स्वास्थ्य

कोविड-19: विज्ञान, एकता और एकजुटता, महामारी को हराने के कारगर औज़ार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि बेहतर तैयारी, विज्ञान को सुनने व समझने और एकजुट कार्रवाई ऐसे चन्द औज़ार हैं जिनका इस्तेमाल दुनिया भर में सभी देश कोरोनावायरस संकट पर क़ाबू पाने में कर सकते हैं. यूएन महासचिव गुटेरेश ने रविवार को विश्व स्वास्थ्य शिखर वार्ता को सम्बोधित करते हुए यह बात कही.

कोविड-19: महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में अगले कुछ महीने 'बेहद कठिन'

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के बढ़ते मामलों से चिन्तित शुक्रवार को चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में दुनिया एक अहम चरण में प्रवेश कर रही है और देशों की सरकारों को वायरस पर क़ाबू पाने के लिये तत्काल कार्रवाई करनी होगी. हाल के दिनों में योरोप और अमेरिका में कोरोनावायरस संक्रमण के नए मामले तेज़ी से बढ़े हैं और विश्व में प्रति दिन अब चार लाख से ज़्यादा मामले दर्ज किये जा रहे हैं. 

भारत: बच्चों में होने वाले एचआईवी संक्रमण से जंग - ब्लॉग

भारत में यूएनएड्स ने अपने साझीदार संगठनों के साथ मिलकर बच्चों में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम पर काफ़ी प्रगति की है, लेकिन कोविड-19 ने इसके रास्ते में अनेक चुनौतियाँ भी पेश की हैं. इसी मुद्दे पर, भारत में यूएनएड्स के देश निदेशक, डॉक्टर बिलाली कमारा का ब्लॉग...

कोविड-19: संक्रमण और मौतों के मामलों में तेज़ी, बुनियादी उपायों पर ज़ोर

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने योरोप और उत्तर अमेरिका में कोविड-19 महामारी के मामलों में बढ़ोत्तरी के बीच सरकारों और लोगों से आग्रह किया है कि सावधानी बरतना जारी रखना होगा. यह सतर्कता अस्पतालों में भर्ती मरीज़ों और महामारी से निपटने की कार्रवाई में अग्रिम मोर्चे पर डटे लोगों की बेहतरी के लिये आवश्यक है. 

कोविड-19: दक्षिण-पूर्व एशिया में अब भी अत्यधिक सतर्कता बरतना ज़रूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ज़ोर देकर कहा है कि दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में कोविड-19 मामलों की संख्या में कुछ गिरावट देखने के बावजूद जवाबी कार्रवाई में ज़रा भी कोताही बरतने से हर हाल में बचना होगा. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के मुताबिक महामारी अब भी निर्बाध रूप से फैल रही है और संक्रमणों के फैलाव को दबाने के लिये कार्रवाई को और भी ज़्यादा मज़बूत बनाए जाने की आवश्यकता है.

कोविड-19: वैक्सीन के लिये 2020 के अन्त 50 करोड़ सिरींज के भण्डारण की तैयारी

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के मुक़ाबले रक्षा कवच तैयार करने के लिये एक असरदार वैक्सीन की तलाश के बीच,  वैक्सीन के त्वरित, सुरक्षित और दक्षतापूर्ण वितरण के लिये ज़रूरी प्रक्रिया को मूर्त रूप देना शुरू कर दिया है. इन तैयारियों के तहत इंजेक्शन के लिये 50 करोड़ से ज़्यादा सिरींज और अन्य ज़रूरी उपकरणों की ख़रीदारी और भण्डारण व्यवस्था को पुख़्ता बनाया जा रहा है जिसकी संख्या वर्ष 2021 एक अरब तक बढ़ाए जाने की सम्भावना है. 

कोविड-19: संक्रमण के इलाज में कारगर नहीं रहीं 'एण्टीवायरल दवाएँ'

 विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के ख़िलाफ़ कारगर उपचार की तलाश के लिये संयुक्त राष्ट्र के संयोजन में जारी 'अन्तरराष्ट्रीय एकजुटता वैक्सीन ट्रायल' के ताज़ा नतीजे दर्शाते हैं कि जिन दवाओं का परीक्षण किया जा रहा था उनसे कोरोनावायरस के इलाज में कोई ख़ास मदद नहीं मिली है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने छह महीने पहले एकजुटता ट्रायल (Solidarity Therapeutics Trial) शुरू किया था जिसका उद्देश्य यह जाँच करना था कि कोविड-19 के उपचार में 'एण्टी वायरल' दवाओं सहित अन्य कौन सी दवाएँ कारगर हैं.

एशिया प्रशान्त में बड़ी आबादी सामाजिक संरक्षा से वंचित

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया और प्रशान्त क्षेत्र में आधी से ज़्यादा आबादी को किसी तरह का सामाजिक संरक्षण हासिल नहीं है जिसके कारण बहुत बड़ी आबादी ख़राब स्वास्थ्य, ग़रीबी, असमानता और सामाजिक बहिष्करण का सामना करने को मजबूर है.

WHO: टीबी के ख़िलाफ़ लड़ाई में प्रगति पर ख़तरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि तपेदिक (टीबी) बीमारी के ख़िलाफ़ वैश्विक लड़ाई में प्रगति को बरक़रार रखने के लिये वित्तीय संसाधनों और कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने बुधवार को अपनी नई रिपोर्ट के साथ एक चेतावनी जारी करते हुए आगाह किया है कि समुचित उपायों के अभाव में टीबी की रोकथाम व उपचार के लिये निर्धारित लक्ष्यों को पाने में विफलता हाथ लगने की आशंका है.  

कोविड-19: स्वास्थ्य, सामाजिक व आर्थिक चुनौतियों से निपटने में एकजुटता की दरकार

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से दुनिया भर में ना सिर्फ़ मानव जीवन को भीषण नुक़सान हुआ है बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, खाद्य प्रणालियों और कामकाजी दुनिया के लिये एक अभूतपूर्व चुनौती पैदा हो गई है. संयुक्त राष्ट्र की अग्रणी एजेंसियों ने मंगलवार को एक साझा बयान जारी करके मौजूदा हालात की व्यापकता और विकरालता पर चिन्ता ज़ाहिर की है.