स्वास्थ्य

कोविड-19: ऑक्सफ़र्ड-ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन से जुड़ी कुछ अहम बातें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में विशेषज्ञों के रणनीतिक सलाहकार समूह (SAGE) ने ऑक्सफ़र्ड-ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन के इस्तेमाल पर अपनी अन्तरिम सिफ़ारिशें जारी की हैं. एक नज़र कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर…

कोविड-19: संक्रमण व मौतों की संख्या में कमी, मगर वैक्सीन वितरण में चुनौतियाँ बरक़रार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण फैलाव और उससे होने वाली मौतों की संख्या में दुनिया भर में गिरावट दर्ज की गई है जोकि एक सकारात्मक संकेत है. लेकिन यूएन एजेंसी ने, साथ ही आगाह भी किया है कि टीकाकरण अभियान के बीच, न्यायसंगत वैक्सीन वितरण के लिये यूएन की पहल, कोवैक्स, के समक्ष अब भी  बड़ी चुनौतियाँ मौजूद  हैं, जिनसे तत्काल निपटे जाने की आवश्यकता है. 

WHO: ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन का इस्तेमाल सभी के लिये सही उपाय

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक विशेषज्ञ पैनल ने कोरोनावायरस के नए रूप से होने वाले संक्रमण की रोकथाम में ऑक्सफ़र्ड-ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन की प्रभावशीलता पर उठे सवालों और चिन्ताओं को दरकिनार किया है. यूएन एजेंसी के विशेषज्ञों ने ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन के इस्तेमाल पर अन्तरिम सिफ़ारिशें पेश करते हुए कहा है कि इसकी ख़ुराकें दिया जाना सही है, उन देशों में भी जहाँ कोविड-19 की नई क़िस्मे उभर रही हैं. 
 

कोविड-19: वूहान जाँच दल ने कहा, वायरस के, लैब से निकलने की सम्भावना 'बेहद कम'

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा गठित अन्तरराष्ट्रीय टीम के विशेषज्ञों ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के फैलाव के लिये ज़िम्मेदार वायरस के, पशुओं से मनुष्यों के सम्पर्क में आने की सम्भावना सबसे अधिक है. चीन के वूहान शहर में कोरोनावायरस के स्रोत की जाँच में जुटी टीम ने स्पष्ट किया है कि इस वायरस के किसी लैब (प्रयोगशाला) से लीक होने की सम्भावना बेहद कम है. 

कोविड-19: वायरस की नई क़िस्में - वैक्सीनों की कारगरता पर सवाल

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने आगाह किया है कि कोरोनावायरस के नए प्रकारों (क़िस्मों) के फैलाव से चिन्ता व्याप्त है और ये भी सवाल उठ रहे हैं कि संक्रमण की रोकथाम के लिये मौजूदा टीके कितने कारगर साबित होंगे. उन्होंने कहा कि वैक्सीनों में, आवश्यकता के अनुरूप बदलाव किये जाने होंगे, ताकि कोविड-19 की रोकथाम के लिये टीकों की कारगरता बनाए रखने में मदद मिल सके. 

कोविड-19: वायरस के 'सर्वत्र उन्मूलन' के लिये वैक्सीनें साझा किया जाना ज़रूरी

वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण के जितने मामले अब सामने आ रहे हैं उससे कहीं बड़ी संख्या में, महामारी की रोकथाम के लिये एक दिन में टीके लगाए जा रहे हैं. लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को आगाह किया है कि टीकाकरण अभियान चला रहे देशों में स्वास्थ्यकर्मियों और बुज़ुर्गों को टीके लगाए जाने के बाद ज़रूरतमन्द देशों को भी वैक्सीन की ख़ुराकें भेजी जानी होंगी. यूएन एजेंसी ने ध्यान दिलाया है कि घातक कोरोनावायरस का पूर्ण उन्मूलन करने के लिये यह ज़रूरी है.

कोविड-19: अफ़्रीका में वैक्सीन की करोड़ों ख़ुराकें भेजने की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली साझा पहल ‘कोवैक्स’ के तहत कोविड-19 वैक्सीन की नौ करोड़ ख़ुराकें, अफ़्रीकी देशों में भेजे जाने की प्रक्रिया, फ़रवरी में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरूवार को बताया कि अफ़्रीकी महाद्वीप पर यह पहली बार होगा जबकि इतने व्यापक स्तर पर टीकाकरण मुहिम संचालित की जाएगी. 

कोविड-19: यूएन पहल के तहत 145 देशों में अहम कामगारों को मिलेगी वैक्सीन

वैश्विक महामारी कोविड-19 की रोकथाम और बचाव के लिये 145 देशों में अहम सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों और अन्य निर्बल व्यक्तियों को इस वर्ष की पहली छमाही में वैक्सीन मिल जानी चाहिये. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और साझीदार संगठनों ने बुधवार को इस आशय की घोषणा करते हुए बताया कि यह मदद कोरोनावायरस वैक्सीन के न्यायसंगत वितरण के लिये संचालित मुहिम कोवैक्स के तहत उपलब्ध कराई जाएगी. 

WHO की चेतावनी – कैंसर मरीज़ों की देखभाल पर कोविड-19 का गहरा असर

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 की वजह से दुनिया भर में कैंसर बीमारी के निदान और उपचार पर भारी असर हुआ है और इससे लगभग सभी देश प्रभावित हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी  4 फ़रवरी को ‘विश्व कैंसर दिवस’ से पहले,  मंगलवार को बताया कि अब, स्तन कैंसर के मामले सबसे अधिक संख्या में सामने आ रहे हैं. 

कोविड-19: नए मामलों की संख्या में गिरावट ‘उत्साहजनक ख़बर’ 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि हाल के दिनों में कोविड-19 के संक्रमणों में गिरावट आई है जिससे झलकता है कि नए प्रकार के वायरस के फैलाव के बावजूद इस पर क़ाबू पाया जा सकता है. लेकिन यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने चेतावनी भी जारी की है कि यह समय ढिलाई बरते जाने का नहीं है. पिछले वर्ष क़रीब सभी देशों में संक्रमण के मामलों में कमी आई थी लेकिन फिर स्वास्थ्य उपायों के कमज़ोर पड़ते ही वायरस को फिर से पनपने को मौक़ा मिल गया.