जलवायु और पर्यावरण

आपदाओं से भारी आर्थिक व मानवीय तबाही – जल जोखिम सूची में सबसे ऊपर

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) का एक नया अध्ययन दर्शाता है कि पिछले 50 वर्षों के दौरान, व्यापक स्तर पर मानवीय और आर्थिक क्षति का कारण बनने वाली त्रासदियों की सूची में जल-सम्बन्धी संकट सबसे ऊपर हैं. 

 


  

बढ़ता पारा और गम्भीर ताप लहरें – भावी संकट का संकेत!

इस वर्ष जून महीने में गर्मियों के दौरान चरम मौसम की घटनाओं और बढ़ती ताप लहरों ने, जलवायु परिवर्तन की विकराल होती चुनौती के प्रति एक नई चेतावनी जारी की है. 

योरोप: भीषण बाढ़ व बढ़ते तापमान ने, जलवायु कार्रवाई को बनाया ज़रूरी

विश्व मौसम संगठन (WMO) ने शुक्रवार को कहा है कि पश्चिमी योरोप के अनेक देशों में भारी बारिश होने के कारण जानलेवा और विनाशकारी बाढ़ का आना ऐसा एक ताज़ा संकेतक है कि तमाम दुनिया को जलवायु परिवर्तन से जुड़ी प्राकृतिक आपदाओं की रफ़्तार को धीमा करने के लिये, और ज़्यादा कार्रवाई करने की आवश्यकता है. यूएन महासचिव ने जान-माल के नुक़सान पर दुख व्यक्त किया है.

सौर ऊर्जा में भारत का अनुभव – अन्य देशों के लिये प्रेरणा स्रोत

भारत में नवीकरणीय ऊर्जा से उपजी सम्भावनाओं को साकार करने के पथ पर अब तक हुई प्रगति, ना केवल देश की जनता के जीवन में बदलाव की वाहक है, बल्कि इससे जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों को मज़बूती प्रदान करने और अन्य देशों में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. 

योरोपीय संघ की नई जलवायु पहल की प्रभाव कुशलता सीमित - अंकटाड

संयुक्त राष्ट्र की व्यापार और विकास एजेंसी (UNCTAD) ने आगाह करते हुए कहा है कि योरोपीय संघ द्वारा बुधवार को जारी एक जलवायु पहल कार्यक्रम, अलबत्ता, वैश्विक व्यापार रुख़ को उन देशों के हित में मोड़ सकता है जहाँ उत्पादन ज़्यादा कार्बन कुशल है, मगर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में इसकी अहमियत सीमित ही नज़र आती है.

वैश्विक टीकाकरण योजना व जलवायु वित्त पोषण के लिये समर्थन की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से वैश्विक टीकाकरण योजना की अगुवाई करने, और कोविड-19 से पीड़ित विकासशील देशों को कर्ज़ राहत के दायरे में लाने का आग्रह किया है. 

जलवायु संकट: अग्रिम मोर्चे वाले देशों के लिये समय बीता जा रहा है

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार को कहा है कि दुनिया के पास वैश्विक तापमान वृद्धि को 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे सीमित करने का लक्ष्य हासिल करने के लिये समय ख़त्म हो ता जा रहा है, जबकि जलवायु प्रभावित देशों के लिये ये जीवन-मृत्यु का मामला है और ये देश जलवायु संकट के अग्रिम मोर्चे पर हैं.

जापान: भूस्खलन के प्रभावितों के प्रति सम्वेदना व राहतकर्मियों के काम की सराहना

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को जापान में उन परिवारों के साथ सम्वेदना व्यक्त की है जिनके सदस्य सप्ताहान्त के दौरान शिज़ुओका क्षेत्र के तटीय शहर अतामी में समुद्री तूफ़ान और ज़मीन खिसकने के कारण मौत का शिकार हो गए.

पश्चिमोत्तर अमेरिका और कैनेडा - 'असाधारण व ख़तरनाक' ताप लहर की चपेट में

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) का कहना है कि पश्चिमोत्तर संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिमी कैनेडा के इलाक़े, एक असाधारण और ख़तरनाक ताप लहर की चपेट में हैं. ये दुनिया का वे हिस्से है जहाँ लोग आम तौर पर ठण्डे मौसम के अभ्यस्त हैं. 

जल-सम्बन्धी त्रासदियाँ बड़ी चुनौती – सुदृढ़ बुनियादी ढाँचे में निवेश पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सचेत किया है कि वैश्विक जलवायु संकट के कारण, जल-सम्बन्धी त्रासदियाँ पहले से कहीं ज़्यादा गहन व गम्भीर हो रही हैं, जिससे ज़िन्दगियों व आजीविकाओं पर जोखिम बढ़ रहा है.