स्वास्थ्य

कोविड-19: संक्रमितों के स्वास्थ्य लाभ के लिये नए दिशानिर्देश

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड-19 संक्रमण से पीड़ित मरीज़ों की स्वास्थ्य देखभाल के लिये मंगलवार को नए दिशानिर्देश जारी किये हैं. इन गाइडलाइन्स में उन मरीज़ों की स्वास्थ्य दिक्कतों पर भी ध्यान केन्द्रित किया गया है जोकि कोरोनावायरस संक्रमण से उबरने के कई महीने बाद भी इसके लक्षणों से पीड़ित (Long COVID) हैं और पूरी तरह ठीक महसूस नहीं कर पा रहे हैं.   

दावोस बैठक में यूएन प्रमुख का सन्देश - महामारी से पुनर्बहाली में निजी क्षेत्र की अहम भूमिका

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अग्रणी व्यवसायियों को सम्बोधित करते हुए ध्यान दिलाया है कि कोविड-19 और जलवायु संकट से देशों को बाहर निकालने में निजी क्षेत्र को अहम भूमिका निभानी होगी. यूएन प्रमुख ने सोमवार को स्विट्ज़रलैण्ड के दावोस शहर में विश्व आर्थिक मँच की वार्षिक बैठक में वर्चुअल शिरकत करते हुए कहा कि महामारी से पुनर्बहाली की प्रक्रिया में समावेशन को सुनिश्चित करते हुए टिकाऊ विकास की दिशा में क़दम बढ़ाए जाने होंगे. 

कोविड-19: वायरस के नए प्रकार से 'गम्भीर संक्रमणों' की लहर का ख़तरा

वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण हाल के महीनों में व्यापक क्षति हुई है और वायरस का नया रूप जल्द ही संक्रमणों के मामलों में फिर से तेज़ उछाल का सबब बन सकता है. संयुक्त राष्ट्र में राजनैतिक और शान्तिनिर्माण मामलों की अवर महासचिव रोज़मैरी डीकार्लो ने सोमवार को सुरक्षा परिषद को वीडियो लिन्क के ज़रिये सम्बोधित करते हुए कहा कि महामारी की वजह से कूटनीतिक और शान्ति स्थापना प्रयासों में बाधाओं और जटिलताओं का सामना करना पड़ा है.

कोविड-19: पूर्ण ख़ात्मे के लिये, इसका अन्त हर किसी के लिये ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 जब तक हर किसी के लिये ख़त्म नहीं हो जाती, तब तक इस महामारी का अन्त किसी के लिये भी नहीं होगा. यूएन के विशेष रैपोर्टेयर ने महामारी पर क़ाबू पाने के लिये वैश्विक स्तर पर न्यायसंगत टीकाकरण सम्भव बनाने और समन्वित प्रयासों की पुकार लगाई है. 

कोविड-19: ‘वैक्सीन की जमाखोरी’ से अफ़्रीका पर मंडराता जोखिम

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरुवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कोविड-19 महामारी से बचाव के लिये, अफ़्रीका से इतर, अन्य क्षेत्रों में स्थित देश टीकों की जमाखोरी और द्विपक्षीय समझौते कर रहे हैं. इसके परिणामस्वरूप वैक्सीन की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी हो रही है जिससे महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में अफ़्रीका के पीछे छूट जाने का जोखिम है. 

अमेरिका: वैश्विक स्वास्थ्य में फिर से अहम भूमिका निभाने की घोषणा

अमेरिका के शीर्ष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एंथनी फ़ाउची ने कहा है कि अमेरिका, यूएन स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) द्वारा, कोविड-19 पर क़ाबू पाने के लिये निर्धन देशों की मदद के उद्देश्य से शुरू की गई पहल में शामिल होने के लिये तैयार है. इसके अतिरिक्त उन्होंने सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल सुलभता और गर्भपात सेवाओं सहित अन्य स्वास्थ्य उपायों के समर्थन में खड़े होने का संकल्प व्यक्त किया है. 

WHO में अमेरिका की वापसी का स्वागत, वैश्विक एकजुटता का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अमेरिका के नए राष्ट्रपति जोसेफ़ बाइडेन के उस फ़ैसले का स्वागत किया है जिसमें उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ सम्बन्ध फिर से स्थापित करने की घोषणा की है. जो बाइडेन ने बुधवार को इस घोषणा में, वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य और सुरक्षा को आगे बढ़ाने में पूर्ण भागीदारी जारी रखने की बात भी कही है.

एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में लगभग 1.9 अरब लोग स्वस्थ ख़ुराकों से वंचित

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों ने एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि कोरोनावायरस महामारी और खाद्य पदार्थों की बढ़ती क़ीमतों के कारण, एशिया प्रशान्त क्षेत्र में, लगभग दो अरब लोगों को भोजन की सम्पूर्ण और स्वस्थ ख़ुराकें नहीं मिल पा रही हैं. 

कोविड-19: स्वतन्त्र आयोग की अन्तरिम रिपोर्ट, जवाबी कार्रवाई में मिली कमियाँ

कोरोनावायरस संकट की पृष्ठभूमि में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा नियुक्त विशेषज्ञों ने कहा है कि मौजूदा वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली, विश्वव्यापी महामारियों के प्रति समय रहते आगाह करने और पुख़्ता जवाबी कार्रवाई करने के लिये पूरी तरह सक्षम नहीं है. इन विशेषज्ञों ने मंगलवार को अपनी एक अन्तरिम रिपोर्ट जारी की है जिसमें कोविड-19 महामारी और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों से निपटने के लिये एक नए ढाँचे की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है.

कोविड-19: वैक्सीन टीका वितरण में 'विनाशकारी नैतिक विफलता' की चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि कुछ देशों में कोविड-19 वैक्सीन को पहले केवल अपने जनसमूहों को दिये जाने की प्रवृत्ति से इन जीवनदायी उपचारों की न्यायसंगत सुलभता पर जोखिम खड़ा हो गया है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख घेबरेयेसस ने सोमवार को कार्यकारी बोर्ड को सम्बोधित करते हुए कहा कि वैक्सीन टीकों से आशा का संचार हुआ है, लेकिन ये स्थिति, दुनिया में साधन-सम्पन्न और वंचितों के बीच मौजूद विषमता की दीवार में एक और ईंट बन गया है.