स्वास्थ्य

दो तिहाई महिलाओं ने गर्भनिरोधक उपायों का इस्तेमाल छोड़ा - रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र का एक नया अध्ययन दर्शाता है कि एक सर्वे में शामिल दो तिहाई महिलाओं ने गर्भधारण करने की इच्छा ना होने के बावजूद गर्भनिरोधक उपायों का इस्तेमाल बंद कर दिया क्योंकि उन्हें उसके स्वास्थ्य प्रभावों के प्रति चिंता थी. इसके परिणामस्वरूप एक चौथाई से ज़्यादा ऐसे मामले मामले आए जिनमें महिलाओं ने बिना मंशा के ही गर्भधारण कर लिया.

पोलियो को जड़ से मिटाने के बेहद क़रीब पहुंची दुनिया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने घातक पोलियो बीमारी के तीन में दो प्रकार के वायरस के उन्मूलन को मानवता के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि क़रार दिया है. गुरुवार, 24 अक्टूबर, को विश्व पोलियो दिवस पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों के एक समूह ने बीमारी के टाइप-3 वायरस (WPV3) के पूर्ण उन्मूलन की पुष्टि की है.

पेंट में सीसे के इस्तेमाल पर पाबंदी का आह्वान

सीसा (Lead) स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इससे होने वाले स्वास्थ्य ख़तरों पर दुनिया भर में चिंता व्याप्त है. बच्चों पर इसका ज़हरीला असर विशेष रूप से एक गंभीर चुनौती बना हुआ है – इससे बच्चों के मस्तिष्क का विकास प्रभावित होता है और उनके सोचने-समझने की क्षमता भी. सीसा युक्त पेंट के ख़तरों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से  20 से 26 अक्टूबर तक कार्रवाई सप्ताह का आयोजन किया गया है.

टीबी संक्रमण में कमी, मगर बीमारी का विकराल रूप बरक़रार

संयुक्त राष्ट्र विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि वर्ष 2018 में तपेदिक (टीबी) बीमारी के कारण 15 लाख लोगों की मौत हुई जो दर्शाता है कि इस बीमारी से निपटना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. यूएन एजेंसी ने अपनी नई रिपोर्ट में इस बीमारी के उन्मूलन के लिए ज़्यादा संसाधन निवेश किए जाने और राजनैतिक समर्थन की आवश्यकता को रेखांकित किया है.

पौष्टिक भोजन ना मिलने से बच्चों के स्वास्थ्य पर व्यापक दुष्प्रभाव

जन्म के बाद बच्चों के शुरुआती वर्षों में पौष्टिक भोजन ना मिल पाने, खान-पान की बढ़ती ग़लत आदतों और सेहतमंद आहार के प्रति जागरूकता की कमी विश्व भर में एक नई चुनौती का सबब बन रही है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की नई रिपोर्ट दर्शाती है कि सेहतमंद आहार का अभाव ऐसे बच्चों की संख्या लगातार बढ़ा रहा है जिनके स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ रहा है.  पांच साल से कम उम्र में हर तीन में से एक बच्चा – 20 करोड़ से ज़्यादा - या तो अल्पपोषित है या फिर उसका वज़न ज़्यादा है.

युवाओं में आत्महत्या के बढ़ते स्तर पर गहरी चिंता

दुनिया भर में क़रीब आठ लाख लोग हर साल आत्महत्याओं की वजह से मौत के मुँह में चले जाते हैं - हर चालीस सेकंड में एक व्यक्ति की मौत. विश्व स्वास्थ्य संगठन के आँकड़ों के अनुसार 15 से 29 वर्ष की उम्र के युवाओं में मौत का यह दूसरा सबसे बड़ा कारण है. गुरूवार 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आत्महत्याओं को रोकने के प्रयासों के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर ही ज़ोर दिया गया है.

प्रसव के दौरान महिलाओं के साथ हुआ दुर्व्यवहार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का एक नया अध्ययन दर्शाता है कि निम्न आय वाले चार देशों में कराए गए सर्वे में शामिल लगभग एक तिहाई महिलाओं ने बताया कि प्रसव के दौरान उनके साथ दुर्यवहार किया गया. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए रणनीति का ख़ाका भी साझा किया है. घाना, गिनी, म्यांमार और नाईजीरिया से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह अध्ययन ‘द लांसेट’ सायंस जर्नल में प्रकाशित हुआ है.

नेत्र समस्याओं और दृष्टिबाधिता का बढ़ता दायरा

विश्व में दो अरब से ज़्यादा लोग नेत्र समस्याओं और दृष्टिबाधिता से पीड़ित हैं और आने वाले दशकों में आंखों की सही ढंग से देखरेख किए जाने की ज़रूरत का दायरा वैश्विक स्तर पर बढ़ेगा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से मंगलवार को एक नई रिपोर्ट जारी की गई है जो नेत्रों से जुड़ी समस्याओं पर अब तक की पहली रिपोर्ट है. रिपोर्ट के अनुसार एक अरब से ज़्यादा लोग ऐसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं जिनका इलाज संभव है. 

काँगो गणराज्य में जटिल हालात में ईबोला से 1000 जीवित बचने पर बड़ी तसल्ली

काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में एक हज़ार लोग ईबोला के चंगुल से जीवित बचने में कामयाब हो गए हैं. संयुक्त राष्ट्र ने इस कामयाबी का श्रेय कोंगो के स्वास्थ्य अधिकारियों के नेतृत्व और हज़ारों स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों और साझीदारों की कड़ी मेहनत को दिया है.