स्वास्थ्य

कोविड-19: अफ़्रीका में संक्रमण मामलों व मृतक संख्या में तेज़ उछाल

अफ़्रीकी देशों में कोविड-19 महामारी के संक्रमण मामलों और उससे हो रही मौतों की संख्या में तीव्र गति से बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. अफ़्रीका में यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय के मुताबिक़ सप्ताह-दर-सप्ताह आधार पर 43 प्रतिशत ज़्यादा मौतें हुई हैं और देशों को ऑक्सीजन व गहन देखभाल के लिये बिस्तरों की क़िल्लत से जूझना पड़ रहा है. 

महामारी का एक और असर, बाल टीकाकरण में गिरावट

संयुक्त राष्ट्र की दो एजेंसियों ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिये बचपने में किये जाने वाले टीकाकरण को दरकिनार कर दिया है और वर्ष 2020 के दौरान दुनिया भर में लगभग 2 करोड़ 30 लाख बच्चे नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए.

कोविड-19: डेल्टा वैरिएंट का तेज़ फैलाव, तीसरी लहर के ‘शुरुआती संकेत’

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने बुधवार को कहा है कि कोरोनावायरस के कई रूपों (वैरिएंट) के फैलाव, सामाजिक पाबन्दियों में ढील और सार्वजनिक स्वास्थ्य के उपाय लागू करने में अनियमितता, जैसे कारकों से संक्रमण के मामलों व मौतों की संख्या में इज़ाफ़ा हो रहा है जिसमें तीसरी लहर के शुरुआती संकेत नज़र आने लगे हैं.

यूएन एड्स की पुकार, कोविड को उखाड़ फेंकने के लिये ख़त्म करनी होंगी विषमताएँ

एचआईवी-एड्स के ख़िलाफ़ लड़ाई में वैश्विक नेतृत्व मुहैया करा रही यूएन एजेंसी – यूएन एड्स की बुधवार को जारी एक नई रिपोर्ट में दिखाया गया है कि एचआईवी के साथ जीने वाले लोगों को इस वायरस और कोविड-19 की दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि विषमताओं के बढ़ते दायरे के कारण उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता से वंचित होना पड़ रहा है. 

डेल्टा वैरिएंट का बढ़ता क़हर, वैक्सीन आपूर्ति में विषमता से दिखती मानवीय दरारें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख ने सोमवार को कहा है कि कोविड-19 का डेल्टा वैरिएंट दुनिया भर में बहुत तेज़ रफ़्तार से फैल रहा है जिससे संक्रमण और मौतों के मामलों में नया उछाल आ रहा है. इससे वैक्सीन की उपलब्धता व आपूर्ति में मौजूद गहरी विषमता और खाई भी उजागर हो रही है.

डीएनए संशोधन तकनीक के विनियमन की दिशा में बढ़त दिखाती रिपोर्टें

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को दो संयुक्त रिपोर्टें जारी की हैं जिनमें डीएनए में बदलाव किये जाने वाली टैक्नॉलॉजी के लिये, पहली बार वैश्विक सिफ़ारिश पेश की गई है. इस टैक्नॉलॉजी को मानव जीनोम संशोधन के नाम से जाना जाता है और इसे सुरक्षित, प्रभावशाली और सभी की भलाई वाले नैतिक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपकरण के रूप में इस्तेमाल किये जाने की सिफ़ारिश की गई है.

सभी के लिये प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार सुनिश्चित करने की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के भीषण प्रभावों में – महिलाओं के प्रजनन अधिकारों में भारी गिरावट होना भी देखा गया है.

जनसंख्या दिवस: कोविड का यौन व प्रजनन स्वास्थ्य पर गहरा असर

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने कहा है कि कुछ महिलाओं के लिये, ये दौर मातृत्व को टाल देने के लिये मजबूर होने का रहा है, जबकि कुछ अन्य को, स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा उत्पन्न होने के कारण, अनचाहा गर्भधारण करना पड़ा है.

कोविड-19 वैक्सीनें और मायोकार्डाइटिस: जोखिम कम, फ़ायदे ज़्यादा

कोविड-19 टीकाकरण के बाद हृदय में सूजन के मामलों का अध्ययन कर रहे यूएन विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन से होने वाला फ़ायदा, उससे जुड़े जोखिमों की तुलना में कहीं अधिक है. इसके ज़रिये अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या और संक्रमण की वजह से होने वाली मौतों में कमी लाना सम्भव हुआ है.

कोविड-19 के दौर में मानव तस्करी की गम्भीर स्थिति दिखाती एक नई रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स व अपराध निरोधक कार्यालय (UNODC) ने गुरूवार को एक नई रिपोर्ट जारी की है जिसमें मानव तस्करी के पीड़ितों और उससे बच सके लोगों पर कोविड-19 महामारी के विनाशकारी प्रभावों का ख़ाका पेश किया गया है. रिपोर्ट में महामारी के दौर में बच्चों को निशाना बनाने और उनका शोषण किये जाने के मामलों में बढ़ोत्तरी की तरफ़ भी ध्यान आकर्षित किया गया है.