स्वास्थ्य

विश्‍व मलेरिया दिवस पर संयुक्‍त राष्‍ट्र स्‍वास्‍थ्‍य एजेंसी का आग्रह ''शून्य मलेरिया की शुरुआत मुझ से''

मलेरिया से संघर्ष में तक निरन्‍तर प्रगति एक दशक से भी अधिक समय के बाद थम सी गई है। इसलिए इस वर्ष विश्‍व मलेरिया दिवस पर विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन जमीनी स्‍तर पर एक अभियान को समर्थन दे रहा है जिससे मलेरिया की रोकथाम और देखभाल में सुधार के लिए समुदायों को सशक्‍त करने तथा कार्रवाई एवं जिम्‍मेदारी देशों को सौंपने पर बल दिया जा सके।

टीकाकरण से तैयार हो सकता है - ख़सरा जैसे रोग के प्रकोप से ‘प्रतिरक्षा का कवच’

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने बुधवार को कहा कि वर्ष 2010 और 2017 के बीच औसतन दो करोड़ 11 लाख करोड़ बच्चों को ख़सरा का पहला टीका नहीं लगा. संगठन ने इस टीके का महत्व बताते हुए कहा कि इससे ख़सरा जैसे रोग से ‘प्रतिरक्षा का कवच’ तैयार हो सकता है. 

मलेरिया से मुक़ाबले के प्रयासों को नए टीके से मिली मज़बूती

मलेरिया की घातक बीमारी से निपटने के लिए 30 सालों से जिस टीके को विकसित किया जा रहा था उसे पहली बार मलावी में नवजात शिशुओं को लगाया गया. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे नवप्रवर्तन (इनोवेशन) में मील का पत्थर करार दिया है.

ईबोला इलाज केंद्र पर हमले की यूएन ने निंदा की

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में ईबोला वायरस का इलाज करने वाले एक स्वास्थ्य केंद्र पर शुक्रवार को हुए हमले की संयुक्त राष्ट्र ने निंदा की है. इस हमले में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के लिए काम कर रहे एक डॉक्टर की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हुए हैं. 

स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी समस्याओं से जूझती महिलाएं

दुनिया के 51 देशों में हर दस में से चार महिलाओं को अपने संगी की शारीरिक संबंधों की मांग को मानने के लिए मजबूर होना पड़ता है. संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की ओर से बुधवार को जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार महिलाएं गर्भ धारण करने और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने जैसे बुनियादी निर्णय भी नहीं ले पातीं.  

सभी को समान रूप से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का लक्ष्य

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि समाज और अर्थव्यवस्थाओं को मज़बूत बनाने में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की बेहद अहम भूमिका है. दुनिया में करीब आधी आबादी की अनिवार्य स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच नहीं है. महासचिव गुटेरेश ने सभी को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने और मानव संसाधन में निवेश करने की ज़रूरत पर बल दिया है.

बुनियादी जल सेवाओं के अभाव में करोड़ों की जान ख़तरे में

दुनिया भर में दो अरब से ज़्यादा लोग गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का सामना कर रहे हैं क्योंकि हर चार में से एक स्वास्थ्य केंद्र पर पानी की मूलभूत सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं. पानी और साफ़-सफ़ाई की व्यवस्था के बग़ैर संक्रामक रोगों के फैलने का ख़तरा बढ़ जाता है. संयुक्त राष्ट्र ने प्रभावित देशों से इलाज योग्य संक्रमणों की रोकथाम के लिए समुचित प्रयास करने की अपील की है.