स्वास्थ्य

कोविड के बाद की दुनिया के लिये बुनियादी बदलावों की ज़रूरत

ऐसे में जबकि, कोविड-19 महामारी दुनिया भर में एक सदी में सबसे गम्भीर और विनाशकारी स्वास्थ्य, सामाजिक-आर्थिक और मानवीय संकट पैदा करने पर आमादा है,  संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय परिचर्चा में इस स्थिति का लाभ वास्तविक, बुनियादी और आवश्यक बदलाव लाने के लिये एक अवसर के रूप में करने की पुकार लगाई है.

कोविड-19: वैक्सीन खोज की अन्धेरी सुरंग में नज़र आई दमदार रौशनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि कोविड-19 के ख़िलाफ़ वैक्सीन की खोज, जाँच-पड़ताल के साथ ही, अन्य प्रामाणिक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय भी अपनाए जा रहे हैं, मगर अब इस बारे में कुछ ठोस उम्मीद जागी है कि स्वास्थ्य महामारी का ख़ात्मा करने में वैक्सीनें असरदार भूमिका निभाएँगी.

कोविड-19: वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिये, यूनीसेफ़ की मुस्तैदी तेज़

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष-(UNICEF) कोविड-19 महामारी की वैक्सीन उपलब्ध होने पर इसे 92 देशों में जल्द से जल्द मुहैया कराने की योजनाओं पर दुनिया भर में अनेक साझीदारों, प्रमुख एयरलाइनों, समुद्री परिवहन कम्पनियों और अन्य ढाँचागत संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही है, जिनकी संख्या 350 से भी ज़्यादा है. एजेंसी सोमवार को ये ख़बर जारी की है.

कोविड-19: जी-20 समूह की बैठक से पहले आपसी एकजुटता और समर्थन का आहवान

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस सप्ताहान्त जी-20 समूह के नेताओं के बीच होने वाली बैठक से पहले एकजुटता और सहयोग की अहमियत को फिर रेखांकित किया है. यूएन प्रमुख ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सन्देश स्प्ष्ट है... कोविड-19 से पुनर्बहाली को समावेशी होना होगा, निर्बलों के लिये ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी, और इस संकट से उबरने की प्रक्रिया को टिकाऊ व जलवायु कार्रवाई के नज़रिये से महत्वाकाँक्षी बनाना होगा. 

शौचालय दिवस: सभी को सुरक्षित व स्वास्थ्यप्रद स्वच्छता पक्की करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र दुनिया भर में स्वच्छता, साफ़-सफ़ाई व स्वस्थ आदतों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के इरादे से 19 नवम्बर को विश्व शौचालय दिवस मना रहा है ताकि सभी लोगों को स्वच्छता व साफ़-सफ़ाई के साधनों की आसान उपलब्धता सुनिश्चितता की जा सके. दुनिया की कुल आबादी का लगभग एक चौथाई हिस्सा, यानि लगभग 25 प्रतिशत आबादी को बुनियादी सुविधाएँ हासिल नहीं हैं.

महामारी लम्बी खिंचने से एक पूरी पीढ़ी के भविष्य पर जोखिम

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष यूनीसेफ़ ने कहा है कि कोविड-19 महामारी से संक्रमित होने वाले बच्चों में लक्षण तो मामूली ही नज़र आ रहे हैं, लेकिन संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, साथ ही उनकी शिक्षा और पोषण पर भी दीर्घकालीन प्रभाव बढ़ रहा है, और युवाओं की एक पूरी पीढ़ी का स्वास्थ्य व रहन-सहन उनके पूरे जीवन को ही बदल देने वाला होने की आशंका है. 

डीआर काँगो: इबोला के फैलाव पर पूरी तरह क़ाबू पाने में मिली सफलता 

काँगो लोकतान्त्रिक गणराज्य (डीआरसी) की सरकार ने देश में घातक इबोला वायरस का प्रकोप ख़त्म होने की घोषणा की है. सरकार ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य साझीदार संगठनों के समर्थन से पाँच महीने की जवाबी कार्रवाई के बाद  इस आशय की घोषणा की है.

ख़ामोश महामारी: अत्यधिक प्रयोग से एण्टीमाइक्रोबियल दवाओं का घटता असर

दुनिया भर में व्यक्तियों, पौधों और पशुओं की ऐसे संक्रमणों के कारण मौत हो रही है जिनका सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध दवाओं से भी उपचार नहीं किया जा सकता है. इसकी वजह सूक्ष्मजीवीरोधी प्रतिरोधक क्षमता (Antimicrobial resistance) का बढ़ना बताया गया है. बुधवार को ‘विश्व एण्टीमाइक्रोबियल जागरूकता सप्ताह’ की शुरुआत पर संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एवँ कृषि संस्था ने यह बात कही है.     

स्वच्छता के संकट का सामना करने के लिये बना एक कोष

संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को एक ऐसा कोष शुरू किया है जिसके ज़रिये स्वच्छता, साफ़-सफ़ाई और लड़कियों व महिलाओं के मासिक धर्म के इर्द-गिर्द सदियों पुरानी हानिकारक अवधारणाएँ बदलने पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा जिनसे इस समय दुनिया भर में 4 अरब से भी ज़्यादा लोग प्रभावित होते हैं.

सर्वाइकल कैन्सर से छुटकारा पाने की रणनीति, बचाई जा सकेंगी लाखों जानें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सर्वाइकल कैन्सर से छुटकारा पाने के लिये मंगलवार को एक रणनीति पेश की है जिसके ज़रिये वर्ष 2050 तक इस कैंसर से अनुमानतः 50 लाख महिलाओं व लड़कियों को मौत के मुँह से बचाया जा सकेगा.