स्वास्थ्य

कोविड-19 अब भी है अन्तरराष्ट्रीय चिन्ता वाली वैश्विक स्वास्थ्य आपदा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की आपात समिति ने कोविड-19 महामारी के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई के लिये यूएन एजेंसी और साझीदार संगठनों की सराहना की है. साथ ही समिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब तक एक करोड़ 70 लाख लोगों को संक्रमित करने वाला और छह लाख 50 हज़ार से अधिक लोगों की मौत का कारण बनने वाला सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट अब भी एक अन्तरराष्ट्रीय चिन्ता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति है जो फ़िलहाल ख़त्म होती नज़र नहीं आ रही है.

नवजात शिशुओं के लिए स्तनपान है सर्वोत्तम आहार

शनिवार, 1 अगस्त, को ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ की शुरुआत हुई है जिसके तहत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने एक साझा अपील जारी करके स्तनपान से होने वाले फ़ायदों और उसके सही तरीक़ों से जुड़ी अहम जानकारी महिलाओं तक पहुंचाने के लिये परामर्श सेवाएँ सुनिश्चित किये जाने की पुकार लगाई है. यूएन एजेंसी के मुताबिक नवजात शिशुओं को जन्म के बाद पहले छह महीनों में सिर्फ़ स्तनपान कराना चाहिये और उसके बाद भी लगभग दो साल तक स्तनपान जारी रखने के प्रयास करने चाहिये.

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19: ‘सदी में एक बार आने वाला संकट’

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वैश्विक महामारी कोविड-19 को एक ऐसा स्वास्थ्य संकट क़रार दिया है जो सदी में एक ही बार आता है और जिसके प्रभाव आने वाले कई दशकों तक महसूस किये जाते रहेंगे. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी की आपात समिति ने 30 जनवरी 2020 को कोविड-19 को अन्तरराष्ट्रीय चिन्ता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा घोषित किये जाने की सिफ़ारिश की थी जिसके छह महीने पूरे होने पर शुक्रवार, 31 जुलाई, को समिति ने फिर बैठक कर मौजूदा हालात की समीक्षा की है. 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी की सलाह – ख़ुद को 'अपराजेय' ना समझें युवा

वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण से गम्भीर रूप से पीड़ित होने का ख़तरा वृद्धजनों को सबसे अधिक है लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने युवा पीढ़ी को आगाह किया है कि इस महामारी से उन्हें भी पूरी तरह सचेत रहना होगा. कोरोनावायरस संक्रमण के अब तक एक करोड़, 68 लाख से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है और छह लाख, 62 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हुई है. 

कोविड-19: दक्षिणपूर्व एशिया की टिकाऊ व समावेशी पुनर्बहाली का ख़ाका पेश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दक्षिणपूर्व एशिया को वैश्विक महामारी कोविड-19 से असरदार ढँग से उबारने के लिये विषमताओं को दूर करना, डिजिटल खाइयों को पाटना, अर्थव्यवस्थाओं को हरित बनाना, मानवाधिकारों की रक्षा करना और सुशासन सुनिश्चित करना अहम होगा. यूएन प्रमुख ने गुरुवार को इस क्षेत्र पर केन्द्रित एक नया नीतिपत्र (Policy brief) जारी किया है जिसमें बेहतर पुनर्बहाली के लिये सिफ़ारिशें पेश की गई हैं. 

सीसा धातु से 80 करोड़ बच्चों के दिमाग़ों पर असर, आधे बच्चे दक्षिण एशिया में

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ और ‘प्योर अर्थ’ की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि  दुनिया भर के लगभग तीन चौथाई बच्चे सीसा धातु के ज़हर के साथ जी रहे हैं. इतनी बड़ी संख्या में  बच्चों के सीसा धातु से प्रभावित होने के मद्देनज़र एसिड बैटरियों को लापरवाही से फेंकने के ख़तरनाक चलन को बन्द करने का आहवान भी किया गया है.

फ़ेस मास्क पहनें और सुरक्षित रहें!

बचिये! कोरोनावायरस का सुपर विलेन आपके पीछे आ रहा है!!! लेकिन आपको भागने, छिपने या डरने की ज़रूरत नहीं है. आपको ज़रूरत है - केवल फ़ेस मास्क पहनने की! देखें इस वीडियो में...

कोविड-19 है 'एक बड़ी लहर' जिसकी रफ़्तार रोकने की दरकार

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी – विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार को कहा है कि कोविड-19 वायरस सम्भवतः साँस सम्बन्धी अन्य बीमारियों की तरह मौसम के बदलावों से प्रभावित नहीं होने वाला है. एजेंसी ने इन हालात के मद्देनज़र इस वायरस का फैलाव रोकने के लिये सामाजिक दूरी रखने के उपाय को ज़्यादा अहमियत देने का आहवान किया है. 

हेपेटाइटिस-बी: नौनिहालों में संक्रमण की दर हुई काफ़ी कम

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को कहा है कि दुनिया भर में पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में सम्भावित जानलेवा हेपेटाइटिस-बी की मौजूदगी वर्ष 2019 में कम हो कर एक प्रतिशत पर आ गई है. उससे पहले वर्ष 1980 से वर्ष 2000 के आरम्भिक दौर के दशक में ये आँकड़ा पाँच प्रतिशत था. उस दौर को हेपेटाइटिस-बी की वैक्सीन बनने से पहले का दौर कहा जाता है.

कोविड-19: अब तक की 'सबसे गम्भीर' वैश्विक स्वास्थ्य आपदा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 अब तक की सबसे गम्भीर स्वास्थ्य आपदा के रूप में उभर कर सामने आई है और यह अनेक देशों में अब भी तेज़ी से फैल रही है. विश्व भर में मौजूदा हालात पर चर्चा के लिये यूएन एजेंसी ने इस सप्ताह गुरुवार को अन्तराष्ट्रीय आपात समिति की बैठक बुलाई. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 के संक्रमण के एक करोड़ 60 लाख  मामलों और इस महामारी से छह लाख 40 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत होने की पुष्टि की है.