स्वास्थ्य

कोविड-19: मौजूदा टीकों में सम्भवत: बदलाव की ज़रूरत, विशेषज्ञों की चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा नियुक्त एक विशेषज्ञ समूह ने कहा है कि कोविड-19 से बचाव के लिये, मौजूदा टीकों में बदलाव करने की ज़रूरत पड़ सकती है, ताकि ओमिक्रॉन और भविष्य में उभरने वाले वैरीएण्ट्स के विरुद्ध भी, उनका असर बरक़रार रहे. 

योरोपीय क्षेत्र में, आगामी दो महीनों में, आधी आबादी के ओमिक्रॉन से संक्रमित होने की आशंका

योरोपीय क्षेत्र के लिये यूएन स्वास्थ्य एजेंसी (WHO EURO) ने एक नए विश्लेषण का उल्लेख करते हुए, अगले छह से आठ सप्ताह के दौरान, क्षेत्र की लगभग 50 फ़ीसदी आबादी के ओमिक्रॉन से संक्रमित होने की सम्भावना जताई है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने योरोप व मध्य एशिया में, आने वाले दिनों में संक्रमण मामलों में तेज़ उछाल की आशंका के बीच, हालात से निपटने के लिये तीन अहम सन्देश साझा किये हैं.

कोविड-19: वैक्सीन समता, उपचार समता, परीक्षण समता सुनिश्चित किये जाने पर बल

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने में, वैक्सीन समता, उपचार समता, परीक्षण समता, स्वास्थ्य समता की पुकार लगाई है, और कहा है कि मौजूदा हालात में बदलाव लाने के लिये, आमजन को अपनी आवाज़ बुलन्द करनी होगी.  

अफ़ग़ानिस्तान: बच्चों पर बढ़ता स्वास्थ्य संकट

अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ते कुपोषण, अभूतपूर्व खाद्य संकट, सूखा, स्वास्थ्य व पोषण केन्द्रों में व्यवधान, पानी एवं स्वच्छता सेवाओं तक पहुँच की कमी व भीषण सर्दी के घातक संयोजन से बच्चे बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं. एक वीडियो रिपोर्ट...

सर्वाइकल कैंसर का पूर्ण उन्मूलन करके, बन सकता है नया इतिहास

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी – WHO ने कहा है कि अलबत्ता, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और इलाज सम्भव है, मगर फिर भी ये ऐसी बीमारी है जो, दुनिया भर में, प्रजनन आयु में कैंसर के कारण महिलाओं की मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है.

ओमिक्रॉन से बचाव के लिये, 70 फ़ीसदी आबादी का टीकाकरण ज़रूरी - WHO

कोविड-19 का ओमिक्रॉन वैरीएण्ट तेज़ी से दुनिया को अपनी चपेट में ले रहा है, जिसके मद्देनज़र, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सभी देशों में 70 प्रतिशत आबादी के लिये, जीवनरक्षक कोरोनावायरस टीकों का वितरण यथाशीघ्र सुनिश्चित किये जाने का आग्रह किया है.

कोविड-19: 40 फ़ीसदी आबादी के टीकाकरण में विफलता, 'नैतिक शर्मिन्दगी'

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि वर्ष 2021 के अन्त तक 40 फ़ीसदी विश्व आबादी के टीकाकरण का लक्ष्य पूरा कर पाना सम्भव था, मगर उसमें मिली विफलता एक नैतिक शर्मिन्दगी है और इसकी क़ीमत, लोगों को अपने जीवन से चुकानी पड़ी है. 

2021 पर एक नज़र:  वायरस को 'कम करके आँकना, होगी एक बड़ी भूल' 

कोविड-19 महामारी के विरुद्ध बेहद कम समय में, चमत्कारी ढँग से कारगर वैक्सीन विकसित होने के बावजूद, कोरोनावायरस का फैलना और उसका रूप व प्रकार बदलना जारी है. वैश्विक महामारी के लम्बा खिंच जाने की एक प्रमुख वजह, वैश्विक सहयोग व एकजुटता का अभाव बताई गई है. वर्ष 2021 के दौरान, विकासशील देशों में आबादी को संक्रमण से रक्षा कवच प्रदान करने के लिये वैक्सीन वितरण की शुरुआत की गई, और भावी स्वास्थ्य संकटों से निपटने की तैयारियों की दिशा में क़दम बढ़ाये गए. 

संक्रामक बीमारियाँ हैं विश्वव्यापी ख़तरा, रोकथाम के लिये पुख़्ता तैयारियों पर बल 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी ध्यान दिलाती है कि दुनिया स्थानीय स्तर पर फैलने वाली बीमारियों के सीमाओं से परे जाकर फैलने और उन्हें विश्वव्यापी महामारियों के रूप में उभरने से रोकने के लिये तैयार नहीं है. 

कोविड-19: ताबड़तोड़ बूस्टर टीके लगाने से, 'वैक्सीन विषमता गहराने का ख़तरा'

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने आगाह किया है कि कोविड-19 से बचाव के लिये अन्धाधुन्ध तरीक़े से, वैक्सीन के अतिरिक्त टीके (Booster dose) लगाने के कार्यक्रमों से वैश्विक महामारी के लम्बा खिंच जाने और विश्व में वैक्सीन विषमता गहराने की आशंका है.