स्वास्थ्य

खुले में शौच से गरिमा और जीवन पर मंडराता है ख़तरा

शौच के बाद और भोजन करने से पहले साबुन से हाथ नहीं धोने जैसी स्वच्छता और साफ़-सफ़ाई की आदतें न होने से सालाना 8 लाख से ज़्यादा लोग मौत का शिकार हो जाते हैं – जोकि मलेरिया से होने वाली मौतों की संख्या  से भी अधिक है. खुले में शौच करना मनुष्य की गरिमा, स्वास्थ्य और कल्याण का अपमान है – ख़ासतौर पर लड़कियों और महिलाओं का.

जलवायु परिवर्तन के समाधान में योग से मिल सकती है मदद

संयुक्त राष्ट्र उपमहासचिव अमीना मोहम्मद ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन से उपजते ख़तरों से निपटने में योग और उससे प्रेरित टिकाऊ जीवनशैली की अहम भूमिका है. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर गुरुवार को न्यूयॉर्क में यूएन महासभा में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि योग के ज़रिए जीवन, समाज और प्रकृति के साथ समरसता स्थापित करने में मदद मिलती है. 

नशीले पदार्थों के शौकिया इस्तेमाल से युवाओं को ख़तरा

कैनेबिस (भांग) के चिकित्सीय उपयोग पर लचर नियंत्रण इसके शौकिया  इस्तेमाल को बढ़ा सकता है जबकि आम लोगों को इसके दुष्प्रभावों के बारे में सही जानकारी ही नहीं है. नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र समर्थित संस्था, अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स नियंत्रण बोर्ड (आईएनसीबी) ने अपनी नई रिपोर्ट में भांग और गांजे (मारिजुआना) के जोखिम के  प्रति सचेत किया है.