जलवायु और पर्यावरण

जलवायु संकट: नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन के संकल्प की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सभी देशों से, वर्ष 2050 तक नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य साकार करने का आहवान किया है, ताकि इस सदी के अन्त तक, वैश्विक तापमान में 2.4 डिग्री सेल्सियस की विनाशकारी बढ़ोत्तरी को टाला जा सके. उन्होंने गुरुवार को जर्मनी के पीटर्सबर्ग में आयोजित उच्चस्तरीय जलवायु बैठक को सम्बोधित करते हुए भरोसा जताया है कि कार्बन उत्सर्जन से उपजे पर्यावरणीय झटकों के सबसे ख़राब प्रभावों की रोकथाम अब भी सम्भव है.

खाद्य प्रणालियों में रूपान्तरकारी बदलाव लाने में युवाओं की अहम भूमिका

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि न्यायसंगत खाद्य प्रणाली को आकार देने में युवजन एक अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. मंगलवार को ‘सर्वजन के लिये अच्छा भोजन’ (Good Food for All) नामक विषय पर आयोजित एक वैश्विक युवा सम्वाद के अवसर पर ये बात कही गई है.  

पैट्रोलियम उद्योगों में काम करने वालों को कैंसर का अधिक जोखिम

अन्तरराष्ट्रीय कैंसर शोध एजेंसी की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि जो लोग पैट्रोलियम उद्योग में काम करते हैं या पैट्रोलियम संयन्त्रों व इकाइयों के निकट बसते हैं, उनमें अनेक तरह के कैंसर विकसित होने का ज़्यादा जोखिम है.

वनों के लिये 'संभालें या बिगड़ने दें' लम्हा

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि प्राकृतिक दुनिया के साथ हमारे सम्बन्ध बहाल करने के प्रयासों में, वनों की केन्द्रीय भूमिका है. ये बात, उन्होंने सोमवार को, वनों पर संयुक्त राष्ट्र के फ़ोरम में कही.

जलवायु शिखर बैठक – ग्रह के लिये 'रैड ऐलर्ट', यूएन प्रमुख की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण, दुनिया रसातल के कगार पर है और विश्व नेताओं को तत्काल कार्रवाई करते हुए, ग्रह को हरित मार्ग पर ले जाना होगा. यूएन प्रमुख ने गुरूवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जोसेफ़ बाइडेन द्वारा आयोजित एक वर्चुअल जलवायु शिखर बैठक को सम्बोधित करते हुए, पेरिस जलवायु समझौते में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिये महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई की पुकार लगाई है.

अर्चना सोरेंग का, प्रकृति-आधारित समाधानों में, आदिवासी युवाओं के हितों पर ज़ोर

​भारत की युवा जलवायु कार्यकर्ता अर्चना सोरेंग ने सचेत किया है कि जलवायु परिवर्तन का मुक़ाबला करने में, प्रकृति-आधारित समाधान अपनाए जाते समय आदिवासी समुदायों और युवाओं के हितों का ध्यान रखा जाना होगा, और प्रकृति व आमजन के लिये, न्याय व कल्याण को प्राथमिकता देनी होगी. पर्यावरण पर यूएन महासचिव के युवा सलाहकारों के समूह में शामिल अर्चना सोरेंग ने, गुरुवार को आयोजित जलवायु शिखर बैठक के दौरान एक सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि आदिवासी जन, केवल प्रकृति का हिस्सा भर नहीं हैं, बल्कि प्रकृति ही हैं.

मैडागास्कर की युवा कार्यकर्ता का नज़रिया - युवा ख़ामोश नहीं बैठेंगे

मैडागास्कर की एक युवा कार्यकर्ता मैरी क्रिस्टीना कोलो का कहना है कि दुनिया भर के युवजन, अब वैश्विक जलवायु संकट के बारे में ख़ामोश नहीं बैठेंगे.

अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस – ग्रह की पुनर्बहाली के संकल्प की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार, 22 अप्रैल, को ‘अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस’ (International Mother Earth Day) के अवसर पर जारी अपने सन्देश में ज़ोर देकर कहा है कि पृथ्वी के संसाधनों के लापरवाह दोहन को रोका जाना होगा. महासचिव गुटेरेश ने प्रकृति के साथ शान्तिपूर्ण सम्बन्ध स्थापित करने, वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी को सीमित करने और जैव-विविधता की रक्षा करने का आहवान किया है.

महासागर से मिलने वाले लाभों पर मानवीय गतिविधियों का नकारात्मक असर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी से बेहतर ढंग से उबरने और टिकाऊ विकास व जलवायु कार्रवाई पर सहमत लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये, महासागरों के प्रति समझ का दायरा बढ़ाना बेहद अहम है. यूएन प्रमुख ने महासागरों को पृथ्वी की जीवनरक्षक प्रणाली क़रार देते हुए बुधवार को इस विषय में एक नई रिपोर्ट जारी की है, जो दर्शाती है कि मानवीय गतिविधियों के कारण महासागर को नुक़सान पहुँच रहा है.

पेरिस जलवायु समझौते पर एक वीडियो नज़र...

पेरिस जलवायु समझौता, देशों को नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन के लिये अपने स्वयं के रास्ते बनाने देता है. यह राष्ट्रों, व्यवसायों और लोगों के ऊपर है कि वे यह करने के नए तरीक़े खोजें. ऊर्जा उत्पादन से लेकर परिवहन, विनिर्माण और खेती तक. एक वीडियो परिचय...