स्वास्थ्य

एक मरीज़ की मौत के बाद इबोला पर क़ाबू पाने के प्रयास तेज़

काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में मंगलवार को गोमा शहर में इबोला संक्रमण का एक नया मामला सामने आया और पीड़ित मरीज़ की मौत हो गई है. 10 लाख से ज़्यादा की आबादी वाले गोमा शहर में इबोला का यह दूसरा मामला था जिससे घनी आबादी वाले इलाक़ों में बीमारी फैलने का जोखिम बना हुआ है. संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने इबोला संक्रमण को सीमित दायरे में रखने और उससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मज़बूत वैश्विक प्रयासों और निवेश की आवश्यकता को ज़रूरी बताया है.

हेपेटाइटिस के उन्मूलन के लिए निवेश बढ़ाने की पुकार

रविवार, 28 जुलाई, को विश्व हेपेटाइटिस दिवस है. इस अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सभी देशों से हेपेटाइटिस के उन्मूलन के लिए साहसिक राजनीतिक नेतृत्व का  प्रदर्शन करने और बीमारी के परीक्षण और इलाज को आसान बनाने के लिए ज़रूरी निवेश करने का अनुरोध किया है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी की रणनीति पर अमल के ज़रिए 2030 तक 45 लाख मौतों को रोका जा सकता है.

तंबाकू सेवन की जानलेवा लत से छुटकारे के लिए ज़्यादा मुस्तैदी की दरकार

इस समय लगभग पाँच अरब लोग ऐसे देशों में रह रहे हैं जहाँ धूम्रपान पर पाबंदी लगाई जा चुकी है, धूम्रपान उत्पादों पर ख़तरे की चेतावनी दिखाई जाती है और तंबाकू सेवन पर नियंत्रण के अन्य तरीक़े शुरू किए गए हैं, फिर भी विश्व स्वास्थ्य संगठन की ताज़ा रिपोर्ट दिखाती है कि बहुत से देश तंबाकू सेवन और धूम्रपान पर नियंत्रण पाने के लिए समुचित उपाय नहीं कर रहे हैं.

वायु प्रदूषण रोकने के लिए सरकारों का आह्वान

संयुक्त राष्ट्र ने वायु प्रदूषण कम करने और सांस लेने के लिए स्वच्छ हवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के इरादे से  साझेदार संगठनों के साथ मिलकर सरकारों से ‘क्लीन एयर इनिशिएटिव’ से जुड़ने का आह्वान किया है. सितंबर में यूएन जलवायु शिखर वार्ता से पहले सरकारों से वायु की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने की अपील की गई है ताकि नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा हो सके और 2030 तक जलवायु परिवर्तन और वायु प्रदूषण नीतियों में एकरूपता लाई जा सके.

बच्चों के समुचित विकास के लिए सही नीतियों की दरकार

बच्चों के जीवन में शुरुआती वर्षों को उनके सही विकास और स्वास्थ्य की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. उन वर्षों की अहमियत को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने पारिवारिक दृष्टि से अनुकूल नीतियों के लिए अनुशंसाओं की एक सूची जारी की है. यूएन एजेंसी का कहना है कि इन नीतियों को अपनाए जाने से अनेक लाभ होंगे.

इबोला बीमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य एमरजेंसी घोषित

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य में घातक इबोला बीमारी के फैलने के मामले लगातार सामने आने के बाद इसे अब 'अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति' घोषित कर दिया गया है. अगस्त 2018 में ईबोला वायरस नए सिरे से फैलना शुरू हुआ जिससे दूसरी बार इतने व्यापक पैमाने पर लोग संक्रमित हो रहे हैं और अब तक वहां 1,650 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

इबोला बीमारी से प्रभावी ढंग से निपटने पर चर्चा

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला बीमारी के नए मामले सामने आने पर चिंताएं बढ़ रही हैं. अगस्त 2018 में नए सिरे से बीमारी फैलने के बाद से अब तक 1,650 लोगों की मौत हो चुकी है और हर दिन लगभग 12 नए मामलों का पता चल रहे हैं. जिनीवा में सोमवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में सरकार के साथ मिलकर इस घातक बीमारी पर क़ाबू पाने के प्रयासों पर चर्चा हुई.

नौनिहालों को कुपोषण के गर्त से बचाने की ख़ातिर

"संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता व्यवस्था के पैरोकारों के रूप में हम सभी ने शून्य में ताकती आँखों को देखा है, आँखें एक ऐसे बच्चे की जिसका शरीर कुपोषण की वजह से हड्डियों ढाँचा भर रह गया है जिसमें जीवन जैसे अंतिम साँसें गिन रहा हो, उसकी धीमी गति से आती-जाती साँसों से ही बस उसके जीवित होने का  पता चलता है." ये शब्द हैं संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता के कार्यों में सक्रिय एजेंसियों के जो दुनिया भर में कुपोषण के शिकार बच्चों का हालत बयान करने के लिए व्यक्त किए हैं.

ईबोला प्रभावित इलाक़े में ख़सरा टीकाकरण अभियान

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य के पूर्वोत्तर हिस्से में स्वास्थ्यकर्मियों ने बड़े पैमाने पर ख़सरा टीकाकरण अभियान शुरू किया है. यह वही क्षेत्र है जिसे घातक ईबोला वायरस ने अपनी जकड़ में ले रखा है और दूसरी बार इतने बड़े पैमाने पर यह बीमारी फैलने से अब तक डेढ़ हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. 2019 में बड़ी संख्या में ख़सरा के मामले भी सामने आए हैं. 

कैंसर से लड़ने वाली अभूतपूर्व दवाएं आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आवश्यक दवाओं की सूची में अनेक नई दवाओं को शामिल करने की घोषणा की है – जिसके बाद ये दवाएं हर देश में उपलब्ध होनी चाहिए. इस सूची में नए कैंसर उपचार भी शामिल हैं जिन्हें इंजेक्शन के ज़रिए लेने की बजाय आसानी से गोली के रूप में निगला जा सकता है.