जलवायु और पर्यावरण

पाकिस्तान में भीषण बाढ़ से भारी तबाही

पाकिस्तान में भीषण बाढ़ शुरू होने के महीनों बाद भी, लाखों लोग व्यापक दायरे में प्रभावित हैं, और ये बाढ़ अभी अपना आकार कम करती नज़र नहीं आ रही है. एक वीडियो रिपोर्ट..

भारत: कृषि में जैव-विविधता संरक्षण के लिये अहम सम्मेलन

किसानों के अधिकारों की रक्षा और खाद्य एवं कृषि में जैव विविधता को संरक्षित करने के लिये, सोमवार को भारत में, पादप आनुवंशिक संसाधनों पर, संयुक्त राष्ट्र के खाद्य व कृषि संगठन - FAO की अन्तरराष्ट्रीय सन्धि का 9वाँ सत्र शुरू हुआ है. इस सम्मेलन में, अनेक देशों के प्रख्यात वैज्ञानिक और प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं.

'नीले आकाश के लिये स्वच्छ वायु का अन्तरराष्ट्रीय दिवस’, यूएन प्रमुख का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार, 7 सितम्बर, को ‘नीले आकाश के लिये स्वच्छ वायु का अन्तरराष्ट्रीय दिवस’ के अवसर पर स्वच्छ वायु व स्वस्थ प्रकृति को एक मानवाधिकार के रूप में रेखांकित किया है. उन्होंने सभी देशों से एक साथ मिलकर वायु प्रदूषण से निपटने और विश्व स्वास्थ्य संगठन की वायु गुणवत्ता दिशानिर्देशों को अमल में लाने की पुकार लगाई है. 

प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की दोहरी चुनौती, ‘जलवायु दण्ड’ के जोखिम में वृद्धि

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने अपनी एक नई रिपोर्ट में आगाह किया है कि ताप लहरों की आवृत्ति, गहनता और अवधि बढ़ने से ना केवल इस सदी में जंगलों में आग लगने की घटनाएँ बढ़ेंगी, बल्कि वायु गुणवत्ता भी बद से बदतर हो जाने की आशंका है. यूएन एजेंसी बुधवार, 7 सितम्बर, को ‘नीले आकाश के लिये स्वच्छ वायु का अन्तरराष्ट्रीय दिवस’ के अवसर पर मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्रों के लिये बढ़ते जोखिम के प्रति ध्यान आकृष्ट किया है. 

भारत: स्वच्छ हवा और नीले आकाश के लिये नवीन प्रौद्योगिकी

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने ब्रिटेन के नॉटिंघम विश्वविद्यालय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड्स के साथ मिलकर, वायु प्रदूषण की चुनौतियों का हल निकालने के लिये, अपनी तरह का पहला प्रौद्योगिकी मंच शुरू किया है. 

'बेटी, जल और पेड़': एक पर्यावरण नारीवादी कार्यकर्ता की अनोखी मुहिम

भारत में राजस्थान प्रदेश के एक पूर्व-सरपंच, श्याम सुन्दर पालीवाल ने एक अनूठी परम्परा शुरू की, जिसके ज़रिये पर्यावरण और लैंगिक समानता को जोड़कर इलाक़े की कायापलट ही कर दी गई. उनकी पहल से न केवल इस सूखे रेगिस्तानी इलाक़े में हरियाली छा गई, बल्कि कभी बोझ मानी जाने वाली लड़कियों के जन्म पर जश्न मनाया जाने लगा.

कोई एक पर्यावरणीय त्रासदी हमें जलवायु सहनक्षमता और पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली के बारे में क्या सिखा सकती है!

'समन्दर का फूल' नाम से लोकप्रिय एक छोटा कैरिबियाई द्वीप, 2020 में तूफ़ान आयोटा से नष्ट हो गया था. इसमें वैसे तो जीवन का ज़्यादा नुक़सान नहीं हुआ था, मगर लेकिन क़ीमती पारिस्थितिक तंत्र पर हुए असर को देखकर यहाँ के निवासियों का नज़रिया पूरी तरह बदल गया. दो साल बाद, अब वो अपने पर्यावरणीय ख़ज़ाने को बहाल करने के लिये काम में लगे हैं और जलवायु परिवर्तन के कारण आकस्मिक घटनाओं से निपटने की तैयारी कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासागर सम्मेलन स्थल पर, एकल-प्रयोग प्लास्टिक बन्द

आशंका है कि वर्ष 2050 तक समुद्र में मछलियों की तुलना में प्लास्टिक ज़्यादा होगा - और लिस्बन में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासागर सम्मेलन स्थल पर, समस्त एकल-उपयोग प्लास्टिक का इस्तेमाल बन्द कर दिया गया है, ताकि सततता को बढ़ावा दिया जा सके. वीडियो फ़ीचर...

महासागर को लेकर भारत की चिन्ताएँ और प्राथमिकताएँ

पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में दूसरे यूएन महासागर सम्मेलन में, भारत ने भी शिरकत की है और देश के एक मंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने, लिस्बन में, महासागर को लेकर भारत की चिन्ताएँ और प्राथमिकताएँ गिनाई हैं. वीडियो...

टिकाऊ नील अर्थव्यवस्था, लघु देशों और तटीय आबादी के लिये बहुत अहम

दुनिया की लगभग 40 प्रतिशत आबादी समुद्री तटवर्ती इलाक़ों में रहती है या उनके पास रहती है, तो उस आबादी की आजीविका को ध्यान में रखते हुए, लिस्बन में हो रहे यूएन महासगार सम्मेलन के दूसरे दिन, मंगलवार को, टिकाऊ महासागर आधारित अर्थव्यवस्थाओं और तटीय पारिस्थितिकियों के प्रबन्धन पर ध्यान केन्द्रित किया गया.