स्वास्थ्य

कोविड-19: प्राथमिकताएँ: वैश्विक युद्धविराम, निर्बलों की मदद, पुनर्बहाली की योजना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार को एक वर्चुअल प्रैस वार्ता के दौरान कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई को जीतने का संकल्प दोहराया है. उन्होंने कहा कि इस विकराल चुनौती से निपटने के लिए यूएन प्रणाली तीन मुख्य आयामों पर ध्यान केंद्रित कर रही है: वैश्विक युद्धविराम को लागू करना; सबसे नाज़ुक हालात में रह रहे लोगों की मदद सुनिश्चित करना; और आर्थिक व सामाजिक पुनर्बहाली की योजना तैयार करना.

कोविड-19: स्कूल फिर से खोलने के लिए नए दिशा-निर्देश

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से बचाव के लिए ऐहतियाती उपायों के मद्देनज़र दुनिया के अनेक देशों में स्कूल बंद किए गए हैं जिससे बच्चों की शिक्षा, संरक्षण और स्वास्थ्य-कल्याण के लिए अभूतपूर्व जोखिम पैदा हुआ है. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने गुरुवार को नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं जो बताते हैं कि तालाबंदी से प्रभावित एक अरब से ज़्यादा बच्चों के लिए स्कूल फिर किस तरह खोले जा सकते हैं. 

कोविड-19: ‘हमने हिम्मत नहीं हारी है, ना हारेंगे’

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 पर क़ाबू पाने के लिए संगठन ने शुरू से ही त्वरित और निर्णायक प्रयास करते हुए देशों को असरदार कार्रवाई के लिए तैयार होने में मदद की है. कोरोनावायरस को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली स्वास्थ्य एमरजेंसी घोषित किए जाने को गुरुवार 30 अप्रैल को तीन महीने पूरे हो रहे हैं और इसी सिलसिले में आपात समिति की बैठक बुलाई गई है. 

कोविड-19: विशेष टास्कफ़ोर्स करेगी 135 देशों की ख़ास मदद

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का मुक़ाबला कर रहे कम से मध्य आय वाले 135 देशों में महत्वपूर्ण चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में एक बड़ा कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसका नाम कोविड-19 टास्कफ़ोर्स है.

कोविड-19: स्कूली आहार बंद होने से 37 करोड़ बच्चों पर संकट

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण दुनिया के अनेक देशों में भुखमरी से पीड़ित लोगों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने की आशंका से चिंता व्याप्त है. तालाबंदी के कारण स्कूल भी बंद हैं जिसके कारण करोड़ों बच्चे प्रभावित हुए हैं, ख़ासकर वो बच्चे जो अपने भोजन के लिए स्कूलों में मिलने वाले आहार पर निर्भर थे. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने सरकारों से ऐसे 37 करोड़ बच्चों की स्वास्थ्य व पोषण संबंधी ज़रूरतों का ध्यान रखे जाने की अपील की है जिसके अभाव में उनके भविष्य पर हानिकारक असर होगा. 

कोविड-19 के बारे में कुछ सवाल-जवाब

वैश्विक महामारी कोविड-19 का प्रकोप दुनिया भर में फैल गया है जिसके कारण बहुत सी भ्रान्तियाँ और उत्सुकताएँ भी जागी हैं. लेकिन इसकी रोकथाम और इलाज के बारे में अब भी बहुत से प्रश्न अनुत्तरित हैं. कुछ सवालों के जवाब न्यूयॉर्क सिटी स्थित एक डॉक्टर की ज़ुबानी... 

कोविड-19: कार्यस्थलों पर कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आहवान 

देशों पर विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण लागू की गई तालाबंदी व अन्य सख़्त पाबंदियाँ हटाने के लिए दबाव बढ़ रहा है जिससे वायरस के फिर से उभरने की आशंका भी गहरा रही है. इन्हीं चिंताओं के मद्देनज़र अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने मंगलवार, 28 अप्रैल, को ‘कार्यस्थल पर सुरक्षा व स्वास्थ्य के विश्व दिवस’ (World Day for Safety and Health at Work) पर सरकारों से कार्यस्थलों पर कोविड-19 की रोकथाम के लिए समुचित प्रबंध करने का आग्रह किया है. 

कोविड-19: सीआरपीएफ़ की अनोखी पहल

भारत के असम राज्य में सीआरपीएफ़ और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने दिहाड़ी मज़दूरों को भोजन सामग्री वितरण के दौरान उनका हौसला बढ़ाने के लिए अनोखा तरीक़ा अपनाया. असम में कामरूप ज़िले के रानी में जवानों ने गीत गाकर उनके मानसिक स्वास्थ्य का भी ख़याल रखा. देखें वीडियो...

बांग्लादेश: लॉकडाउन में यूएन और सरकार प्रभावितों की मदद के लिए सक्रिय

बांग्लादेश जब वैश्विक महामारी कोविड-19 का मुक़ाबला करने की तैयारी में जुटा है तो संयुक्त राष्ट्र देश में सरकार, सिविल सोसायटी और निजी क्षेत्र के साथ घनिष्टता से काम कर रहा है. बांग्लादेश में संयुक्त राष्ट्र की शीर्षतम अधिकारी – रेज़िडेंट कॉर्डिनेटर मिया सेप्पो का ब्लॉग...

कोविड-19 से लड़ने की धुन में टीकाकरण ना छूट जाए

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने कहा है कि साल 2019 में दुनिया भर में लगभग एक करोड़ 30 लाख बच्चों को अनेक तरह की बीमारियों से बचाने वाले टीके नहीं लगवाए गए थे. इसलिए संगठन ने तमाम देशों की सरकारों से टीकाकरण सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा है कि ख़ासतौर से कोविड-19 महामारी के माहौल में टीकाकरण में किसी भी तरह की बाधा बहुत से बच्चों के लिए बेहद ख़तरनाक साबित हो सकती है.