स्वास्थ्य

विश्व स्वास्थ्य दिवस: जलवायु कार्रवाई करें, एक दूसरे का ख़याल रखें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरूवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौक़े पर, स्वास्थ्य संरक्षण और जलवायु संकट के असर को कम करने की आपात पुकार लगाई है.

दुनिया की लगभग पूरी आबादी, वायु प्रदूषण में साँस लेने को विवश

संयुक्त राष्ट्र के चिकित्सा वैज्ञानिकों ने सोमवार को कहा है कि दुनिया भर की लगभग 99 प्रतिशत आबादी ऐसी प्रदूषित वायु में साँस ले रही है जो अन्तरराष्ट्रीय स्वीकृत सीमाओं से ज़्यादा प्रदूषित है. इससे उनके स्वास्थ्य पर गम्भीर नकारात्मक असर पड़ता है.

विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस पर, सामुदायिक सहारे पर ज़ोर

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने स्वलीनता (Autism) के साथ जीने वाले लोगों को और ज़्यादा समर्थन व सहायता दिये जाने की ज़रूरत को रेखांकित किया है, विशेष रूप में समुदायों के स्तर पर.

एक और वैश्विक महामारी की रोकथाम के लिये, WHO की नई पहल

ऐरबोवायरस (Arboviruses) से भले ही अधिकाँश लोग शायद परिचित ना हों, मगर विश्व की चार अरब आबादी के लिये ये वायरस एक जानलेवा ख़तरा हैं. इसके मद्देनज़र, संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) ने गुरूवार को एक नई योजना पेश की है ताकि इन विषाणुओं को एक नई महामारी की वजह बनने से रोका जा सके.

कोविड-19: एक तिहाई दुनिया अभी पहले टीके से भी वंचित

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख ने बुधवार को कहा है कि दुनिया भर की लगभग एक तिहाई आबादी को अभी कोविड-19 से बचाव की वैक्सीन का पहला टीका भी नहीं लगा है जिसमें तमाम अफ़्रीका की लगभग 83 प्रतिशत आबादी भी शामिल है, जोकि चौंका देने वाली संख्या है.

पारम्परिक औषधि के लिये वैश्विक केंद्र की स्थापना, भारत और WHO में समझौता

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारत सरकार ने आधुनिक विज्ञान एवं टैक्नॉलॉजी के ज़रिये, पारम्परिक औषधि में निहित सम्भावनाओं को साकार करने के इरादे से एक वैश्विक केंद्र स्थापित किये जाने के समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं. भारत के गुजरात राज्य के जामनगर शहर में बनाए जाने वाले इस केंद्र की मदद से आमजन की सेहत में बेहतरी लाने और विश्व के हर क्षेत्र में सम्पर्क व लाभ सुनिश्चित किये जाने की योजना है. 

टीबी के कारण प्रतिदिन चार हज़ार से अधिक मौतें, संसाधनों में निवेश की पुकार  

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने तपेदिक (टीबी) के विरुद्ध लड़ाई में दर्ज प्रगति की दिशा उलटने पर चिन्ता जताते हुए, संसाधन, समर्थन, देखभाल और जानकारी सुनिश्चित करने के लिये तत्काल निवेश की पुकार लगाई है. यूएन एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2000 के बाद से अब तक साढ़े छह करोड़ से अधिक ज़िन्दगियों की रक्षा करने में मदद मिली है, मगर कोविड-19 महामारी से उपजे व्यवधान के कारण जोखिम पैदा हो गया है. 

प्रसव के दौरान बुरा बर्ताव, 'स्वास्थ्य देखभाल व मानवाधिकार समस्या'

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और मानव प्रजनन कार्यक्रम (HRP) का एक नया अध्ययन दर्शाता है कि विश्व भर में महिलाओं को प्रसव के दौरान बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ता है, जोकि अस्वीकार्य है.

एचआईवी रोकथाम के लिये इंजेक्शन, दक्षिण अफ़्रीका व ब्राज़ील में शुरुआत

वैश्विक महामारियों का समाधान ढूंढने पर केन्द्रित यूएन एजेंसी – UNITAID ने ब्राज़ील और दक्षिण अफ़्रीका में एचआईवी संक्रमण के जोखिम का सामना कर रहे लोगों के लिये, इंजेक्शन के रूप में एक कारगर रोकथाम उपाय मुहैया कराए जाने की घोषणा की है. इस इजेंक्शन को हर दो महीने बाद, रोज़ मौखिक दवा लेने के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.

कोविड-19: WHO की चेतावनी, वायरस अभी ठण्डा नहीं हुआ है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा है कि कोविड-19 महामारी के ख़त्म होने की ग़लत जानकारी फैलने, मास्क हटाने, शारीरिक दूरी को ख़त्म करने और अधिक संक्रमणकारी ओमिक्रोन बीए.2 वैरिएण्ट के फैलाव सहित अनेक कारणों से, वैश्विक स्तर पर कोविड-19 के मामलों में वृद्धि हो रही है.