जलवायु और पर्यावरण

प्लास्टिक प्रदूषण: छिपी महामारी...

कोविड-19 महामारी का अन्त अब नज़र आने लगा है, लेकिन इस विश्व-व्यापी संकट के बीच एक और महामारी है जो मानवता के सामने मुँह बाएँ खड़ी है – प्लास्टिक प्रदूषण की महामारी. पर्यावरण प्रदूषण के मुद्दे पर, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के भारत कार्यालय के प्रमुख अतुल बगई, और नेशनल ज्योग्राफ़िक फ़ैलो और पर्यावरण इंजीनियरिंग की प्रोफ़ेसर,जेना जैम्बेक का ब्लॉग, .

खाद्य प्रणालियाँ, एक तिहाई उत्सर्जन के लिये ज़िम्मेदार

एक नया अध्ययन दर्शाता है कि विश्व भर में मानव-गतिविधियों के कारण होने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की एक-तिहाई से ज़्यादा मात्रा के लिये खाद्य प्रणालियाँ ज़िम्मेदार हैं. संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवँ कृषि संगठन (UNFAO) में जलवायु परिवर्तन विशेषज्ञ फ्रांसेस्को टुबिएलो और इटली में योरोपीय आयोग के साझा शोध केन्द्र के विशेषज्ञों द्वारा, साझा रूप से तैयार की गई यह रिपोर्ट, ‘नेचर फ़ूड’ नामक जर्नल में प्रकाशित हुई है. 

भोजन की बर्बादी, जलवायु परिवर्तन को न्योता

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के एक नए अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2019 में बेचा गया, 93 करोड़ टन से ज़्यादा भोजन, कूड़ेदान में फेंक दिया गया. यूएन एजेंसी के अनुसार भोजन की बर्बादी केवल धनी देशों की समस्या नहीं है, और इससे जलवायु परिवर्तन के लिये भी खाद मिलती है. वर्ष 2030 तक टिकाऊ विकास एजेण्डा के तहत, वर्ष 2030 तक, भोजन की बर्बादी में 50 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है.

मानवता, पृथ्वी व समृद्धि के लिये वन संरक्षण ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सरकारों और लोगों का आहवान किया है कि वनों की रक्षा करने और वन समुदायों को समर्थन देने के लिये प्रयास तेज़ किये जाने होंगे. यूएन प्रमुख ने, बुधवार, 3 मार्च, को विश्व वन्यजीवन दिवस (World Wildlife Day) के अवसर पर अपने सन्देश में, वन संसाधनों के अरक्षणीय प्रयोग और वन्यजीवों की तस्करी से उपजते ख़तरों के प्रति भी आगाह किया है.  

कोयले के इस्तेमाल की ‘घातक लत’ से छुटकारा पाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोयले पर निर्भरता का अन्त करके, वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी पर असरदार ढँग से रोक लगाई जा सकती है. यूएन प्रमुख ने मंगलवार को, बिजली उत्पादन में कोयले के इस्तेमाल से निजात पाने के लिये समूह (Powering Past Coal Alliance) के एक ऑनलाइन कार्यक्रम में सरकारों, स्थानीय निकायों व निजी क्षेत्र के प्रतनिधियों को सम्बोधित करते हुए ये बात कही है. 

यूएन प्रमुख का आग्रह - आर्थिक नीतियों में परिलक्षित हो 'प्रकृति का वास्तविक मूल्य'

सयुंक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ज़ोर देकर कहा है कि एक टिकाऊ भविष्य के लिये यह ज़रूरी है कि आर्थिक प्रगति से पर्यावरण को होने वाली क्षति का भी आकलन किया जाए और अर्थव्यवस्था में प्राकृतिक संसाधनों के मूल्य की पहचान की जाए. यूएन प्रमुख ने मंगलवार को एक अपील जारी कर, प्रकृति के प्रति नज़रिये में बदलाव लाने और नीतियों व आर्थिक प्रणालियों में उसके योगदान को पहचाने जाने की बात कही है.

विश्व वन्यजीवों की संरक्षा के लिये प्रयास बढ़ाएँ

संयुक्त राष्ट्र महासचिव, एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व वन्यजीव दिवस पर सन्देश में, देशों, कारोबारों और हर जगह के आमजन का आहवान करते हुए कहा है कि वो वनों और वन्य जीव-जन्तुओं की संरक्षा के लिये अपने प्रयास बढ़ाएँ, और वन समुदायों की आवाज़ सुनने व उसे बुलन्द करने में सहयोग दें.
 

जलवायु रिपोर्ट, पृथ्वी ग्रह के लिये एक 'रैड ऐलर्ट', यूएन प्रमुख की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा जलवायु कार्रवाई रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक तापमान वृद्धि का मुकाबला करने के प्रयासों में जितनी कार्रवाई करने की ज़रूरत है, दुनिया भर के देश उसके निकट कहीं भी नज़र नहीं आ रहे हैं. 

भारत की लिजिया नोरोन्हा - यूएन पर्यावरण एजेंसी के न्यूयॉर्क कार्यालय की नई प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भारत की लिजिया नोरोन्हा की नियुक्ति, सहायक महासचिव और यूएन पर्यावरण एजेंसी के न्यूयॉर्क कार्यालय की प्रमुख के तौर पर किये जाने की घोषणा की है. लिजिया नोरोन्हा, यूएन एजेंसी के न्यूयॉर्क कार्यालय में मौजूदा प्रमुख, सत्य त्रिपाठी का स्थान लेंगी.  

एशिया-प्रशान्त: महामारी से पुनर्बहाली में टिकाऊ ऊर्जा पर ज़ोर

एशिया-प्रशान्त के लिये संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCAP) की ऊर्जा समिति के तीसरे सत्र में, उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों ने ज़ोर देकर कहा है कि एशिया-प्रशान्त क्षेत्र जैसे-जैसे , कोविड-19 महामारी के बाद पुनर्बहाली की ओर बढ़ रहा है,  एक स्थाई, और कम कार्बन उत्सर्जन पर आधारित ऊर्जा की ओर क़दम उठाना अब पहले से भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है.