स्वास्थ्य

WHO: महामारी से निपटने की तैयारियों के लिये एक अन्तरराष्ट्रीय सन्धि की पेशकश

दुनिया की अनेक हस्तियों ने, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक के इस प्रस्ताव पर सहमति जताई है कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा की ख़ातिर, भविष्य में कोविड-19 जैसी महामारियों की रोकथाम व उनसे निपटने की तैयारियों के लिये, एक अन्तरराष्ट्रीय सन्धि वजूद में आनी चाहिये.

महामारी के बाद, न्यायसंगत, हरित और स्वस्थ भविष्य में, नगरों की अहम भूमिका

महामारियों और नगरों पर, यूएन पर्यावास (UN Habitat) की एक नई रिपोर्ट में दर्शाया गया है कि नगरीय क्षेत्र सबसे ज़्यादा प्रभावित रहे हैं, किस तरह ये क्षेत्र, भविष्य में होने वाली बीमारियों या महामारियों के प्रभावों को कम कर सकते हैं और ज़्यादा समान, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल बन सकते हैं.

अमेरिका से, वैश्विक टीकाकरण व जलवायु कार्रवाई की अगुवाई करने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन प्रणाली में, अमेरिका की सक्रिय वापसी का स्वागत करते हुए, कोविड-19 महामारी को मात देने के लिये, वैश्विक टीकाकरण में, अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह किया है. उन्होंने सोमवार को, अमेरिका से, नवम्बर 2021 में, ग्लासगो में, होने वाले जलवायु सम्मेलन – कॉप26 को, जलवायु कार्रवाई की दिशा में, एक अति महत्वपूर्ण पड़ाव बनाने का भी आग्रह किया है.

भारत: यूएन शान्तिरक्षकों के लिये कोरोनावायरस वैक्सीन का उपहार

भारत ने, संयुक्त राष्ट्र मिशनों में सेवारत शान्तिरक्षकों के लिये, कोरोनावायरस वैक्सीन की दो लाख ख़ुराकें उपहार स्वरूप भेंट की हैं. मुम्बई से ऑक्सफ़र्ड - ऐस्ट्राज़ेनेका टीकों की ये ख़ुराक़ें, शनिवार को, क़तर एयरवेज़ के विमान के ज़रिये, डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन भेजी गई हैं, जहाँ इनका सुरक्षित भण्डारण किया जाएगा और वहाँ से, विभिन्न शान्ति मिशनों में सेवाएँ प्रदान कर रहे शान्तिरक्षकों को भेजी जाएँगा.   

कोवैक्स पहल - 61 देशों में तीन करोड़ से ज़्यादा वैक्सीन ख़ुराकों का वितरण

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि यूएन की कोवैक्स पहल कारगर साबित हो रही है. ज़रूरतमन्द देशों में कोविड-19 वैक्सीन के न्यायसंगत वितरण के लिये, यूएन के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल के तहत एक महीने में, 61 देशों में तीन करोड़ 20 लाख ख़ुराकों का वितरण किया जा चुका है. 

कोविड-19: लगातार चौथे सप्ताह संक्रमणों में बढ़ोत्तरी दर्ज

संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने चिन्ता जताई है कि दुनिया भर में कोविड-19 संक्रमणों में लगातार चौथे हफ़्ते भी वृद्धि दर्ज की गई है और लगभग हर क्षेत्र इससे प्रभावित है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को बताया कि पिछले सात दिनों की अवधि में 33 लाख नए मामलों की पुष्टि हुई है. योरोपीय और अमेरिकी क्षेत्र अब भी बुरी तरह कोविड-19 महामारी से पीड़ित है, और संक्रमणों व मौतों के हर दस में से आठ मामले इन्हीं क्षेत्रों में दिखाई दे रहे हैं.  

कोविड-19: वैक्सीन में असमानता की खाई, हर दिन हो रही है गहरी और चौड़ी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुखिया ने कहा है कि कोविड-19 की वैक्सीन, धनी देशों में जितनी ज़्यादा संख्या में लोगों को दी जा रही है, और कोवैक्स के तहत जिन देशों को ये वैक्सीन दी जा रही, उनके बीच का बढ़ता अन्तर, हर दिन अब बहुत विचित्र होता जा रहा है.

कोविड-19: महिलाओं पर दोहरी गाज, अग्रिम मोर्चों पर मुस्तैद मगर निर्णय-प्रक्रिया से बाहर

महिला अधिकारों व सशक्तिकरण के लिये काम करने वाले यूएन संगठन – यूएन वीमैन की अध्यक्षा ने कहा है कि निसन्देह दुनिया भर में, स्वास्थ्यकर्मियों में 70 प्रतिशत संख्या महिलाओं की है, और कोविड-19 महामारी से सबसे ज़्यादा और बुरी तरह महिलाएँ ही प्रभावित हुई हैं, फिर भी, महामारी का मुक़ाबला करने से सम्बन्धित निर्णय प्रक्रिया से, महिलाओं को ही, व्यवस्थागत तरीक़े से बाहर रखा जा रहा है. इनमें दुनिया भर में, सरकारों द्वारा संचालित कार्यबल (टास्क फ़ोर्स) भी हैं.

कोविड-19: ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन में संक्रमण व मौतों की रोकथाम करने की 'बड़ी सम्भावनाएँ'

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ऑक्सफ़र्ड-ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन दिये जाने के बाद कुछ लोगों में रक्त के थक्के जमने की शिकायतों से उपजी चिन्ताओं का संज्ञान लेते हुए, देशों से इस वैक्सीन का इस्तेमाल जारी रखने की सिफ़ारिश की है. वैक्सीन सुरक्षा पर यूएन स्वास्थ्य एजेंसी की एक वैश्विक सलाहकार समिति ने दोहराया है कि ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन से होने वाले फ़ायदे, उसके जोखिमों से कहीं ज़्यादा है. साथ ही इस वैक्सीन में, कोविड-19 संक्रमण और मौतों की रोकथाम करने के लिये बहुत सम्भावनाएँ है.  

कोविड-19: वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी क्षति, मगर अपेक्षा से कम असर

संयुक्त राष्ट्र के व्यापार और विकास संगठन – UNCTAD ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने वर्ष 2020 के दौरान, दुनिया भर में तमाम देशों की अर्थव्यवस्थाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसमें ट्रिलियनों डॉलर के बराबर आय का नुक़सान हुआ. संगठन ने गुरूवार को हालाँकि ये भी बताया है कि कुछ देशों ने, किस तरह अनपेक्षित सहनक्षमता दिखाई है.