 

इस वीडियो में – भोजन सामग्री की ख़रीद, गुणवत्ता आश्वासन और कच्चे माल के उचित भण्डारण के बारे में जानकारी...