स्वास्थ्य

यूएन प्रमुख ने चुनौतियों से घिरे डीआर कॉंगो के साथ एकजुटता दिखाई

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश और यूएन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) के तीन दिवसीय दौरे पर हैं जहां स्थानीय समुदाय असुरक्षा और एक बड़े स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहे हैं. अगस्त 2018 से इबोला वायरस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और अब तक दो हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

इबोला से मौतों का आंकड़ा चिंताजनक, रोकथाम के लिए निवेश पर ज़ोर

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) के पूर्वोत्तर हिस्से में वर्ष 2018 में इबोला वायरस नए सिरे से फैलना शुरू हुआ और तब से अब तक 850 बच्चे इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने बताया है कि इनमें से 600 बच्चों की अब तक मौत हो चुकी है. डीआरसी के पड़ोसी देश युगांडा में एक नौ साल की बच्ची के इबोला से संक्रमित होने का नया मामला सामने आया है.

योरोप में ख़सरा का ख़तरा फिर उठा रहा है सिर

ख़सरा का ख़ात्मा करने के अभियान में योरोप पीछे छूट रहा है. योरोप के ख़सरा और रूबेला उन्मूलन पुष्टिकरण क्षेत्रीय आयोग (आरवीसी) ने गुरूवार को आगाह करते हुए कहा है कि योरोप के अनेक ऐसे देशों में जहाँ ख़सरा या तो पूरी तरह ख़त्म हो गया था या उस पर व्यापक पैमाने पर क़ाबू पा लिया गया था, वहाँ अब ये कामयाबी कमज़ोर पड़ती दिख रही है.

 

'बच्चों के लिए साफ़ पानी का अधिकार' सुनिश्चित करना ज़रूरी

स्वच्छ और सुरक्षित पानी की उपलब्धता बच्चों के स्वस्थ जीवन के लिए बेहद अहम है, लेकिन लंबे समय से चल रहे हिंसक संघर्षों के कारण इस बुनियादी ज़रूरत को भी पूरा कर पाना मुश्किल साबित हो रहा है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार विश्व भर में 21 करोड़ बच्चों को पीने का साफ़ पानी नहीं मिलता जबकि 42 करोड़ बच्चे पर्याप्त साफ़-सफ़ाई के अभाव में रहने को मजबूर हैं.

हर जगह उपस्थित है माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण

माइक्रोप्लास्टिक कहे जाने वाले प्लास्टिक के छोटे कण हमारे पीने के पानी सहित हर जगह फैले हुए हैं और उनसे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों पर चिंता जताई जाती रही है. लेकिन संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि यह ज़रूरी नहीं है कि माइक्रोप्लास्टिक के कण मानव स्वास्थ्य के लिए किसी ख़तरे का कारण हों.

समुद्रों को सहेजकर रखने के लिए समझौते की कोशिश

समुंदरों में ज़ाहिरा तौर पर तो लगभग दो लाख प्रजातियों की मौजदूगी के बारे में जानकारी उपलब्ध है मगर असल में ये संख्या लाखों में होने के अनुमान व्यक्त किए गए हैं. चिंता की बात ये है कि ये समुद्री प्रजातियाँ जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और दोहर के ख़तरों का सामना कर रही हैं.

 

तंबाकू सेवन को बढ़ावा देने के तरीक़ों पर रोक की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तमाम सरकारों का आहवान किया है कि उन्हें तंबाकू सेवन के विज्ञापन, उन्हें बढ़ावा देने और उन्हें प्रायोजित करने पर पाबंदियों को सख़्ती से लागू करना चाहिए. विश्व स्वास्थ्य संगठन के तंबाकू नियंत्रण के लिए बने फ्रेमवर्क कन्वेंशन के अनुच्छेद 13 में ये व्यवस्था की गई है.

इबोला संक्रमण के लगातार फैलने से सुरक्षा परिषद चिंतित

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला बीमारी के नए मामले लगातार सामने आने पर शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गहरी चिंता ज़ाहिर की है. सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने व्यापक रूप से बीमारी से निपटने के लिए समन्वित और तत्काल प्रयासों पर ज़ोर देते हुए कहा है कि अगर इस पर क़ाबू नहीं पाया गया तो पड़ोसी देशों में संक्रमण फैलने के गंभीर मानवीय नतीजे होंगे जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर भी प्रभाव पड़ेगा.

माँ के दूध के अनगिनत फ़ायदे, फिर भी बेपरवाही

इसमें ज़रा भी शक़ नहीं है कि माँ का दूध बच्चों के लिए बहुत से फ़ायदों वाला यानी अमृत समान होता है मगर दुनिया भर में माँ बनने वाली महिलाओं को नर्सिंग की समुचित सुविधाएँ मुहैया कराने वाली नीतियाँ मौजूद नहीं हैं, विशेष रूप में कामकाज के स्थानों पर. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) की अध्यक्ष हेनरिएटा फ़ोर ने बुधवार को कही.