जलवायु और पर्यावरण

यूएन महासागर सम्मेलन: समुद्रों की रक्षा के लिये चार अहम अनुशंसाएँ

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में दूसरे ‘यूएन महासागर सम्मेलन’ को सम्बोधित करते हुए, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्रों की रक्षा व संरक्षण के लिये एकजुट होकर प्रतिबद्धता जताने का आहवान किया है.

विश्व महासागर दिवस: यूएन महासचिव का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने 'विश्व महासागर दिवस' पर जारी अपने सन्देश में कहा है कि एक स्वस्थ व उत्पादक महासागर सुनिश्चित करना एक सामूहिक ज़िम्मेदारी है, और ये तभी सम्भव है जब हम सभी एक साथ मिलकर काम करें...

‘विश्व महासागर दिवस’ पर यूएन प्रमुख का आग्रह - महासागर में फिर से जान फूँकें

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को विश्व महासागर दिवस के एक समारोह कार्यक्रम में कहा है कि पूरे पृथ्वी ग्रह की मांगें पूरी करने में सक्षम एक स्वस्थ व उत्पादक महासागर सुनिश्चित करना एक सामूहिक ज़िम्मेदारी है, और ये तभी सम्भव है जब हम सभी एक साथ मिलकर काम करें.

विश्व पर्यावरण दिवस: पृथ्वी की रक्षा के लिये कार्रवाई की साझा अपील

संयुक्त राष्ट्र ने 'विश्व पर्यावरण दिवस' के अवसर पर एक अपील जारी करते हुए आगाह किया है कि पृथ्वी ही हमारा एक मात्र घर है, और ये बहुत आवश्यक है कि पृथ्वी के वातावरण के स्वास्थ्य, और पृथ्वी पर जीवन की विविधता, इसकी पारिस्थितिकी और इसके सीमित संसाधनों की रक्षा की जाए...

भारत: ‘एकमात्र पृथ्वी’ की रक्षा के लिये, संयुक्त राष्ट्र और निकिलोडियोन का सफ़ाई अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस की #OnlyOne Earth थीम के तहत, भारत में संयुक्त राष्ट्र और कार्टून चैनल निकोलोडियोन ने मिलकर, पृथ्वी की रक्षा के लिये स्वच्छता मुहिम में हिस्सा लिया. इस अवसर पर निकोलोडियोन के मशहूर कार्टून,मोटू और पतलू व संयुक्त राष्ट्र पृथ्वी चैम्पियन अफ़रोज़ शाह ने साथ मिलकर भारत की वित्तीय नगरी, मुम्बई में समुद्र तट की सफ़ाई करके, लोगों से कूड़ा न फैलाने की अपील की.

डायनासोर ‘फ़्रैंकी’ पहुँचा भारत: क़ुतुब मीनार और सफ़दरजंग के मक़बरे से जलवायु कार्रवाई की पुकार

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की ‘Don't Choose Extinction' नामक एक मुहिम के तहत, कम्प्यूटर-जनित डायनासोर फ़्रैंकी ने भारत में सर्वजन से हिन्दी में, विलुप्ति की राह ना चुनने व जलवायु कार्रवाई की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों ने इस कार्यक्रम में सर्वजन से पृथ्वी की रक्षा के लिये वैश्विक प्रयासों का हिस्सा बनने का आहवान किया है.

अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस: तिहरे पर्यावरणीय संकटों से निपटने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने आगाह किया है कि पृथ्वी पर तीन बड़े संकट – जलवायु व्यवधान, प्रकृति व जैवविविधता की हानि, और प्रदूषण व अपशिष्ट – करोड़ों लोगों के रहन-सहन और वजूद के लिये जोखिम उत्पन्न कर रहे हैं. उन्होंने शुक्रवार, 22 अप्रैल, को ‘अन्तरराष्ट्रीय माँ पृथ्वी दिवस’ के अवसर पर इन तिहरी आपदाओं से निपटने के लिये महत्वाकांक्षी कार्रवाई का आहवान किया है.

'बेहतर नियोजन से बदल सकती हैं, अफ़्रीका की जलवायु तकलीफ़े'

विश्व प्रदूषण में, योरोप या अमेरिका जैसे अन्य महाद्वीपों की तुलना में, अलबत्ता अफ़्रीका का बहुत कम योगदान है, फिर भी इस महाद्वीप को जलवायु परिवर्तन का बड़ा असर झेलना पड़ रहा है. इससे विभिन्न इलाक़ों में लगातार सूखा या बाढ़ की समस्या के कारण, खाद्य सुरक्षा और कृषि पर गहरा प्रभाव पड़ता है. संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव और अफ़्रीकी जोखिम क्षमता क्लस्टर के महानिदेशक, इब्राहिमा चेइख़ डियोंग ने, हाल ही में दुबई में हुए विश्व उद्यमिता व निवेश फ़ोरम (WEIF) के दौरान, अफ़्रीका के समक्ष जलवायु परिवर्तन सम्बन्धी जोखिमों पर, यूएन न्यूज़ की अंशु शर्मा के साथ बातचीत की. वीडियो रिपोर्ट...

विविध पृष्ठभूमि से आए युवजन की जलवायु कार्रवाई में अहम भूमिका

भारत के ओडिशा राज्य की पर्यावरण कार्यकर्ता अर्चना सोरेंग दुनिया भर से चुने गए उन सात युवाओं में शामिल हैं, जिन्हें जलवायु परिवर्तन पर यूएन महासचिव के युवा सलाहकार समूह में चुना गया है. उन्होंने न्यूयॉर्क में अन्य जलवायु कार्यकर्ताओं के साथ हाल ही में यूएन प्रमुख के साथ मुलाक़ात की. अर्चना ने यूएन न्यूज़ हिन्दी के साथ बातचीत में बताया कि पिछले क़रीब दो वर्षों में युवा सलाहकारों के समूह ने वैश्विक जलवायु कार्रवाई में किस तरह अपना योगदान दिया है...

IPCC: 'तापमान वृद्धि को सीमित करने के लिये सटीक समय बिल्कुल अभी'

संयुक्त राष्ट्र की सोमवार को जारी एक महत्वपूर्ण जलवायु रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि वर्ष 2010-2019 के दौरान हानिकारक कार्बन उत्सर्जन का स्तर मानव इतिहास में सबसे उच्च रहा है और ये इस बात का सबूत है कि दुनिया विनाश की तरफ़ तेज़ी से बढ़ रही है, ऐसे में यूएन महासचिव ने आगाह किया है कि जैसाकि वैज्ञानिकों का भी तर्क है कि वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के लिये ये समय, ‘अभी या कभी नहीं’ कार्रवाई करने का है. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश का वीडियो सन्देश...