स्वास्थ्य

कोविड-19: सटीक निर्णयों से निकलेगा सभी के लिये सम्मानजनक जीवन का रास्ता

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि कोविड-19 महामारी का सामना करने के लिये इस समय लिये गए महत्वपूर्ण निर्णय ही तमाम लोगों के लिये सम्मानजनक जीवन का रास्ता प्रशस्त करेंगे. उन्होंने स्वास्थ्य महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों की समीक्षा करने के लिये, यूएन महासभा के दो दिवसीय सत्र के अन्तिम दिन शुक्रवार को ये बात कही.

कोविड-19: महामारी धकेल सकती है, 20 करोड़ अतिरिक्त लोगों को, अत्यन्त ग़रीबी में

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के एक नए अध्ययन में कहा गया है कि कोरोनावायरस महामारी लम्बी अवधि के लिये जो गम्भीर असर पड़ने वाला है, उसके कारण वर्ष 2030 तक लगभग 20 करोड़ 70 लाख अतिरिक्त लोगों के अत्यन्त निर्धनता में धकेल दिये जाने का जोखिम है. इन्हें मिलाकर अत्यन्त ग़रीबी में जाने वाले लोगों की संख्या एक अरब से ज़्यादा हो जाएगी.

कोविड-19: विशेष सत्र में महामारी की समीक्षा

संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों ने, गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के विशेष सत्र में, दुनिया भर में स्वास्थ्य महामारी कोविड-19 के कारण हुई तबाही, उसका मुक़ाबला करने के सर्वश्रेष्ठ उपायों पर ग़ौर करने, और आगे बढ़ने का रास्ता निकालने के उपायों पर विचार किया.

विकलाँग व्यक्तियों के अधिकारों को पहचान व सुरक्षा देने की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र ने समाजों में विकलाँग व्यक्तियों के और ज़्यादा समावेशन और उनके मानवाधिकारों को पहचान देने के साथ-साथ उनका सम्मान किये जाने का आहवान किया है. गुरुवार को विकलाँग व्यक्तियों के अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर ये आहवान किया गया है. 

'कोविड-19: वेतनों पर महामारी की तबाही की अभी तो शुरुआत है'

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के प्रमुख ने आगाह करते हुए कहा है कि कोविड-19 महामारी की वैक्सीन आने के बाद भी, दुनिया भर में, लोगों के वेतन व रोज़गारों पर पड़ रहे दबाव नहीं रुकेंगे. संगठन के महानिदेशक गाय रायडर ने बुधवार को यह चेतावनी ऐसे समय जारी की है जब महामारी के कारण दुनिया भर में वेतन और भत्तों में बढ़ोत्तरी को धीमा बना दिये जाने या उलट दिये जाने के बारे में एक अहम रिपोर्ट जारी हो रही है.

भारत के महावीर: जहाँ चाह, वहाँ राह

‘भारत के महावीर’ टैलीवीज़न श्रृँखला की तीसरी कड़ी में नेशनल लॉ स्‍कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी बेंगलूरू, के पूर्व छात्रों ने प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुँचाने के लिये पूरे देश में 10 चार्टर्ड फ्लाइट का ख़र्च वहन किया. इस कड़ी में - 31 वर्षीय एक विकलाँग 31 लड़की राजी राधाकृष्णन शामिल हैं जिन्होंने अग्रिम मोर्चों पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिये, सिलाई करके 2000 से अधिक मास्क तैयार किये; और बाबा करनैल सिंह खैरा हैं जिन्होंने एनएच -7, महाराष्ट्र में सड़क के किनारे स्थित अपने भोजनालय के माध्यम से 20 लाख से अधिक लोगों को मुफ़्त खाना खिलाया.

2021 में मुसीबत में फँसे लोगों की मदद के लिये 35 अरब डॉलर की अपील

संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत कार्यों के मुखिया मार्क लोकॉक ने कहा है कि वर्ष 2021 में, दुनिया भर में लगभग साढ़े 23 करोड़ लोगों को मानवीय सहायता व सुरक्षा की ज़रूरत होगी, जोकि एक रिकॉर्ड संख्या होगी, और वर्ष 2020 की तुलना में क़रीब 40 प्रतिशत ज़्यादा. उन्होंने कहा है कि ऐसा मुख्य रूप से कोविड-19 के कारणों से होगा.

एड्स दिवस: महामामारियों के ख़िलाफ़ वैश्विक एकजुटता की पुकार

संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार, 1 दिसम्बर को, विश्व एड्स दिवस पर, ना केवल कोविड-19 महामारी पर क़ाबू पाने बल्कि एक अन्य वैश्विक महामारी एड्स पर भी क़ाबू पाने के लिये वैश्विक एकजुटता व साझा ज़िम्मेदारी से प्रयास करने का आहवान किया है. एड्स के बारे में कहा गया है कि ये बीमारी पहली बार उभरने के 40 वर्ष बाद भी अभी ख़त्म नहीं हुई है.

कोविड-19 ने दुनिया भर में मलेरिया पर क़ाबू पाने के प्रयास किये धीमे

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि जीवन-रक्षक स्वास्थ्य सेवाओं में ख़ामियों के कारण मलेरिया पर क़ाबू पाने के प्रयासों में नकारात्मक असर पड़ रहा है और कोरोनावायरस महामारी, मलेरिया बीमारी पर क़ाबू पाने के प्रयासों को और ज़्यादा धक्का पहुँचा सकती है.

कोविड-19: वैक्सीन आने पर भी, टैस्ट अति महत्वपूर्ण उपाय रहेंगे

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने के मुखिया ने कहा है कि कोविड-19 का मुक़ाबला करने के उपायों में, अगर वैक्सीन का इस्तेमाल शुरू भी कर दिया जाए, तब भी टैस्ट यानि परीक्षण, एक अति महत्वपूर्ण विकल्प रहेगा.