जलवायु परिवर्तन

जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध दौड़ हमें जीतनी ही होगी - यूएन महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु की आपात स्थिति और बढ़ते वैश्विक तापमान पर चिंता ज़ाहिर करते हुए विश्व नेताओं से आगामी शिखर वार्ता में ठोस जलवायु कार्रवाई के लिए बढ़ी हुई महत्वाकांक्षा के साथ आने की अपील की है. उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कार्रवाई अभी नहीं की गई तो दुनिया को जल्द उसके दुष्परिणाम झेलने पड़ेंगे.

युवा तलाश करेंगे जलवायु संकट का समाधान

क्या युवा कंप्यूटर प्रोग्रामर कोडिंग के माध्यम से जलवायु संकट का समाधान ढूंढ सकते हैं? संयुक्त राष्ट्र में युवा मामलों की विशेष दूत जयाथमा विक्रमानायके ने हाल ही में एक नई प्रतियोगिता “रीबूट द अर्थ” की शुरुआत की है जिसकी मदद से संयुक्त राष्ट्र, शिक्षा जगत, नागरिक समाज और युवाओं के बीच पारस्परिक सहयोग को बढ़ावा देते हुए जलवायु आपात स्थिति का समाधान ढूंढने का प्रयास किया जाएगा.  

कैरिबियाई देशों पर मंडराते जलवायु संकट का 'सामना मिलकर करेंगे'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण कैरिबियाई द्वीपीय देशों को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है उनका सामना मिलकर किए जाने की आवश्यकता है. सेंट लूसिया में कैरिबियाई समुदाय (CARICOM) के वार्षिक सम्मेलन में जलवायु संकट पर चिंता जताते हुए उन्होंने विश्व नेताओं से ठोस जलवायु कार्रवाई का खाका तैयार करने की अपील की.

तापमान बढ़ने से 2,400 अरब डॉलर का नुक़सान होने का अनुमान

जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर में कामकाज की उत्पादन क्षमता पर गंभीर असर पड़ने वाला है जिससे आमदनी वाले कामकाज और भारी आर्थिक नुक़सान होगा. ग़रीब देश सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे और कृषि व निर्माण क्षेत्र सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे.

जलवायु संकट से निपटने के लिए 'महत्वाकांक्षी कार्रवाई की तत्काल ज़रूरत'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया एक गंभीर जलवायु इमरजेंसी का सामना कर रही है. संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी आबू धाबी में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जलवायु कार्रवाई के लिए तत्काल निडर और महत्वाकांक्षी कदम उठाए जाने होंगे. 

प्रकृति और मानवता के बीच तालमेल के हालात बनाने होंगे - महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया में मानवता और प्रकृति के बीच समरसता क़ायम करने के लिए ज़रूरी परिस्थितियों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया है. जापान के ओसाका शहर में शनिवार, 29 जून को चीन और फ़्रांस के विदेश के मंत्रियों के साथ बैठक के बाद यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने आहवान किया. 

जी-20: ठोस जलवायु कार्रवाई और आर्थिक सहयोग की अपील

जापान के ओसाका शहर में ग्रुप-20 (जी-20) समूह के नेताओं की वार्षिक शिखर वार्ता शुक्रवार को शुरू हो गई. जी-20 दुनिया की सबसे बड़ी और तेज़ी से बढती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि यह बैठक बड़े राजनैतिक तनाव के परिदृश्य में हो रही है.

दुनिया के सामने ‘जलवायु रंगभेद’ का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र के एक विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि जलवायु से जुड़े रंगभेद का एक ऐसा नया दौर शुरू होने का ख़तरा नज़र आ रहा है जहाँ बढ़ते तापमान और भूख से बचने के लिए अमीर लोग धन के बल पर अपने लिए बेहतरी का रास्ता बना लेंगे. उनका मानना है कि पिछले 50 वर्षों में जितना भी विकास हुआ, वैश्विक स्वास्थ्य में बेहतरी आई है और ग़रीबी कम करने के प्रयास हुए हैं, जलवायु परिवर्तन की वजह से वे सभी विफल हो सकते हैं. 

जलवायु परिवर्तन पर युवा पीढ़ी कमर कस चुकी है

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने में पुरानी पीढ़ियाँ तो नाकाम हो गई मगर युवा पीढ़ी इस चुनौती का सामना करने और इससे होने वाली तबाही की रफ़्तार धीमी करने के लिए कमर कस रही है.

उपजाऊ भूमि का मरुस्थल में बदलना बड़ी समस्या

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने सोमवार को 'विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस' पर अपने वीडियो संदेश में सचेत किया है कि दुनिया हर साल 24 अरब टन उपजाऊ भूमि खो देती है. उन्होंने कहा कि भूमि की गुणवत्ता ख़राब होने से राष्ट्रीय घरेलू उत्पाद में हर साल आठ प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है. भूमि क्षरण और उसके दुष्प्रभावों से मानवता पर मंडराते जलवायु संकट के और गहराने की आशंका है.