जलवायु और पर्यावरण

कैरिबियाई देशों पर मंडराते जलवायु संकट का 'सामना मिलकर करेंगे'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण कैरिबियाई द्वीपीय देशों को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है उनका सामना मिलकर किए जाने की आवश्यकता है. सेंट लूसिया में कैरिबियाई समुदाय (CARICOM) के वार्षिक सम्मेलन में जलवायु संकट पर चिंता जताते हुए उन्होंने विश्व नेताओं से ठोस जलवायु कार्रवाई का खाका तैयार करने की अपील की.

तापमान बढ़ने से 2,400 अरब डॉलर का नुक़सान होने का अनुमान

जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर में कामकाज की उत्पादन क्षमता पर गंभीर असर पड़ने वाला है जिससे आमदनी वाले कामकाज और भारी आर्थिक नुक़सान होगा. ग़रीब देश सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे और कृषि व निर्माण क्षेत्र सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे.

जलवायु संकट से निपटने के लिए 'महत्वाकांक्षी कार्रवाई की तत्काल ज़रूरत'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया एक गंभीर जलवायु इमरजेंसी का सामना कर रही है. संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी आबू धाबी में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जलवायु कार्रवाई के लिए तत्काल निडर और महत्वाकांक्षी कदम उठाए जाने होंगे. 

प्रकृति और मानवता के बीच तालमेल के हालात बनाने होंगे - महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया में मानवता और प्रकृति के बीच समरसता क़ायम करने के लिए ज़रूरी परिस्थितियों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया है. जापान के ओसाका शहर में शनिवार, 29 जून को चीन और फ़्रांस के विदेश के मंत्रियों के साथ बैठक के बाद यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने आहवान किया. 

जी-20: ठोस जलवायु कार्रवाई और आर्थिक सहयोग की अपील

जापान के ओसाका शहर में ग्रुप-20 (जी-20) समूह के नेताओं की वार्षिक शिखर वार्ता शुक्रवार को शुरू हो गई. जी-20 दुनिया की सबसे बड़ी और तेज़ी से बढती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि यह बैठक बड़े राजनैतिक तनाव के परिदृश्य में हो रही है.

दुनिया के सामने ‘जलवायु रंगभेद’ का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र के एक विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि जलवायु से जुड़े रंगभेद का एक ऐसा नया दौर शुरू होने का ख़तरा नज़र आ रहा है जहाँ बढ़ते तापमान और भूख से बचने के लिए अमीर लोग धन के बल पर अपने लिए बेहतरी का रास्ता बना लेंगे. उनका मानना है कि पिछले 50 वर्षों में जितना भी विकास हुआ, वैश्विक स्वास्थ्य में बेहतरी आई है और ग़रीबी कम करने के प्रयास हुए हैं, जलवायु परिवर्तन की वजह से वे सभी विफल हो सकते हैं. 

जलवायु परिवर्तन पर युवा पीढ़ी कमर कस चुकी है

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने में पुरानी पीढ़ियाँ तो नाकाम हो गई मगर युवा पीढ़ी इस चुनौती का सामना करने और इससे होने वाली तबाही की रफ़्तार धीमी करने के लिए कमर कस रही है.

ताजनगरी में वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए नई मुहिम

ताजमहल के लिए दुनिया भर में मशहूर भारतीय शहर आगरा में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत एक विशाल योजना तैयार की है. आगरा में ये विशाल वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना मंगलवार, तीन जून को प्रारंभ की गई. ग़ौरतलब है कि विश्व पर्यावरण दिवस पाँच जून को मनाया जाता है.

'तुवालु को बचा लिया तो समझिए दुनिया को बचा लिया'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए प्रयास न करने का विकल्प अब नहीं बचा है. एक अख़बार के लिए लिखे अपने लेख में उन्होंने व्यवसाय, बिजली उत्पादन, खाद्य उत्पादन और शहरों का निर्माण करने के तरीक़ों में त्वरित और गहरे बदलाव लाने की अपील भी की है. जलवायु परिवर्तन का संकट झेल रहे तुवालु जैसे लघु द्वीपीय देशों को बचाने को उन्होंने दुनिया बचाने से जोड़ा है.

सभी के लिए सौर ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाने और दूरगामी इलाक़ों पर ख़ास ध्यान देने पर ज़ोर

पर्यावरण सुधार की दिशा में प्रयासों के तहत सौर ऊर्जा में भारी निवेश की हिमायत करने और उसके उपाय तलाश करने के लिए हाल ही में बैंकाक में एक महत्वपूर्ण परिचर्चा हुई.  परिचर्चा में शिरकत करने वाले  पक्षों के प्रतिनिधियों ने और ज़्यादा सौर क्षमता हासिल करने के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए और ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया.