स्वास्थ्य

अनगिनत ख़तरों से जूझने को मजबूर हैं हाथ से मैला ढोने वाले सफ़ाईकर्मी

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि विकासशील देशों में स्वच्छता कर्मचारियों की दुर्दशा पर तात्कालिक कार्रवाई होनी चाहिए.  मंगलवार, 19 नवंबर, को 'विश्व शौचालय दिवस' से ठीक पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शौचालय, सीवर और सेप्टिक टैंक साफ़ करने वाले करोड़ों लोगों के लिए ख़तरों को उजागर किया है. यूएन एजेंसी ने कहा है कि सफ़ाई कर्मचारियों के अधिकार, उनका स्वास्थ्य और सम्मान ख़तरे में है. 

डायबिटीज़: प्राइमरी हैल्थ केयर और परिवारों की मज़बूती ज़रूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि डायबिटीज़ पूरे दक्षिण पूर्वी एशिया क्षेत्र के देशों में लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक प्रमुख ख़तरा है और इन देशों में लगभग 9 करोड़ 10 लाख लोग डायबिटीज़ के मरीज़ हैं. इनमें से आधे से भी ज़्यादा संख्या यानी क़रीब 4 करोड़ 90 लाख मरीज़ों को ये ही नहीं मालूम कि उन्हें डायबिटीज़ है भी. 

सस्ता इंसुलिन मिलेगा आसानी से, मरीज़ों की होगी बड़ी मदद

डायबिटीज़  यानी मधुमेह बीमारी को नियंत्रण में रखने के लिए ज़रूरी इंसुलिन की महंगी क़ीमत अब गुज़रे ज़माने की बात हो सकती है जिससे लाखों-करोड़ों मरीज़ों के जीवन में नया बदलाव लाने और इलाज में मदद मिलने की संभावना है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक नई योजना शुरू की है जिसके ज़रिए विश्व भर में सस्ते इंसुलिन का उत्पादन बढ़ाया जाएगा.

किसी भी अन्य बीमारी की तुलना में न्यूमोनिया है सबसे ज़्यादा घातक

न्यूमोनिया एक ऐसी बीमारी है जिसकी आसानी से रोकथाम की जा सकती है. इसके बावजूद विश्व में किसी अन्य बीमारी की तुलना में बच्चों की सबसे ज़्यादा मौतें इसी बीमारी से हो रही हैं – हर 39 सेकेंड में एक मौत. संयुक्त राष्ट्र और साझेदार संगठनों ने मंगलवार को ‘विश्व न्यूमोनिया दिवस’ पर चेतावनी जारी की है कि इन सर्वविदित तथ्यों के बावजूद बच्चों के जीवन की रक्षा के लिए पर्याप्त धनराशि का अभाव है.

कला से औषधि का काम: क्या आपने कभी आज़माया है!

ये जानना वाक़ई दिलचस्प है कि जन्म होने के पहले से और जीवन का अंत होने तक, नृत्य, गायन या पेंटिंग जैसी गतिविधियों से हमारे स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ता है. इस आर्ट थैरेपी यानी कला के विभिन्न रूपों द्वारा किए जाने वाले उपचार पारंपरिक तरीक़ों से भी ज़्यादा किफ़ायती साबित हो सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोमवार को जारी एक ताज़ा रिपोर्ट में कला और सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव पर एक रिपोर्ट जारी की है.

प्रदूषित कोहरे की चादर में लिपटी दिल्ली

भारत की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ख़तरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति की घोषणा की है. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के विशेषज्ञ वेलेन्टीन फ़ोल्टेस्कू ने कहा है कि वायु प्रदूषण को अदृश्य क़ातिल माना जाता है लेकिन उसके असहनीय स्तर के कारण यह अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. 

दो तिहाई महिलाओं ने गर्भनिरोधक उपायों का इस्तेमाल छोड़ा - रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र का एक नया अध्ययन दर्शाता है कि एक सर्वे में शामिल दो तिहाई महिलाओं ने गर्भधारण करने की इच्छा ना होने के बावजूद गर्भनिरोधक उपायों का इस्तेमाल बंद कर दिया क्योंकि उन्हें उसके स्वास्थ्य प्रभावों के प्रति चिंता थी. इसके परिणामस्वरूप एक चौथाई से ज़्यादा ऐसे मामले मामले आए जिनमें महिलाओं ने बिना मंशा के ही गर्भधारण कर लिया.

पोलियो को जड़ से मिटाने के बेहद क़रीब पहुंची दुनिया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने घातक पोलियो बीमारी के तीन में दो प्रकार के वायरस के उन्मूलन को मानवता के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि क़रार दिया है. गुरुवार, 24 अक्टूबर, को विश्व पोलियो दिवस पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों के एक समूह ने बीमारी के टाइप-3 वायरस (WPV3) के पूर्ण उन्मूलन की पुष्टि की है.

पेंट में सीसे के इस्तेमाल पर पाबंदी का आह्वान

सीसा (Lead) स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इससे होने वाले स्वास्थ्य ख़तरों पर दुनिया भर में चिंता व्याप्त है. बच्चों पर इसका ज़हरीला असर विशेष रूप से एक गंभीर चुनौती बना हुआ है – इससे बच्चों के मस्तिष्क का विकास प्रभावित होता है और उनके सोचने-समझने की क्षमता भी. सीसा युक्त पेंट के ख़तरों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से  20 से 26 अक्टूबर तक कार्रवाई सप्ताह का आयोजन किया गया है.

टीबी संक्रमण में कमी, मगर बीमारी का विकराल रूप बरक़रार

संयुक्त राष्ट्र विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि वर्ष 2018 में तपेदिक (टीबी) बीमारी के कारण 15 लाख लोगों की मौत हुई जो दर्शाता है कि इस बीमारी से निपटना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. यूएन एजेंसी ने अपनी नई रिपोर्ट में इस बीमारी के उन्मूलन के लिए ज़्यादा संसाधन निवेश किए जाने और राजनैतिक समर्थन की आवश्यकता को रेखांकित किया है.