स्वास्थ्य

भावी महामारियों से रक्षा के लिये वैश्विक समझौते की दिशा में प्रगति, 'आशा का स्रोत'

विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली ने भविष्य में वैश्विक महामारियों व स्वास्थ्य संकटों की रोकथाम करने, उनसे निपटने की तैयारियों और जवाबी कार्रवाई को पुख़्ता बनाये जाने के इरादे से, एक वैश्विक प्रक्रिया शुरू किये जाने पर सहमति व्यक्त की है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने ऐसेम्बली के निर्णय को आशाजनक बताते हुए इसका स्वागत किया है.

कोविड-19 के दौरान तालाबन्दियों के बावजूद, वैश्विक विस्थापन में वृद्धि - IOM

कोविड-19 महामारी के कारण लागू की गई यात्रा पाबन्दियों, तालाबन्दियों और वैश्विक गतिशीलता के लगभग थम जाने के बावजूद, आपदाओं, हिंसक संघर्ष व टकराव के कारण घरेलू विस्थापन में नाटकीय बढ़ोत्तरी हुई है. अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) द्वारा बुधवार को जारी एक नई रिपोर्ट में यह निष्कर्ष सामने आया है. 

 

एचआईवी-एड्स से संक्रमित कामकाजी लोग अब भी कलंक व भेदभाव के शिकार

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने मंगलवार को कहा है कि एचआईवी और एड्स के बारे में व्याप्त भ्रान्तियों और ग़लतफ़हमियों के कारण, कामकाज के स्थानों पर अब भी कलंक की मानसिकता और भेदभाव जारी हैं.

कोविड-19: ओमिक्रॉन वैरिएण्ट से बचाव के लिये, 'रूखे व कठोर' उपायों की आलोचना

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड-19 के ओमिक्रॉन वैरिएण्ट पर उभरी चिन्ताओं के बीच सदस्य देशों से तार्किक व स्थिति के अनुरूप ही, जोखिम में कमी लाने वाले उपाय किये जाने का आग्रह किया है. यूएन एजेंसी प्रमुख ने क्षोभ जताया कि नए वैरिएण्ट के फैलाव पर तेज़ी से जानकारी देने के लिये, बोत्सवाना और दक्षिण अफ़्रीका सराहना के पात्र हैं, मगर अन्य देश कठोर व व्यापक क़दमों के ज़रिये उन्हें दण्डित कर रहे हैं. 

यूएनएड्स: दुनिया, भविष्य की महामारियों के लिये, ‘बिल्कुल तैयार नहीं’

एचआईवी व एड्स पर संयुक्त राष्ट्र के साझा कार्यक्रम (UNAIDS) ने अपनी एक नई रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि विश्व नेताओं ने अगर गहरी असमानताओं से निपटने के लिये क़दम नही उठाए, तो अगले 10 वर्षों में एड्स-सम्बन्धी कारणों से 77 लाख लोगों की मौत हो सकती है. 

ओमिक्रॉन वैरिएण्ट के वजूद से, एक 'वैश्विक महामारी सन्धि' की ज़रूरत रेखांकित

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुखिया डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि कोरोनावायरस के नए वैरिएण्ट ओमिक्रॉन का ख़तरनाक वजूद उभरने से दुनिया भर के लिये, एक बार फिर ये बात बहुत अहमियत के साथ पुष्ट होती है कि इस महामारी के बारे में मौजूदा घबराहट और लापरवाही का नज़रिया बन्द करना होगा.

कोविड-19: ओमिक्रॉन वैरिएण्ट की गम्भीरता के बारे में अभी स्पष्ट सबूत नहीं

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोनावायरस के नए वैरिएण्ट ओमिक्रॉन के सम्बन्ध में विज्ञान पर, रविवार को ताज़ा जानकारी प्रकाशित की है. ग़ौरतलब है कि इस वैरिएण्ट ने दुनिया भर में चिन्ता की लहर फैला दी है और दक्षिण अफ़्रीकी देशों में हवाई यात्राओं पर पाबन्दियाँ बढ़ रही हैं.

कोविड-19: दक्षिण अफ़्रीका में चिन्हित नए वैरिएण्ट का नामकरण, ऐहतियात बरतने की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO के विशेषज्ञों ने दक्षिण अफ़्रीका में चिन्हित किये गए कोविड-19 के नए वैरिएण्ट को ग्रीक नाम – ‘ओमिक्रॉन’ दिया है और इसके अनेक रूप परिवर्तनों और इसकी तेज़ संक्रमण रफ़्तार के कारण, इसे चिन्ताजनक रूप परिभाषित किया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साथ ही, तमाम देशों आग्रह किया है कि वो दक्षिण अफ़्रीका और बोत्सवाना में चिन्हित किये गए, कोविड-19 के नए वैरिएण्ट के मद्देनज़र, यात्रा पाबन्दियों पर विचार करने के लिये, जोखिम आधारित और वैज्ञानिक रुख़ अपनाएँ.

कोविड-19: योरोप बना फैलाव का नया केन्द्र, सतर्कता में कोताही ना बरतने की सलाह

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि योरोपीय क्षेत्र, कोविड-19 महामारी के फैलाव का नया केन्द्र बन गया है, मगर ये ध्यान रखना होगा कि कोई भी देश या क्षेत्र अभी इस चुनौती से पूरी तरह नहीं निपट पाया है. उन्होंने कुछ देशों में टीकाकरण के बाद, महामारी का अन्त होने और 'झूठी सुरक्षा' का भाव पनपने पर चिन्ता जताई है.

महज़ पेट भरने के बजाय, समुचित पोषण पर ध्यान दिये जाने की दरकार

जलीय भोजन, प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, सूक्ष्म पोषक तत्वों और अति-आवश्यक वसा अम्लों का स्रोत है, जिसके सेवन से बेहतर पोषण सुनिश्चित किया जा सकता है. विश्व खाद्य पुरस्कार (World Food Prize) विजेता, डॉक्टर शकुन्तला हरकसिंह थिल्सटेड ने, यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास इण्टरव्यू में, 2021 के लिये टिकाऊ व सेहतमन्द आहार में, मछली और जलीय खाद्य प्रणालियों की अहम भूमिका को रेखांकित किया है.