जलवायु और पर्यावरण

विश्व पर्यावास दिवस: हरित व ऊर्जा कुशल नगरों के अनगिनत लाभ

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि नगरों को और ज़्यादा पर्यावरण अनुकूल बनाने के बहुत सारे लाभ हैं, जिनमें कम जलवायु जोखिम, ज़्यादा रोज़गार, और बेहतर स्वास्थ्य व रहन-सहन जैसे फ़ायदे शामिल हैं.

महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई के लिये 'समय बीता जा रहा है'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन के वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप26) से चन्द हफ़्ते पहले, देशों से कार्बन उत्सर्जन घटाने और जलवायु कार्रवाई के लिये वित्त पोषण सुनिश्चित करने का आहवान किया है. यूएन प्रमुख ने गुरूवार को इटली के मिलान शहर में सम्मेलन से पहले तैयारियों के तहत आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक को सम्बोधित करते हुए यह बात कही है.

युवा जलवायु 'लीडर्स' को, यूएन प्रमख की पुकार - अपनी आवाज़ें बुलन्द करते रहें

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ऐसे में जबकि जलवायु संकट के कारण पहले ही बहुत से लोगों की ज़िन्दगियाँ और रोज़गार व आजीविकाएँ तबाह हो रही हैं, तो वैश्विक कार्रवाई को आगे बढ़ाने में, युवजन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. 

भोजन की हानि व बर्बादी से प्रतिवर्ष 400 अरब डॉलर का नुक़सान, रोकथाम उपायों की पुकार

भोजन को आधा-अधूरा खाकर उसे कूड़ेदान में फेंक देने की प्रवृत्ति से, भोजन बर्बादी की समस्या गम्भीर रूप धारण कर रही है, और यह ऐसे समय में हो रहा है जब 80 करोड़ से अधिक लोग भूखे पेट सोने के लिये मजबूर हैं. इस मुद्दे की ओर, बुधवार, 29 सितम्बर, को 'भोजन की हानि व बर्बादी पर अन्तरराष्ट्रीय जागरूकता दिवस' पर विशेष  ध्यान आकर्षित किया गया है. 

भारत: संयुक्त राष्ट्र के साथ 17 युवा जलवायु कार्यकर्ता एकजुट

भारत में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने जलवायु परिवर्तन पर स्थानीय नेतृत्व को प्रदर्शित करने के इरादे से ‘We The Change’ (‘हम ही बदलाव हैं’) नामक अपनी जलवायु मुहिम शुरू करने की घोषणा की है. इस अभियान के तहत, संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप26) से कुछ हफ्तों पहले,  भारत के 17 युवा जलवायु कार्यकर्ताओं द्वारा विकसित जलवायु समाधानों को रेखांकित किया जाएगा. 

भोजन नहीं है व्यापार की वस्तु, बल्कि है मानवाधिकार - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि हर दिन करोड़ों लोग भूखे पेट सोते हैं. तीन अरब लोगों के लिये पोषक आहार उनकी पहुँच से बाहर है. दो अरब लोगों का वज़न या तो आवश्यकता से अधिक है या फिर वे मोटापे का शिकार हैं, जबकि 46 करोड़ लोगों का वज़न कम है. दुनिया भर में कुल खाद्य उत्पादन का लगभग एक तिहाई हिस्सा बर्बाद हो जाता है.

अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिये महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरश ने आगाह किया है कि जलवायु त्रासदियों से विश्व का कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को टालने के लिये समय तेज़ी से बीता जा रहा है. 

जलवायु कार्रवाई के लिये महत्वपूर्ण संकल्पों का स्वागत 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं द्वारा, जलवायु कार्रवाई के लिये अहम संकल्प लिये जाने का स्वागत किया है. न्यूयॉर्क में यूएन महासभा के 76वें उच्चस्तरीय सत्र की जनरल डिबेट के दौरान मंगलवार को ये घोषणाएँ की गई हैं.

जलवायु त्रासदी टालने के लिये, बिल्कुल अभी निर्णायक कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को विश्व नेताओं का आहवान करते हुए, जलवायु त्रासदी को टालने की ख़ातिर, बिल्कुल अभी निर्णायक कार्रवाई करने की पुकार लगाई है. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 31 अक्टूबर से स्कॉटलैण्ड के ग्लासगो शहर में शुरू होने वाले अगले जलवायु सम्मेलन कॉप26 से पहले, आयोजित एक आपदा सम्मेलन में शिरकत करते हुए ये आहवान किया है.

तापमान में 'ख़तरनाक बढ़ोत्तरी' की ओर बढ़ती दुनिया - महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई की पुकार

कोविड-19 महामारी के बावजूद जलवायु परिवर्तन की रफ़्तार में कोई कमी नहीं आई है. संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि विश्व भर में आर्थिक गतिविधियों में आए ठहराव के कारण, कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन की मात्रा में अस्थाई तौर पर कुछ कमी आई थी, मगर अब यह फिर तेज़ गति से बढ़ रही है. रिपोर्ट में चेतावनी जारी की गई है कि दुनिया आने वाले वर्षों में, तापमान में ख़तरनाक बढ़ोत्तरी की ओर बढ़ रही है.