स्वास्थ्य

नेत्र समस्याओं और दृष्टिबाधिता का बढ़ता दायरा

विश्व में दो अरब से ज़्यादा लोग नेत्र समस्याओं और दृष्टिबाधिता से पीड़ित हैं और आने वाले दशकों में आंखों की सही ढंग से देखरेख किए जाने की ज़रूरत का दायरा वैश्विक स्तर पर बढ़ेगा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से मंगलवार को एक नई रिपोर्ट जारी की गई है जो नेत्रों से जुड़ी समस्याओं पर अब तक की पहली रिपोर्ट है. रिपोर्ट के अनुसार एक अरब से ज़्यादा लोग ऐसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं जिनका इलाज संभव है. 

काँगो गणराज्य में जटिल हालात में ईबोला से 1000 जीवित बचने पर बड़ी तसल्ली

काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में एक हज़ार लोग ईबोला के चंगुल से जीवित बचने में कामयाब हो गए हैं. संयुक्त राष्ट्र ने इस कामयाबी का श्रेय कोंगो के स्वास्थ्य अधिकारियों के नेतृत्व और हज़ारों स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों और साझीदारों की कड़ी मेहनत को दिया है.

बुज़ुर्गों की बढ़ती आबादी की ज़रूरतें पूरी करना ज़रूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि दक्षिण पूर्वी एशियाई क्षेत्र में बुज़ुर्ग आबादी बढ़ रही है. इस क्षेत्र में मुख्य रूप से 11 देश शामिल हैं जिनके नाम हैं – भारत, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, इंडोनेशिया, म्यांमार, मालदीव, भूटान, थाईलैंड, उत्तर कोरिया (डीपीआरके) और तिमोर लेस्टे.

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज पर 'सबसे व्यापक सहमति' का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों ने सर्वजन के लिए स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ सोमवार को एक महत्वाकांक्षी राजनैतिक घोषणापत्र पारित किया है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मानव स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित करने की यात्रा में इसे एक महत्वपूर्ण मुक़ाम क़रार देते हुए सहमति का स्वागत किया है.  

क़रीब पाँच अरब लोग हो जाएंगे स्वास्थ्य केयर से बाहर

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि देशों ने तमाम इंसानों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में अंतर को ख़त्म करने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए तो 2030 तक लगभग 5 अरब लोगों को स्वास्थ्य देखभाल मयस्सर नहीं होगी. 

प्रसव के दौरान मौतों के मामलों में गिरावट लेकिन चुनौती बरक़रार

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं और बच्चों की मौतों के मामलों में पिछले दो दशकों के दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की गई है लेकिन अब भी हर 11 सेकेंड में एक गर्भवती महिला या उसके शिशु की मौत होती है. अधिकांश मौतें जिन कारणों से होती हैं उनकी रोकथाम की जा सकती है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वर्ष 2000 की तुलना में स्थिति में सुधार सुलभ और क़िफ़ायती स्वास्थ्य सेवाओं के ज़रिए संभव हो पाया है.

मरीज़ों के स्वास्थ्य की सुरक्षित देखभाल सर्वोपरि

असुरक्षित ढंग से मरीज़ों की देखरेख किए जाने की वजह से प्रति मिनट कम से कम पांच लोगों की मौत हो जाती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्यकर्मियों, नीत-निर्धारकों, स्वास्थ्य देखरेख के काम में जुटे लोगों से मरीज़ों की समुचित तरीक़े से देखभाल करने की पुकार लगाई है ताकि इलाज कराते समय ख़तरों की रोकथाम हो सके. मंगलवार, 17 सितंबर, को ‘मरीज़ सुरक्षा दिवस’ मनाया जा रहा है.

योरोप में स्वास्थ्य असमानता की खाई पाटने की चुनौती

योरोप में स्वस्थ जीवन को सर्वजन के लिए सुलभ बनाने की दिशा में प्रगति के बाद अब इन प्रयासों में एक ठहराव का सामना करना पड़ रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा मंगलवार को जारी एक नई रिपोर्ट बताती है कि समाज में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ सभी के लिए सुनिश्चित करने का स्पष्ट रास्ता होने के बावजूद एक ऐसी खाई बनी हुई है जिसे पाटना मुश्किल हो रहा है.

हर 40 सेकंड में एक आत्महत्या, अब भी!

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि देशों में राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सुधारों में प्रगति होने के बावजूद हर 40 सेकंड में आत्महत्या से एक व्यक्ति की मौत हो जाती है. संगठन के निदेशक ने दुनिया भर में आत्महत्याओं के अनुमानों के बारे में सोमवार को एक नई रिपोर्ट जारी करते हुए ये बात कही.

वैक्सीन में भरोसा बहाल करने के लिए फ़ेसबुक की नई पहल

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘फ़ेसबुक’ की उस पहल का स्वागत किया है जिसके ज़रिए वैक्सीन से जुड़ी भ्रांतियों और ग़लत जानकारियों के बजाय तथ्य आधारिक सूचना उपलब्ध कराई जाएगी. इसके तहत फ़ेसबुक सर्च परिणामों, ग्रुप, पेज और फॉरम पर सही जानकारी तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी.