स्वास्थ्य

कितना बड़ा ख़तरा है कोरोनावायरस?

कोरोनावायरस श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाली एक ऐसी बीमारी का सबब है जो चीन के अलावा 18 अन्य देशों में फैल चुकी है. अभी इस वायरस के बारे में पूर्ण रूप से जानकारी उपलब्ध नहीं है लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य एमरजेंसी घोषित कर दिया है.

 

कोरोनावायरस से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब... 

कोरोनावायरस: अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य एमरजेंसी घोषित

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रोस एडेहेनॉम घेबरेयेसस ने चीन सहित अन्य देशों में नॉवल कोरोनावायरस के मामले लगातार सामने आने के मद्देनज़र उसे अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक आपात स्थिति घोषित कर दिया है. यूएन एजेंसी प्रमुख ने कहा कि चीन में हालात की वजह से नहीं बल्कि अन्य देशों में परिस्थितियों को देखते हुए यह घोषणा की जा रही है.

न्यूमोनिया पर कार्रवाई के अभाव में 90 लाख बच्चों की जान को ख़तरा

न्यूमोनिया के ख़िलाफ़ लड़ाई में प्रयासों को ज़्यादा मज़बूत बनाकर अगले दशक में 90 लाख बच्चों की मौतों को टाला जा सकता है. स्पेन के बार्सिलोना शहर में ‘बालावस्था में न्यूमोनिया’ विषय पर आयोजित वैश्विक फ़ोरम से ठीक पहले जारी एक नए विश्लेषण में यह बात सामने आई है. वर्ष 2018 में न्यूमोनिया से आठ लाख बच्चों की मौत हुई यानी हर 39 सेकेंड में एक बच्चे की मौत.

कोरोनावायरस: संक्रमण खाड़ी क्षेत्र में भी, विश्व भर में कुल 6000 मामले

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को पुष्टि की है कि कोरोनावायरस का संक्रमण अब खाड़ी क्षेत्र के देश संयुक्त अरब अमीरात तक भी पहुँच गया है. इस वायरस के संक्रमण के अधिकतर मामले अभी चीन में भी फैले हुए हैं और वहाँ 6 हज़ार से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है. इनमें से 68 मामले अन्य देशों में पाए गए हैं.

 

कोरोनावायरस पर क़ाबू पाने के लिए समय रहते समन्वित प्रयासों की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने योरोप में नॉवल कोरोनावायरस के मामलों की पुष्टि होने के बाद एक बयान जारी कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होकर इस संक्रामक बीमारी का मुक़ाबला करने का आग्रह किया है. विश्व भर में इस वायरस के संक्रमण के अब तक 1,300 से ज़्यादा मामले सामने आए हैं और 41 लोगों की मौत होने की रिपोर्टें हैं.  
 

कोरोनावायरस: फ़िलहाल अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एमरजेंसी जैसे हालात नहीं

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की आपात समिति ने कहा है कि चीन में कोरोनावायरस फैलने को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य एमरजेंसी घोषित करने जैसे हालात अभी नहीं बने हैं. हालांकि समिति के सदस्यों ने माना है कि चीन में इस वायरस के फैलने से हालात गंभीर हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों की आपात समिति में दो दिन तक गहन चर्चा के बाद भी इस विषय में एक राय नहीं बन पाई.

कोरोनावायरस के ख़तरे पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों की गहन चर्चा जारी

चीन में नॉवल कोरोनावायरस फैलने से उपजी चिंता के बीच स्विट्ज़रलैंड के जिनीवा शहर में  विश्व स्वास्थ्य संगठन की आपात समिति की बुधवार को हुई  बैठक बेनतीजा रही है. देर शाम तक चली इस बैठक में कोरोनावायरस को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य एमरजेंसी घोषित करने पर फ़ैसला लिया जाना था. अब इस विषय पर गुरुवार को फिर विचार-विमर्श होगा.

'अच्छा स्वास्थ्य सबका मानवधिकार, केवल अमीरों का विशेषाधिकार नहीं'

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य पाने का अधिकार सभी लोगों को है और ये केवल धनी लोगों का विशेषाधिकार नहीं हो सकता. यूएन एड्स ने सरकारों का आहवान किया है कि तमाम लोगों के अच्छा स्वास्थ्य रखने के अधिकार को वास्तविक रूप देने के लिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सरकारी धन निवेश को प्राथमिकता देनी होगी.

'तंबाकू सेवन ऑपरेशन में भी जटिलताएँ पैदा कर सकता है'

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि धूम्रपान किसी मरीज़ की रोग प्रतिरोधी क्षमता को गहराई से प्रभावित करता है और ना सिर्फ़ घाव के भरने में देरी कर सकता है बल्कि घाव में संक्रमण का जोखिम भी बढ़ाता है.

पूर्व महासचिव पेरेज़ डी कुएइए को 100वें जन्म दिवस पर बधाई

संयुक्त राष्ट्र के पाँचवें महासचिव जेवियर पेरेज़ डी कुएइए ने रविवार 19 जनवरी 2020 को अपना 100वाँ जन्म दिवस मनाया. पेरेज़ डी कुएइए का संयुक्त राष्ट्र के साथ बिल्कुल पहला कामकाज महासभा की 1946 में हुई बैठक के साथ शुरू हुआ था.