आर्थिक विकास

पेटेंट आवेदनों में बढ़ोत्तरी तकनीकी क्षेत्र में छलांग का संकेत

आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस (एआई) या कृत्रिम बुद्धिमता से चलने वाली मशीनों और यंत्रों के लिए पेटेंट आवेदनों में पिछले पांच सालों में तेज़ी से बढ़ोत्तरी हुई है. संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में ये नई खोजें तकनीक की दुनिया से बाहर रोज़मर्रा के जीवन में भी क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं.

'यहूदीवाद विरोध से निपटना सभी समाजों की ज़िम्मेदारी'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने चेताया है कि यहूदीवाद का विरोध दुनिया में सबसे पुराना पूर्वाग्रह है जिसने कई पीढ़ियों को तबाह किया है. गुटेरेश ने संकल्प लिया कि हर प्रकार की नफ़रत के ख़िलाफ़ लड़ाई में यूएन सबसे आगे रहेगा और सभी के लिए मानवीय गरिमा कायम करने के प्रयासों को मज़बूती देता रहेगा.  

डिजिटल युग में साहसिक और अभिनव विचारों की आवश्यकता

डिजिटल दुनिया के कई बड़े नाम और नीति निर्धारकों की जिनिवा में इस सप्ताह हुई बैठक में अंतरराष्ट्रीय सायबर हमलों के बढ़ते ख़तरों से निपटने और डिजिटल तकनीक से होने वाले लाभ के प्रसार पर विमर्श हुआ है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने  कहा है कि डिजिटल युग को और समावेशी बनाने के लिए नए और साहसिक विचारों की ज़रूरत है. 

रोज़गार के अनगिनत अवसर लेकिन निर्णायक फ़ैसलों की भी ज़रूरत

दुनिया भर में नई खोज़ों और तकनीकों के इस्तेमाल से रोज़गार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं लेकिन निर्णायक प्रयासों और नीतियों में बदलाव के ज़रिए अगर उन्हें नहीं संवारा गया तो फिर कार्यस्थलों परअसमानताएं और अनिश्चितताएं और गहरा जाएंगी. अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहे अंतरराष्ट्रीय संगठन (ILO) की एक नई रिपोर्ट में ये बातें सामने आई हैं. 

वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार के बावजूद जोख़िम बरक़रार

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के अनुसार 2019 और 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दर तीन प्रतिशत रहने का अनुमान है. रिपोर्ट दुनिया के कई देशों में मंडराते उन ख़तरों के प्रति भी आगाह करती है जो आर्थिक गतिविधियों को अस्त व्यस्त करने के साथ साथ दीर्घकालीन विकास की संभावनाओं को भी क्षति पहुंचा सकते हैं. 

2050 तक दो अरब आबादी और जुड़ जाएगी

विश्व की जनसंख्या में वर्ष 2050 तक 2 अरब 20 करोड़ आबादी और जुड़ जाएगी. संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को कहा कि इसमें से आधी से अधिक जनसंख्या यानी क़रीब 1अरब 30 करोड़ सब सहारा अफ्रीका में बढ़ने की उम्मीद है जहां स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक महिलाओं की पहुंच बहुत सीमित है, साथ ही उन्हें ‘बड़े पैमाने पर लैंगिक भेदभाव’ का भी सामना करना पड़ता है.

क़ुदरती हादसों से खरबों का नुक़सान

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले क़रीब 20 वर्षों के दौरान भूकम्प और सूनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं की वजह से क़रीब 13 लाख लोगों की जान जा चुकी है.

क्यों पड़ रहे हैं जीने के लाले!

मंगलवार 16 अक्तूबर को विश्व खाद्य दिवस मनाते हुए इन हालात पर गहरी चिन्ता जताई गई कि अब भी लड़ाई-झगड़ों, संघर्षों या फिर राजनातिक अस्थिरता वाले अब भी बहुत से ऐसे देश हैं जहाँ जीवित रहने के लिए खाने-पीने का सामान कम पड़ता जा रहा है.

अरबों लोग अब भी टॉयलेट से वंचित

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतॉनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया भर में अब भी क़रीब दो अरब 30 करोड़ लोगों को बुनियादी स्‍वच्‍छता सुविधाएं सुलभ नहीं हैं और स्वच्छता को एजेंडा 2030 के तहत प्राथमिकता बनाया जाना ज़रूरी है.

प्रवासियों के लिए ‘ग्लोबल कॉम्पैक्ट’

दुनिया भर में प्रवासियों की समस्याओं को जानने-समझने और उनका हल निकालने के लिए एक समझौते पर विचार करने के लिए विश्व नेताओं ने बुधवार को सयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक अहम बैठक की.