स्वास्थ्य

कोविड-19: दक्षिण-पूर्व एशिया में अब भी अत्यधिक सतर्कता बरतना ज़रूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ज़ोर देकर कहा है कि दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में कोविड-19 मामलों की संख्या में कुछ गिरावट देखने के बावजूद जवाबी कार्रवाई में ज़रा भी कोताही बरतने से हर हाल में बचना होगा. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के मुताबिक महामारी अब भी निर्बाध रूप से फैल रही है और संक्रमणों के फैलाव को दबाने के लिये कार्रवाई को और भी ज़्यादा मज़बूत बनाए जाने की आवश्यकता है.

कोविड-19: वैक्सीन के लिये 2020 के अन्त 50 करोड़ सिरींज के भण्डारण की तैयारी

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के मुक़ाबले रक्षा कवच तैयार करने के लिये एक असरदार वैक्सीन की तलाश के बीच,  वैक्सीन के त्वरित, सुरक्षित और दक्षतापूर्ण वितरण के लिये ज़रूरी प्रक्रिया को मूर्त रूप देना शुरू कर दिया है. इन तैयारियों के तहत इंजेक्शन के लिये 50 करोड़ से ज़्यादा सिरींज और अन्य ज़रूरी उपकरणों की ख़रीदारी और भण्डारण व्यवस्था को पुख़्ता बनाया जा रहा है जिसकी संख्या वर्ष 2021 एक अरब तक बढ़ाए जाने की सम्भावना है. 

कोविड-19: संक्रमण के इलाज में कारगर नहीं रहीं 'एण्टीवायरल दवाएँ'

 विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के ख़िलाफ़ कारगर उपचार की तलाश के लिये संयुक्त राष्ट्र के संयोजन में जारी 'अन्तरराष्ट्रीय एकजुटता वैक्सीन ट्रायल' के ताज़ा नतीजे दर्शाते हैं कि जिन दवाओं का परीक्षण किया जा रहा था उनसे कोरोनावायरस के इलाज में कोई ख़ास मदद नहीं मिली है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने छह महीने पहले एकजुटता ट्रायल (Solidarity Therapeutics Trial) शुरू किया था जिसका उद्देश्य यह जाँच करना था कि कोविड-19 के उपचार में 'एण्टी वायरल' दवाओं सहित अन्य कौन सी दवाएँ कारगर हैं.

एशिया प्रशान्त में बड़ी आबादी सामाजिक संरक्षा से वंचित

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया और प्रशान्त क्षेत्र में आधी से ज़्यादा आबादी को किसी तरह का सामाजिक संरक्षण हासिल नहीं है जिसके कारण बहुत बड़ी आबादी ख़राब स्वास्थ्य, ग़रीबी, असमानता और सामाजिक बहिष्करण का सामना करने को मजबूर है.

WHO: टीबी के ख़िलाफ़ लड़ाई में प्रगति पर ख़तरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि तपेदिक (टीबी) बीमारी के ख़िलाफ़ वैश्विक लड़ाई में प्रगति को बरक़रार रखने के लिये वित्तीय संसाधनों और कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने बुधवार को अपनी नई रिपोर्ट के साथ एक चेतावनी जारी करते हुए आगाह किया है कि समुचित उपायों के अभाव में टीबी की रोकथाम व उपचार के लिये निर्धारित लक्ष्यों को पाने में विफलता हाथ लगने की आशंका है.  

कोविड-19: स्वास्थ्य, सामाजिक व आर्थिक चुनौतियों से निपटने में एकजुटता की दरकार

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से दुनिया भर में ना सिर्फ़ मानव जीवन को भीषण नुक़सान हुआ है बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, खाद्य प्रणालियों और कामकाजी दुनिया के लिये एक अभूतपूर्व चुनौती पैदा हो गई है. संयुक्त राष्ट्र की अग्रणी एजेंसियों ने मंगलवार को एक साझा बयान जारी करके मौजूदा हालात की व्यापकता और विकरालता पर चिन्ता ज़ाहिर की है.  

कोविड-19: संक्रमितों के स्वास्थ्य पर दीर्घकालीन असर चिन्ता का सबब

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अनेक देशों में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में आई तेज़ी के बीच उन लोगों के स्वास्थ्य के प्रति चिन्ता जताई है जो कोरोनावायरस से संक्रमित होने के कई महीने बाद भी थकान, साँस लेने में परेशानी सहित अन्य स्वास्थ्य कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं. यूएन एजेंसी के मुताबिक स्वास्थ्य जोखिमों के मद्देनज़र कोविड-19 को बेक़ाबू होकर फैलने देने की अनुमति किसी भी हालात में नहीं दी जा सकती.    

कोविड-19: संयुक्त राष्ट्र म्याँमार में लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिये तत्पर   

म्याँमार में संयुक्त राष्ट्र की 20 से ज़्यादा एजेंसियाँ वैश्विक महामारी कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई के तहत समन्वित प्रयासों में जुटी है. अग्रिम मोर्चे पर डटे यूएन कर्मचारी लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाने और उनकी आजीविकाओं की रक्षा करने के लिये संगठन के प्रयासों को मज़बूती दे रहे हैं.  म्याँमार में अब तक कोविड-19 के संक्रमण के 26 हज़ार से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हुई है और 598 लोगों की मौत हुई है. 

'विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस' पर यूएन महासचिव का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार, 10 अक्टूबर, को ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ के अवसर पर कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से उपजे संकट से तेज़ी से उबरने के लिये यह ज़रूरी है कि सभी ज़रूरतमन्दों को गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराई जाए.  

गुणवत्तापरक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश बढ़ाने की पुकार

वैश्विक महामारी कोविड-19 से उपजे गहरे संकट से तेज़ी से उबरने के लिये यह ज़रूरी है कि सभी ज़रूरतमन्दों को गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराई जाए. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार, 10 अक्टूबर, को ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ के अवसर पर आगाह किया है कि कोरोनावायरस के कारण लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी असर हुआ है और इसके दुष्परिणामों से निपटने के लिये संसाधन निवेश की तत्काल सख़्त ज़रूरत है.