स्वास्थ्य

कोविड-19 का विश्व अर्थव्यवस्था पर भारी असर, अनिश्चितता बरक़रार

संयुक्त राष्ट्र के अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि कोरोनावायरस के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ रहा है और फ़रवरी महीने में ही विनिर्माण क्षेत्र में निर्यात में 50 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है. जिनीवा में व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) द्वारा आर्थिक ऑंकड़ों के शुरुआती विश्लेषण के मुताबिक चीन में कोविड-19 पर क़ाबू पाने के लिए उठाए गए क़दमों के कारण दिसंबर महीने से उत्पादन में काफ़ी कमी आई है.

कोरोनावायरस: स्वास्थ्यकर्मियों के लिए निजी बचाव सामग्री की क़िल्लत

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी है कि स्वास्थकर्मियों के लिए निजी बचाव सामग्री व उपकरणों की वैश्विक आपूर्ति में लगातार बढ़ते गंभीर व्यवधान के कारण कोरोनावायरस  (कोविड-19) और अन्य संक्रामक बीमारियों से ख़तरा बढ़ रहा है. बढ़ती मांग और भय के कारण तेज़ी से ख़रीदारी, जमाखोरी और ग़लत इस्तेमाल के कारण बचाव उपकरणों की भारी कमी हो रही है.

चीन से बाहर अनेक देशों में कोविड-19 का संक्रमण बढ़ने से चिंता बढ़ी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चीन में कोरोनावायरस (COVID-19) संक्रमण के मामलों में गिरावट के बीच कोरिया गणराज्य, इटली, ईरान और जापान में वायरस फैलने पर गहरी चिंता जताई है. विश्व भर में वायरस संक्रमण से मौत के मुँह में जाने वाले लोगों की संख्या तीन हज़ार को पार कर गई है. यूएन एजेंसी ने कहा है कि ज़रूरत पड़ने पर इस बीमारी को विश्वव्यापी महामारी घोषित करने से नहीं हिचकिचाया जाएगा.

कोरोनावायरस: ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों से सावधान रहने की अपील

दुनिया भर में कोरोनावायरस (COVID-19) के बढ़ते मामलों के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि इस महामारी के फैलने का फ़ायदा अब अपराधी भी उठाने की कोशिश कर रहे हैं. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के मुताबिक आपराधिक तत्व ख़ुद को विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधियों के रूप में पेश करते हुए अनजान लोगों के धन और संवेदनशील जानकारी चुराने में जुटे हैं.
 

कोरोनावायरस से जोखिम 'अति गंभीर' स्तर पर, लेकिन रोकथाम अब भी संभव

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों और प्रभावित देशों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी को चिंताजनक क़रार देते हुए जोखिम के स्तर को बढ़ा कर ‘अति गंभीर’ की श्रेणी में कर दिया है. शुक्रवार को यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए देशों को तेज़ और सख़्त क़दम उठाने होंगे

कोरोनावायरस को नज़रअंदाज़ करने की 'घातक भूल ना करे कोई देश'

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने सभी देशों से कोरोनावायरस (COVID-19) के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए जल्द से जल्द प्रयासों का दायरा बढ़ाने का आग्रह किया है. उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा है कि किसी भी देश को यह नहीं मानना चाहिए कि वो इससे प्रभावित नहीं होगा. ऐसा सोचना एक घातक ग़लती होगी.

कोरोनावायरस: चीन से बाहर अन्य देशों में संक्रमण के मामलों में तेज़ बढ़ोत्तरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को बताया कि पहली बार ऐसा हुआ है जब कोरोनावायरस (COVID-19) संक्रमण के नए मामले चीन से ज़्यादा अन्य देशों में सामने आए हैं. यूएन एजेंसी ने भरोसा जताया है कि इस वायरस को अब भी रोका जा सकता है लेकिन संभावित विश्वव्यापी महामारी जैसे हालात के मद्देनज़र सभी देशों से अपनी तैयारियों में कोई कसर ना छोड़ने की भी अपील की गई है.

कोरोनावायरस: फ़िलहाल विश्वव्यापी महामारी जैसी स्थिति नहीं

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि कोरोनावायरस (COVID-19) को फ़िलहाल ‘विश्वव्यापी महामारी’ घोषित करने से इंकार किया है लेकिन अन्य देशों में संक्रमण के तेज़ी से बढ़ने को चिंताजनक बताया है. उन्होंने सभी देशों से इस पर क़ाबू पाने और संक्रमण के मामलों से निपटने के लिए हरसंभव प्रयास करने की पुरज़ोर अपील की है.

अफ़्रीकी देशों में कोरोनावायरस फैलने की आशंका चिंता का सबब

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि उनकी चिंता की सबसे बड़ी वजह अफ़्रीका में कमज़ोर स्वास्थ्य प्रणालियों वाले देशों में कोरोनावायरस (COVID-19) के फैलने की आशंका है. इस चुनौती के मद्देनज़र यूएन एजेंसी स्थानीय स्वास्थ्य प्रणालियों के साथ मिलकर क्षमता विकसित करने के काम में जुटे हैं. अभी तक मिस्र में संक्रमण के एक मामले की पुष्टि हुई है.

कोरोनावायरस से निपटने की तैयारी में कोताही ना बरतने की अपील

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोनावायरस (COVID-19) के ऐसे मामलों के पता चलने पर चिंता ज़ाहिर की है जिनमें संक्रमित मरीज़ों का चीन से सीधा संबंध नहीं था. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस  ने ज़ोर देकर कहा है कि देशों को जितना समय मिला है उसका पूरा लाभ उठाते हुए पुख़्ता तैयारी सुनिश्चित की जानी चाहिए.