स्वास्थ्य

यौन संक्रमण से हर दिन दस लाख लोग प्रभावित

संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि दुनिया भर में यौन गतिविधियों से होने वाले संक्रमण के बढ़ते मामले तुरंत चेत जाने की चेतावनी देते हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार हर 25 में से एक व्यक्ति ऐसे यौन संक्रमण से प्रभावित है जिसका इलाज संभव है. इसका अर्थ है कि हर लगभग दस लाख लोग यौन संक्रमण का शिकार हो जाते हैं.

सुरक्षित आहार है सेहमतंद जीवन का आधार

असुरक्षित भोजन हर साल चार लाख से ज़्यादा लोगों की मौत का कारण बनता है - इनमें पांच साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या सवा लाख है. इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए 7 जून को पहली बार ‘सुरक्षित आहार दिवस’ मनाया जा जा रहा है जिसके ज़रिए दूषित भोजन से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने और उनकी रोकथाम के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.

भारी-भरकम ख़र्च से जच्चा-बच्चा को है गंभीर ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि बहुत महंगी स्वास्थ्य सेवाओं और देखभाल की वजह से बहुत सी महिलाओं को बच्चे को जन्म देने से पहले और बाद में अक्सर जच्चा-बच्चा दोनों का ही जीवन ख़तरे में डालना पड़ता है. यूनीसेफ़ ने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी है जिसमें बताया गया है कि बहुत सी गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता पड़ने पर ना तो कोई डॉक्टर मिलता है और ना ही कोई नर्स या दाई उपलब्ध होती है.

शिशु विकास के लिए माता-पिता की देखभाल ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ने दुनिया भर के नेताओं का आहवान किया है कि वो पारिवारिक जीवन को आसान और बेहतर बनाने वाली नीतियाँ बनाएँ ताकि माता-पिता और अभिभावकों को अपने बच्चों को जीवन की अच्छी शुरूआत देने में मदद मिल सके. इस बारे में और ज़्यादा जागरूकता बढ़ाने के लिए यूनीसेफ़ ने जून महीने को माता-पिता व अभिभावक महीना घोषित किया है.

तंबाकू को अपनी ज़िंदगी की साँसें ना चुराने दें, स्वास्थ्य एजेंसी का संदेश

तंबाकू सेवन से हर वर्ष लगभग 80 लाख लोगों की मौत हो जाती है. इन गंभीर हालात के मद्देनज़र विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तमाम देशों की सरकारों से धूम्रपान की चुनौती का सामना करने के लिए तेज़ उपाय करने का आग्रह किया है.

छह लाख अफ़ग़ान बच्चे कुपोषण से मौत के कगार पर

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष यूनीसेफ़ ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में मदद के लिए अगर तुरन्त क़रीब 70 लाख डॉलर की रक़म मुहैया नहीं कराई गई तो देश में गंभीर कुपोषण के शिकार लाखों बच्चों की मौत हो सकती है.

काँगो में ईबोला नियंत्रण के प्रयासों के लिए समय बहुत ज़्यादा नहीं

संयुक्त राष्ट्र ने काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में ईबोला पर क़ाबू पाने के लिए अपने प्रयास और ज़्यादा तेज़ और सघन करने की घोषणा की है. काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में ईबोला की महामारी फैले हुए क़रीब दस महीने हो चुके हैं और हाल के सप्ताहों में ईबोला के संक्रमण के मामलों में भी बढ़ोत्तरी हुई है.

कम वज़नी बच्चों का जन्म बना बड़ी समस्या

एक नए शोध के अनुसार 2015 में विश्व भर में दो करोड़ से ज़्यादा कम वज़नी बच्चे पैदा हुए जिनका वज़न ढाई किलो से भी कम था. हर सात में से एक नवजात शिशु के अल्पवज़नी पैदा होने संबंधी तथ्य पहली बार सामने आए हैं जो एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती की ओर इशारा करते हैं. इससे निपटने के लिए और निवेश किए जाने सहित व्यापक पैमाने पर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है.

 

बेहतर जीवनशैली अपनाकर बचा जा सकता है डिमेंशिया से

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर जैसे नियमित व्यायाम करने, कम मात्रा में शराब और सिगरेट पीने से डिमेंशिया (मनोभ्रम) के जोखिम को कम किया जा सकता है. डिमेंशिया एक सिंड्रोम है जिससे मरीज़ की याददाश्त बिगड़ने के साथ उसके व्यवहार में बदलाव देखने को मिलते हैं और रोज़मर्रा के काम करने में मुश्किलें पेश आती हैं.

तकनीक ने दिया टीकाकरण अभियान को सहारा

हाल के सालों में भारत ने पांच साल से कम उम्र के बच्चों की होने वाली मौतों को रोकने के लिए व्यापक प्रयास किए हैं जिनमें सफलता भी मिली है. इसके पीछे दो कारण हैं: समर्पित स्वास्थ्यकर्मियों की बड़ी संख्या जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं, और तकनीक का रणनीतिक ढंग से इस्तेमाल.