स्वास्थ्य

कोविड-19: ‘वैक्सीन की जमाखोरी’ से अफ़्रीका पर मंडराता जोखिम

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरुवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कोविड-19 महामारी से बचाव के लिये, अफ़्रीका से इतर, अन्य क्षेत्रों में स्थित देश टीकों की जमाखोरी और द्विपक्षीय समझौते कर रहे हैं. इसके परिणामस्वरूप वैक्सीन की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी हो रही है जिससे महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में अफ़्रीका के पीछे छूट जाने का जोखिम है. 

अमेरिका: वैश्विक स्वास्थ्य में फिर से अहम भूमिका निभाने की घोषणा

अमेरिका के शीर्ष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एंथनी फ़ाउची ने कहा है कि अमेरिका, यूएन स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) द्वारा, कोविड-19 पर क़ाबू पाने के लिये निर्धन देशों की मदद के उद्देश्य से शुरू की गई पहल में शामिल होने के लिये तैयार है. इसके अतिरिक्त उन्होंने सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल सुलभता और गर्भपात सेवाओं सहित अन्य स्वास्थ्य उपायों के समर्थन में खड़े होने का संकल्प व्यक्त किया है. 

WHO में अमेरिका की वापसी का स्वागत, वैश्विक एकजुटता का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अमेरिका के नए राष्ट्रपति जोसेफ़ बाइडेन के उस फ़ैसले का स्वागत किया है जिसमें उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ सम्बन्ध फिर से स्थापित करने की घोषणा की है. जो बाइडेन ने बुधवार को इस घोषणा में, वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य और सुरक्षा को आगे बढ़ाने में पूर्ण भागीदारी जारी रखने की बात भी कही है.

एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में लगभग 1.9 अरब लोग स्वस्थ ख़ुराकों से वंचित

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों ने एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि कोरोनावायरस महामारी और खाद्य पदार्थों की बढ़ती क़ीमतों के कारण, एशिया प्रशान्त क्षेत्र में, लगभग दो अरब लोगों को भोजन की सम्पूर्ण और स्वस्थ ख़ुराकें नहीं मिल पा रही हैं. 

कोविड-19: स्वतन्त्र आयोग की अन्तरिम रिपोर्ट, जवाबी कार्रवाई में मिली कमियाँ

कोरोनावायरस संकट की पृष्ठभूमि में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा नियुक्त विशेषज्ञों ने कहा है कि मौजूदा वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली, विश्वव्यापी महामारियों के प्रति समय रहते आगाह करने और पुख़्ता जवाबी कार्रवाई करने के लिये पूरी तरह सक्षम नहीं है. इन विशेषज्ञों ने मंगलवार को अपनी एक अन्तरिम रिपोर्ट जारी की है जिसमें कोविड-19 महामारी और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों से निपटने के लिये एक नए ढाँचे की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है.

कोविड-19: वैक्सीन टीका वितरण में 'विनाशकारी नैतिक विफलता' की चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि कुछ देशों में कोविड-19 वैक्सीन को पहले केवल अपने जनसमूहों को दिये जाने की प्रवृत्ति से इन जीवनदायी उपचारों की न्यायसंगत सुलभता पर जोखिम खड़ा हो गया है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख घेबरेयेसस ने सोमवार को कार्यकारी बोर्ड को सम्बोधित करते हुए कहा कि वैक्सीन टीकों से आशा का संचार हुआ है, लेकिन ये स्थिति, दुनिया में साधन-सम्पन्न और वंचितों के बीच मौजूद विषमता की दीवार में एक और ईंट बन गया है. 

कोविड-19: हवाई यात्राओं में भारी गिरावट, 370 अरब डॉलर का घाटा

संयुक्त राष्ट्र की वायु परिवहन एजेंसी की एक नई रिपोर्ट में, कोविड-19 के कारण अन्तरराष्ट्रीय वायु यात्राओं में आई भीषण गिरावट की पुष्टि करती है. रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 2020 में लगभग 60 प्रतिशत कमी आई है और इस तरह की गिरावट, अन्तिम बार वर्ष 2003 में दर्ज की गई थी.     

कोविड-19: भारत में टीकाकरण, यूएन एजेंसियाँ मदद में सक्रिय

भारत में, कोविड-19 महामारी से निपटने के लिये शनिवार, 16 जनवरी को टीकाकरण शुरू किया गया है. भारत सरकार ने कोरोनावायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये दो वैक्सीनों को मंज़ूरी दी है, जिनमें से एक ऑक्सफ़र्ड-ऐस्ट्राज़ेनेका की वैक्सीन है और दूसरी (कोवैक्सीन) भारत में ही बनाई गई है. विभिन्न यूएन एजेंसियाँ टीकाकरण में सक्रिय मदद कर रही हैं.

कोविड-19 से मृत्यु संख्या 20 लाख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि हमारी दुनिया एक हृदय विदारक पड़ाव पर पहुँच गई है: कोविड19 महामारी ने अब 20 लाख ज़िन्दगियाँ ख़त्म कर दी हैं.इस दहला देने वाली संख्या के पीछे नाम और चेहरे हैं: एक ऐसी मुस्कान, जो अब केवल यादें बनकर रह गई है, खाने की मेज़ पर अब कोई कुर्सी हमेशा के लिये ख़ाली हो गई है, एक ऐसी जगह जहाँ प्रियजनों की ख़ामोशियाँ गूँजती हैं...

कोविड-19: मृतक संख्या 20 लाख, आत्मघाती 'वैक्सीन राष्ट्रवाद' के ख़िलाफ़ चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, कोरोनावायरस महामारी के प्रकोप से, विश्व भर में होने वाली मौतों की संख्या 20 लाख हो जाने के दुखद पड़ाव पर, शुक्रवार को तमाम देशों से अपील की है कि वो इस महामारी का ख़ात्मा करने और लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाने में एकजुट होकर काम करें और एकदूसरे की मदद करें. यूएन महासचिव ने एक वीडियो सन्देश में कहा कि एक वैश्विक और समन्वित प्रयास के अभाव की स्थिति में, महामारी का घातक और जानलेवा प्रभाव और भी ज़्यादा विनाशकारी साबित हुआ है.