स्वास्थ्य

ग़ाज़ा में गहराते ईंधन संकट से मरीज़ों की मुश्किलें बढ़ीं

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि ग़ाज़ा में ईंधन संकट के चलते अस्पताओं में आपात सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं जिससे मरीज़ों की जान को ख़तरा पैदा हो गया है.  संगठन ने स्थानीय प्रशासन और सभी पक्षों से अपनी ज़िम्मेदारी समझने और ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए हरसंभव प्रयास करने की अपील की है. 

यूरोपीय नागरिकों की तुलना में विस्थापितों को बीमारियों का ख़तरा अधिक

सुरक्षित देश में शरण लेने के लिए लंबे सफ़र, ख़राब परिस्थितियों में रहने की मजबूरी और जीवनशैली में आए बदलाव से यूरोप में प्रवासियों और शरणार्थियों के स्वास्थ्य को ख़तरे की आशंका बढ़ जाती है. ये निष्कर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से जारी एक नई रिपोर्ट में सामने आए हैं जिसमें पहली बार यूरोप पहुंचने वाले विस्थापितों के स्वास्थ्य से जुड़ी मुश्किलों को समझने का प्रयास किया गया है. 

ब्रेल दिवस पर नेत्रहीनों के मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता पर ज़ोर

दृष्टिबाधिता से पीड़ित लोगो के मानवाधिकारों और ब्रेल लिपि के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र आधिकारिक रूप से पहली बार विश्व ब्रेल दिवस मना रहा है. दुनिया भर में एक अरब से ज़्यादा लोग नेत्रहीनता या मंददृष्टि से पीड़ित हैं. अब से हर बार यह दिवस 4 जनवरी को मनाया जाएगा.

सौर ऊर्जा से स्वास्थ्य सेवाओं को मिली मज़बूती

दुनिया के कई इलाक़े ऐसे हैं जहां बिजली सेवा या तो अभी नहीं पहुंची है या फिर उसकी निर्बाध आपूर्ति अब भी एक सपना है. लेकिन अफ़्रीका में कई देशों में स्थानीय चिकित्सा केंद्र अब एक ऐसी योजना का लाभ उठा रहे हैं जिसमें उन्हें सोलर पैनल के ज़रिए बिजली मिल रही है.