जलवायु परिवर्तन

जलवायु कार्रवाई तेज़ करने पर बल, शरणार्थियों की मदद के लिए पाकिस्तान की सराहना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने लंबे समय तक भारी संख्या में शरणार्थियों को अपने यहाँ पनाह देने में असाधारण दरिया-दिली और मज़बूती दिखाने व जलवायु परिवर्तन की चुनौती का मुक़ाबला करने में अहम भूमिका के लिए पाकिस्तान की सराहना की है. महासचिव ने रविवार को पाकिस्तान की तीन दिन की यात्रा शुरू करते हुए इस्लामाबाद में ये बात कही.

जयपुर साहित्य महोत्सव में जलवायु मुद्दा भी चर्चा में

संयुक्त राष्ट्र ने भारत की गुलाबी नगरी जयपुर में आयोजित साहित्य महोत्सव की पृष्ठभूमि में जलवायु परिवर्तन से तत्काल निपटने की अहमियत को फिर दोहराया है. भारत में संयुक्त राष्ट्र की रेज़ीडेंट कोऑर्डिनेटर रेनाटा डेज़ालिएन ने जलवायु आपात स्थिति पर एक सत्र के दौरान बताया कि जलवायु संकट पर असरदार कार्रवाई के लिए संयुक्त राष्ट्र अपनी सीमाओं से परे जाकर प्रयासों में जुटा है.

प्लास्टिक से बन रही हैं सड़कें भी

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) भारत के अनेक इलाक़ों में प्लास्टिक को री-सायकल यानी फिर से इस्तेमाल करने की परियोजनाओं में सक्रिय योगदान कर रहा है. लोग प्लास्टिक को फेंकने के बजाय उसे कई तरह से इस्तेमाल में ला रहे हैं जिससे रोज़गार भी मिल रहा है. बेकार समझे जाना वाला प्लास्टिक अब बहुत सी महिलाओं में आत्मविश्वास भरने के साथ-साथ उनकी आजीविका का भी साधन बन रहा है. एक झलक...

हेती भूकंप विनाश के दस वर्ष: यूएन मदद जारी रखने का संकल्प

12 जनवरी 2010 को हेती में सिर्फ़ 35 सेकंड का एक भूकंप आया मगर उसकी तीव्रता 7.0 थी जिसने राजधानी पोर्ट ओ प्रिंस को दहलाकर रख दिया. उस महाविनाशकारी भूकंप में लगभग 2 लाख 20 लोगों की मौत हुई और तीन लाख से ज़्यादा घायल हुए. लगभग 15 लोगों के घर छिन गए. महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने उस भूकंप के दस वर्ष पूरे होने पर जारी अपने संदेश में कहा है कि संयुक्त राष्ट्र हेती और वहाँ के लोगों के बेहत भविष्य निर्माण में मदद करना जारी रखेगा. (यूएन महासचिव का वीडियो संदेश...)

हेती: विनाशकारी भूकंप के दस वर्ष, यूएन मदद जारी रखने का वादा

12 जनवरी 2010 को हेती में 7.0 की तीव्रता वाला भूकंप आया जिसने राजधानी पोर्ट ओ प्रिंस को दहलाकर रख दिया. हेती सरकार के आँकड़ों के अनुसार उस भूकंप में लगभग दो लाख 20 हज़ार लोगों की जान चली गई थी. इनमें संयुक्त राष्ट्र के 102 कर्मचारी भी थे. हेती में संयुक्त राष्ट्र मिशन के मुख्यालय वाली इमारत भी ढह जाने से इन कर्मचारियों की मौत हुई. 

सादगी से जीवन जिएँ ताकि...

ये तो हम सभी जानते हैं कि जलवायु परिवर्तन का दुनिया भर में अनेक तरह से असर हो रहा है. पहाड़ी इलाक़ों में भी असर देखे जा रहे हैं. इसी असर को कम करने के लिए सादगी भरी ज़िन्दगी की पुकार के साथ #ILiveSimply नामक अभियान चलाने वाले सोमन वांगचुक के साथ बातचीत.

दिल दहला देने वाली है जलवायु की स्थिति

अत्यधिक गर्म हवाओं, सूखा, चक्रवाती तूफ़ानों, बाढ़ों और जंगलों में लगी भीषण आग जैसी विशाल प्रभावों वाली घटनाओं ने सभी महाद्वीपों को प्रभावित किया है. करोड़ों लोगों को गर्म हवाओं और वायु प्रदूषण का सामना करना पड़ा है. चौंकाने वाली है जलवायु स्थिति. एक झलक...

अनप्लास्टिक इंडिया-बढ़ती मुहिम

जलवायु संकट का मुक़ाबला करने के लिए दुनिया भर में युवाओं ने भी कमर कस ली है. ऐसे ही एक युवा शैलेश सिंघल ने भारत में प्लास्टिक के ख़िलाफ़ अनोखी मुहिम छेड़ी है जिसका नाम है - अनप्लास्टिक इंडिया. यूएन न्यूज़ की अंशु शर्मा ने शैलेश के साथ ख़ास बातचीत की.

जैव विविधता, अर्थव्यवस्था और जलवायु

जलवायु आपदा ने दुनिया भर में जीवन के हर पहलू को प्रभावित किया है. बहुत से युवा भी अब समस्या की गंभीरता को समझने लगे हैं और अपने-अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं. ऐसी ही युवा चैंपियन हीता लखानी के साथ संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अंशु शर्मा की बातचीत.

महिलाओं में ताक़त का अलख

अजयता शाह एक ऐसी युवा कार्यकर्ता हैं जो राजस्थान में महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक बनाने के साथ-साथ उनके सशक्तिकरण के लिए काम कर रही हैं. अजयता शाह सितंबर में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुई विभिन्न गतिविधियों में शिरकत करने के लिए आई हुई थीं. यूएन न्यूज़ की अंशु शर्मा ने न्यूयॉर्क में अजयता शाह से ख़ास बातचीत की...