स्वास्थ्य

कोविड-19: सावधानी व सहानुभूति

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कोरोनावायरस कोविड-19 के ख़िलाफ़ एकजुट जंग छेड़ने और एक दूसरे का ख़याल रखने की पुकार लगाई है. उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह पर अमल करते हुए ऐहतियाती उपाय मुस्तैदी से करने का भी आहवान किया है. साथ ही इस स्वास्थ्य आपदा का मुक़ाबला करने में  एक दूसरे का ख़याल रखने का भी ज़रूरत पर ज़ोर दिया है.

कोविड-19 के ख़िलाफ़ जंग छेड़ने की पुकार, रखें एक दूसरे का ख़याल

संयक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि कोरोनावायरस यानी कोविड-19 अपने चरम पर पहुँचेगा और विश्व अर्थव्यवस्था मंदी से उबर जाएगी, मगर तब तक, “हम सभी को इस वायरस के संक्रमण की रफ़्तार को धीमा करने के लिए एकजुट होकर काम करना होगा, और एक दूसरे का ख़याल रखना होगा.” उन्होंने कोविड-19 के संक्रमण के ख़िलाफ़ जंग छेड़ने का भी आहवान किया.

कोविड-19 के संक्रमण के बढ़ते मामलों का नया केंद्र बना योरोप

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि ‘विश्वव्यापी महामारी’ कोविड-19 ने अब योरोप को अपनी चपेट मे ले लिया है जहां अब किसी अन्य क्षेत्र के देशों की तुलना में सबसे ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो रही है. इस महामारी से निपटने के प्रयासों के तहत यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने अन्य साझीदार संगठनों के साथ मिलकर एकजुटता फ़ंड शुरू किया है जिसमें लोगों व संगठनों का योगदान देना संभव हो सकेगा.

कोविड-19 महामारी के बारे में पाँच अहम बातें

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोनावायरस (कोविड-19) को ‘विश्वव्यापी महामारी’ (Pandemic) परिभाषित किया है. कोरोनावायरस को ‘विश्वव्यापी महामारी’ की श्रेणी में रखे जाने के क्या मायने हैं और इस घोषणा से वायरस से निपटने के प्रयासों पर क्या असर पड़ेगा? कोविड-19 से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब यहाँ देख सकते हैं.

कोरोनावायरस (कोविड-19) 'विश्वव्यापी महामारी' परिभाषित

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में विश्व भर में लगातार बढ़ोत्तरी को देखते हुए कोविड-19 को 'विश्वव्यापी महामारी' परिभाषित कर दिया है. चीन के बाद हाल के दिनों में इटली, ईरान और कोरिया गणराज्य में बड़ी संख्या में संक्रमित मरीज़ों की पुष्टि हुई है और अन्य देशों में भी मामले सामने आ रहे हैं.  यूएन एजेंसी ने दोहराते हुए कहा है कि इस महामारी को क़ाबू में करना संभव है लेकिन इसके लिए देशों को पुरज़ोर प्रयास करने होंगे. 

कोविड-19: यूएन मुख्यालय में ऐहतियाती उपाय, आम लोगों का प्रवेश बंद

कोरोनावायरस कोविड-19 का संक्रमण रोकने के प्रयासों के तहत दुनिया भर में अनेक स्कूल बंद कर दिए गए हैं और बड़ी संख्या में बच्चे स्कूलों से दूर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन - यूनेस्को ने मंगलवार को ये जानकारी देते हुए बताया कि दुनिया भर में लगभग 36 करोड़ 30 बच्चों की स्कूली शिक्षा बाधित हुई है.

कोविड-19 के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी चपत लगने की आशंका

विश्व भर में कोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी का फैलना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए त्रासदीपूर्ण नतीजों का सबब रहा है, लेकिन इसकी एक बड़ी आर्थिक क़ीमत भी चुकानी पड़ सकती है. यूएन की व्यापार और विकास मामलों की एजेंसी (UNCTAD) ने आशंका जताई है कि कोविड-19 की वजह से कुछ देशों को मंदी का सामना करना पड़ेगा और वार्षिक वैश्विक वृद्धि दर 2.5 फ़ीसदी से भी नीचे रहने की आशंका है.

धनी या निर्धन, हर देश के लिए बड़ा ख़तरा है कोरोनावायरस

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा है कि चाहे अमीर हो या ग़रीब, दुनिया का कोई भी देश कोरोनावायरस संक्रमण के ख़तरे से अनछुआ नहीं है. उन्होंने चिंता जताई है कि कुछ देश इस महामारी से निपटने के लिए ज़रूरी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. विश्व भर में कोरोनावायरस के अब तक 95 हज़ार 265 मामले सामने आ चुके हैं और तीन हज़ार 281 लोगों की मौत हुई है.

कोविड-19 का विश्व अर्थव्यवस्था पर भारी असर, अनिश्चितता बरक़रार

संयुक्त राष्ट्र के अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि कोरोनावायरस के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ रहा है और फ़रवरी महीने में ही विनिर्माण क्षेत्र में निर्यात में 50 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है. जिनीवा में व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) द्वारा आर्थिक ऑंकड़ों के शुरुआती विश्लेषण के मुताबिक चीन में कोविड-19 पर क़ाबू पाने के लिए उठाए गए क़दमों के कारण दिसंबर महीने से उत्पादन में काफ़ी कमी आई है.

कोरोनावायरस: स्वास्थ्यकर्मियों के लिए निजी बचाव सामग्री की क़िल्लत

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी है कि स्वास्थकर्मियों के लिए निजी बचाव सामग्री व उपकरणों की वैश्विक आपूर्ति में लगातार बढ़ते गंभीर व्यवधान के कारण कोरोनावायरस  (कोविड-19) और अन्य संक्रामक बीमारियों से ख़तरा बढ़ रहा है. बढ़ती मांग और भय के कारण तेज़ी से ख़रीदारी, जमाखोरी और ग़लत इस्तेमाल के कारण बचाव उपकरणों की भारी कमी हो रही है.