स्वास्थ्य

कोविड-19: वैक्सीन वितरण में विषमता से देशों के बीच उभरती दरार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि कोविड-19 संक्रमण के मामलों और मृतक संख्या में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है, मगर विश्व में अब एक विभाजन भी उभरता दिखाई दे रहा है. ऐसा लगता है कि ज़्यादा टीकाकरण वाले देशों में महामारी को मोटे तौर पर ख़त्म माना जा रहा है, जबकि वैक्सीन की क़िल्लत से जूझ रहे देश, संक्रमण की तेज़ लहर की चपेट में हैं.

वैक्सीन की अतिरिक्त ख़ुराकें, ज़रूरतमन्द देशों को दान करने की ज़रूरत, यूनीसेफ़

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ की प्रमुख हेनरिएटा फ़ोर ने सोमवार को आगाह करने के अन्दाज़ में कहा है कि अगर कमज़ोर हालात वाले देशों को वैक्सीन उपलब्ध नहीं हुई तो कोविड-19 महामारी का ख़तरनाक फैलाव जिस तरह भारत में तेज़ी से हुआ है, उसी तरह अन्य देशों में भी फैल सकता है.

कोविड-19: वैश्विक महामारी का दूसरा वर्ष ज़्यादा 'जानलेवा'

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि भारत सहित अनेक देशों में विकट हालात दर्शाते हैं कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का दूसरा वर्ष पहले से कहीं अधिक घातक साबित हो रहा है. उन्होंने धनी देशों से अपील की है कि कोरोनावायरस वैक्सीन का टीकाकरण, बच्चों व किशोरों में करने में जल्दबाज़ी ना करते हुए, वो ख़ुराकें न्यायसंगत वैक्सीन वितरण के लिये स्थापित ‘कोवैक्स’ पहल के तहत दान कर दी जानी चाहिये.

वैश्विक महामारी के रोकथाम उपायों में व्यापक फेरबदल की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा नियुक्त एक पैनल ने अपनी रिपोर्ट में वैश्विक महामारियों के ख़तरों व विनाशकारी असर से निपटने के लिये निडर कार्रवाई का आग्रह किया है. महामारी की तैयारी एवँ जवाबी कार्रवाई के लिये अन्तरराष्ट्रीय पैनल (Independent Panel for Pandemic Preparedness and Response) ने अपनी रिपोर्ट में यूएन स्वास्थ्य एजेंसी को ज़्यादा अधिकार दिये जाने की आवश्यकता पर बल दिया है.

कोविड-19: भारत में फैल रहे कोरोनावायरस का वेरिएंट ‘चिन्ताजनक’

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि शुरुआती अध्ययन दर्शाते हैं कि भारत में मिले कोरोनावायरस का नया प्रकार (B.1.167)  ज़्यादा तेज़ी से फैलता है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने कोरोनावायरस के इस वेरिएंट के वर्गीकरण में बदलाव करते हुए अब इसे चिन्ताजनक (Variant of concern) क़रार दिया है.

भारत: कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई में मदद के लिये WHO की अपील

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में कोविड-19 संक्रमण के मामलों व मृतक संख्या में तेज़ बढ़ोत्तरी जारी रहने पर चिन्ता जताई है. इस बीच, WHO फ़ाउण्डेशन ने कोरोनावायरस की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत में, कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई को समर्थन देने के इरादे से सहायता धनराशि जुटाने की अपील जारी की है, जिसका उद्देश्य ऑक्सीजन, निजी बचाव सामग्री व दवाओँ की व्यवस्था सुनिश्चित करना है.

चीन की वैक्सीन को आपदा प्रयोग के लिये WHO की स्वीकृति

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को घोषणा की है कि चीन में विकसित की गई एक कोविड-19 वैक्सीन को, आपदा प्रयोग की अनुमति दे दी गई है. साइनोफ़ार्म नामक इस वैक्सीन के आपदा प्रयोग को हरी झण्डी मिलने के बाद, इस वैक्सीन का प्रयोग, सम्भवतः उन देशों में किया जा सकेगा जहाँ अभी तक या तो वैक्सीन बिल्कुल भी नहीं पहुँची है या फिर कम मात्रा में पहुँची है.

भारत: जंगल में आग की तरह फैल रहा है संक्रमण, यूनीसेफ़ की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने चिन्ता जताई है कि भारत में कोविड-19 संक्रमण की नई लहर, देश भर में जंगल की आग की तरह फैल रही है. दक्षिण एशिया के अन्य देशों, नेपाल, श्रीलंका और मालदीव में भी कोविड-19 संक्रमण के मामलों में तेज़ बढ़ोत्तरी के कारण, हालात गम्भीर हो गए हैं. यूएन एजेंसी के मुताबिक़ वायरस हर आयु वर्ग के लोगों को संक्रमित कर रहा है जिनमें बच्चे और नवजात शिशु भी हैं. 

भारत: वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने की ज़रूरत

भारत में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की प्रतिनिधि, डॉक्टर यासमीन अली हक़ ने, कोविड-19 संकट के दौरान, सबसे अहम ज़रूरतों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए, देश में टीकाकरण जारी रखने पर बल दिया है. उन्होंने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में ज़ोर देकर कहा कि वैश्विक महामारी पर जवाबी कार्रवाई के तहत, सभी देशों को एक साथ मिलकर, वैक्सीन उत्पादन का दायरा व स्तर बढ़ाने के लिये रणनीति बनानी चाहिये.

 

कोविड-19: वैक्सीन पेटेण्ट अधिकारों में छूट, 'अभूतपूर्व अमेरिकी समर्थन' का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 वैक्सीन के बौद्धिक सम्पदा अधिकारों में छूट के लिये अमेरिकी सरकार द्वारा समर्थन दिये जाने की घोषणा का स्वागत किया है. महासचिव गुटेरेश ने इस निर्णय को अभूतपूर्व क़रार देते हुए कहा है कि यह वैक्सीन उत्पादकों के लिये, ज्ञान व टैक्नॉलॉजी को साझा करने का अवसर है, जिससे स्थानीय स्तर पर वैक्सीन उत्पादन के प्रभावशाली विस्तार की सम्भावना को मूर्त रूप दिया जा सकेगा.