जलवायु और पर्यावरण

शताब्दी के अन्त तक प्रवाल भित्तियों के विलुप्त होने की आशंका

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने चेतावनी दी है कि अगर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भारी कमी नहीं होती, तो सदी के अन्त तक दुनिया की सभी प्रवाल भित्तियाँ यानि कोरल रीफ़ ख़त्म हो जाएँगी. 

फल व सब्ज़ियाँ - स्वस्थ जीवन व टिकाऊ दुनिया के लिये हैं बहुत अहम

संयुक्त राष्ट्र ने, मानव स्वास्थ्य में पोषण और खाद्य सुरक्षा में, फल व सब्ज़ियों की बहुत अहम भूमिका के बारे में जानकारी बढ़ाने के इरादे से, वर्ष 2021 को फल व सब्ज़ियों का अन्तरराष्ट्रीय वर्ष घोषित किया है. इस अवसर पर टिकाऊ खाद्य उत्पादन बढ़ाने और खाद्य पदार्थों को कूड़े-कचरे में तब्दील होने से रोकने के लिये और ज़्यादा प्रयास करने का भी आहवान किया गया है.

गन्दे नाले में मगरमच्छों की वापसी का रास्ता कैसे हुआ साफ़!

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने, भारत के गुजरात राज्य में,  ‘प्लास्टिक टाइड टर्नर चैलेंज’ अभियान के तहत एक विश्वविद्यालय की छात्रा ने प्लास्टिक कचरे के बारे में जानकारी हासिल कर, अपने कॉलेज के बीचो-बीच बहती जलधारा से प्लास्टिक का कचरा साफ़ करने की मुहिम चलाई. नतीजा यह हुआ कि बरसों से गन्दे नाले के रूप में पहचान पाने वाली खुकी जलधारा स्वच्छ तो हुई ही, उसमें मगरमच्छ और कछुए भी वापस लौट आए.

मानव और ग्रह, टकराव की राह पर, यूएनडीपी की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की एक ताज़ा और प्रमुख रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर प्राकृतिक दुनिया और पर्यावरण को नुक़सान में कमी लानी है तो, तमाम देशों को अपने विकास रास्तों पर फिर से ग़ौर करना होगा, नहीं तो पूरी मानवता के लिये प्रगति व्यवधान पैदा हो जाने का जोखिम है.

जलवायु महत्वाकाँक्षा सम्मेलन-2020 के अवसर पर विशेष सामग्री

यूएन व्यवस्था में कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में सार्थक प्रगति

संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था ने वर्ष 2019 में अपने कामकाज से पर्यावरण पर हो रहे असर को कम करने की दिशा में ठोस प्रगति जारी रखी है. मौजूदा प्रयासों के तहत उत्सर्जन में कटौती आँकी गई है और आधुनिक पर्यावरण प्रबन्धन प्रणाली को लागू करने में सफलता मिली है. 

कोविड-19 महामारी से उबरने में महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई पर ज़ोर

विकासशील देश जलवायु परिवर्तन का मुक़ाबल करने के लिये ज़्यादा महत्वाकाँक्षी योजनाओं पर काम कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के मुताबिक इन प्रयासों के तहत कोविड-19 से उबरने और हरित पुनर्बहाली की दिशा में आर्थिक स्फूर्ति पैकेजों का सहारा लिया जा रहा है. 

कोविड-19 से हरित पुनर्बहाली, कर सकती है जलवायु परिवर्तन की रफ़्तार धीमी

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोनावायरस महामारी के परिणामस्वरूप, वैश्विक स्तर पर कार्बन डाइ ऑक्साइड के उत्सर्जन में कुछ संक्षिप्त गिरावट आने के बावजूद, हालात, इस सदी के अन्त तक, वैश्विक तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की तरफ़ जाते नज़र आ रहे हैं. 

मिट्टी में समाहित जीवन के बारे में अभी बहुत कम जानकारी

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने कहा है कि वैसे तो मिट्टी जीव, खाद्य उत्पादन को बढ़ावा देने, पोषक ख़ुराक, मानव स्वास्थ्य की संरक्षा और जलवायु परिवर्तन का मुक़ाबला करने में अहम भूमिका निभाते हैं, मगर इन नन्हें कीटों के योगदान को अभी तक सही पहचान नहीं मिली है.

...जीवाश्म ईंधन में कटौती ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व को अगर वैश्विक तापमान में वृद्धि से होने वाली "तबाही" से बचना है, तो 2020 और 2030 के बीच, देशों को जीवाश्म ईंधनों के उत्पादन में, कम से कम 6 प्रतिशत की कमी करनी होगी. 

2020 तीसरा सर्वाधिक गर्म वर्ष होने की राह पर...

विश्व मौसम संगठन ने कहा है कि वर्ष 2020, तीसरा सबसे ज़्यादा रिकॉर्ड गर्म वर्ष होने के रास्ते पर है. ऐसा होने पर लगातार छह साल का सिलसिला पूरा होगा जो, रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से सबसे गर्म दर्ज किये गए थे.