स्वास्थ्य

शिक्षा: गर्म भोजन और कुछ ‘पौष्टिक पाउडर’

विश्व खाद्य कार्यक्रम (World Food Programme) भारत में एक ऐसा अनूठा कार्यक्रम चला रहा है, जिसके तहत स्कूल के बच्चों को सरकारी अपरान्ह भोजन योजना के साथ-साथ, पूर्ण पोषण सुनिश्चित करने के लिये विटामिन और खनिजों से भरपूर पोषक सहायक ख़ुराक दी जाती है. बच्चे प्यार से इसे ‘जादुई बुरादा’ कहते हैं. 

भारत: बिहार में बाढ़ से राहत में लैंगिक संवेदनशीलता

भारत के पूर्वी प्रदेश बिहार में बढ़ती कोविड-19 महामारी और ऊपर से बाढ़ की मार ने लोगों की मुसीबतें कई गुना बढ़ा दी हैं. ख़ासतौर पर किशोरियों और महिलाओं के लिये ज़रूरी सेवाओं तक पहुँच बहुत कठिन हो गई है. ऐसे में भारत में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफ़पीए) ने महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य व स्वच्छता सम्बन्धी विभिन्न आवश्यक सेवाएँ देने का बीड़ा उठाया है.  

विश्व मरीज़ सुरक्षा दिवस: मरीज़ों को बचाने के लिये स्वास्थ्यकर्मियों की रक्षा ज़रूरी

वैश्विक महामारी कोविड-19 ने दुनिया को अहसास दिलाया है कि लोगों की पीड़ाएँ दूर करने और मरीज़ों की ज़िन्दगियाँ बचाने में स्वास्थ्यकर्मियों का अहम योगदान है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरुवार को ‘विश्व मरीज़ सुरक्षा दिवस’ के अवसर पर मरीज़ों की सुरक्षा और सुश्रुषा सुनिश्चित करने के लिये स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा और बचाव के लिये हरसम्भव प्रयास किये जाने की अहमियत पर बल दिया है. 

कोविड-19 का मुक़ाबला: ज़िन्दगियों की रक्षा, भावी झटकों से निपटने की तैयारी, बेहतर पुनर्बहाली

वर्ष 2020 में कोरोनावायरस के कारण अब तक लाखों लोगों की जान जा चुकी है, ढाई करोड़ से ज़्यादा लोग संक्रमित हुए हैं, विभिन्न देशों में विकराल सामाजिक और आर्थिक क्षति हुई है और मानवीय राहत पहुँचाने व मानवाधिकारों की रक्षा के प्रयास व्यापक स्तर पर प्रभावित हुए हैं. बुधवार को संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी एक नई रिपोर्ट में ये तथ्य उभरकर सामने आए हैं. 

 

कोविड-19: किफ़ायती वैक्सीन ‘सर्वजन को उपलब्ध करानी होगी’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 से निपटा जाना अब भी वैश्विक चुनौतियों के एजेण्डे में सर्वोपरि है जिसके तहत एक असरदार व किफ़ायती वैक्सीन का विकसित होना और सभी के लिये उपलब्ध होना इस लड़ाई का अहम हिस्सा है. यूएन प्रमुख ने महासभा के 75वें सत्र में होने वाले उच्चस्तरीय सप्ताह से पहले एक प्रैस वार्ता को सम्बोधित करते हुए बताया कि कोविड-19 महामारी अब भी नियन्त्रण से बाहर है और दुनिया एक बेहद गम्भीर चरण का सामना कर रही है. 

कोविड-19: वैक्सीन के लिये धन जुटाने में तूफ़ानी तेज़ी की दरकार

वैश्विक नेतृत्वकर्ताओं ने कोविड-19 के संक्रमण के ऐसे परीक्षण किटों, दवाओं और टीकों का विकास तेज़ी से करने के प्रति अपना संकल्प व्यक्त किया है जो किसी भी ज़रूरतमन्द इनसान को हर जगह उपलब्ध हों. इन नेताओं में 30 से अधिक देशों के मुखिया और मन्त्री शामिल थे.

कोविड-19: दक्षिण-पूर्व एशिया बैठक में सामूहिक मुक़ाबले का संकल्प

विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के सदस्य देशों ने वैश्विक महामारी कोविड-19 का मुक़ाबला सामूहिक रूप से करने और महामारी के दौरान ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया कराने के लिये स्वास्थ्य प्रणालियों को मज़बूत करने का संकल्प लिया है. क्षेत्रीय समिति का 73वाँ सत्र गुरूवार को वर्चुअली सम्पन्न हुआ जिसकी मेज़बानी थाईलैण्ड ने की और इसमें शिरकत करने वाले मन्त्रियों ने इस आशय के एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किये. 

कोविड-19: महामारी से निपटने के लिये स्वास्थ्य सेवाओं में ज़्यादा निवेश की पुकार

थाईलैण्ड की राजधानी बैन्कॉक में बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में स्थित कार्यालय के 73वें क्षेत्रीय समिति सत्र की शुरुआत हुई है जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य प्रणालियों को मज़बूत बनाने के लिये अधिक निवेश और कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के लिए निरन्तर प्रयास करने के साथ-साथ क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया है.
 

कोविड-19: बच्चों की ज़िंदगियाँ दाँव पर, स्वास्थ्य क्षेत्र में दशकों की प्रगति पर ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि पाँच साल से कम उम्र के बच्चों की मौतों गिरावट लाने में दशकों की प्रगति पर कोविड-19 महामारी का ख़तरा मंडरा रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने सभी देशों से इस वैश्विक संकट के दौरान बच्चों और महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने की अपील की है.

कोविड-19 की चपेट में भारत – जवाबी कार्रवाई में यूएन एजेंसियों की अहम भूमिका 

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 संक्रमण के मामले भारत में तेज़ी से बढ़ रहे हैं और संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत अब विश्व में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है. देश के अनेक राज्यों में गम्भीर हालात के मद्देनज़र संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ भारत सरकार के साथ राष्ट्रीय, राज्य और ज़िला स्तर पर महामारी से निपटने की कार्रवाई के तहत स्वास्थ्य प्रणालियों और सेवाओं को पुख़्ता बनाने, बचाव उपाय अपनाने और हालात की समीक्षा सहित अन्य प्रयासों में जुटी हैं.