जलवायु और पर्यावरण

खेतों में आग: बदली-बदली सी है फ़िजाँ, बदलनी होंगी आदतें भी

वर्ष 2019 में, भारत की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास, इतना धुँधलका छा गया था कि विमानों की उड़ानों का रास्ता बदलना पड़ा, हज़ारों स्कूल बन्द करने पड़े और देश की राजधानी में लोगों को या तो घरों के भीतर ही रहने या फिर फ़ेस मास्क पहनने की सलाह दी गई. सवाल है कि आख़िर ऐसी नौबत क्यों आई?

स्वच्छ, कुशल ऊर्जा में भारत की अहम भूमिका

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार को 19वें दरबारी सेठ स्मारक व्याख्यान को सम्बोधित किया. ये व्याख्यान ऊर्जा व शोधन संस्थान (टैरी) भारत, ने अपने संस्थापक और जलवायु कार्रवाई के प्रणेता, दरबारी सेठ के सम्मान में आयोजित किया था. इस व्याख्यान में महासचिव ने कोविड-19 पुनर्बहाली में जलवायु कार्रवाई को प्रमुखता देते हुए ज़ोर देकर कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा बढ़ाकर अपनी दो शीर्ष प्राथमिकताएँ प्राप्त कर सकता है - ग़रीबी उन्मूलन और ऊर्जा की सार्वभौमिक पहुँच की गारण्टी. उन्होंने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाले जीवाश्म ईंधन की बजाय अक्षय ऊर्जा में निवेश करने से तीन गुना अधिक रोज़गार उत्पन्न हो सकते हैं.

स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में भारत निभा सकता है अहम भूमिका

संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ज़ोर देकर कहा है कि भारत समेत सभी देशों को प्रदूषण फैलाने वाले जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता ख़त्म करके, स्वच्छ और आर्थिक रूप से सुदृढ़ सौर ऊर्जा में निवेश करना होगा.  महासचिव ने शुक्रवार को भारत के ऊर्जा शोध संस्थान (TERI) के 19वें दरबारी सेठ स्‍मारक व्‍याख्‍यान में ये बात कही है.

परिवार और परम्परा ने दिखाई जलवायु कार्रवाई की राह

जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों में जुटी भारत की अर्चना सोरेंग का मानना है कि आदिवासी जनजातियों को जलवायु कार्रवाई के केन्द्र में रखा जाना अहम है और पर्यावरण संरक्षण के उपायों के लिए पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही उनकी परम्पराओं और प्रथाओं से सीख ली जानी चाहिए. अर्चना उन सात युवाओं में से हैं जिन्हें दुनिया भर से महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के पर्यावरण पर युवा सलाहकारों के समूह में शामिल किया गया है.

'यंग चैम्पियन ऑफ़ द अर्थ' के फ़ाइनलिस्ट - पूरव देसाई

पर्यावरण को बेहतर बनाने के क्षेत्र में नवाचार वाले समाधान तलाश करने के लिये 2020 के 'यंग चैम्पियन ऑफ़ द अर्थ' की अन्तिम सूची में दुनिया भर से 35 युवा होनहार चुने गए हैं जिनमें भारत के पूरव देसाई भी हैं.  क्या है उनका असाधारण व नवाचार वाला काम, जानिये इस वीडियो में...

मरुस्थलीकरण व सूखा विरोधी दिवस

मानव गतिविधियों के कारण पृथ्वी का स्वास्थ्य भी ख़राब चल रहा है और जलवायु परिवर्तन के कारण पृथ्वी की तकलीफ़ों में और इज़ाफ़ा हुआ है. मरुस्थलीकरण व सूखा का सामना करने के लिए मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर महासचिव का वीडियो सन्देश...

पृथ्वी का ख़याल करें, तुरन्त!

भारत की अनेक आस्था व धार्मिक हस्तियों ने इस वर्ष पर्यावरण दिवस के मौक़े पर पृथ्वी की धरोहर को सहेजने के लिए विभिन्न उपाय करने की अपील की है. इनमें प्रकृति को नुक़सान नहीं पहुँचाना और बड़े पैमाने पर पेड़ लगाना शामिल है. पृथ्वी और आने वाली पीढ़ियों की बेहतरी के लिए ऐसा करना बहुत ज़रूरी है. इन धार्मिक हस्तियों का वीडियो सन्देश...

जैव विविधता दिवस

यूएन महासचिव ने 22 को मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के मौक़े पर कहा है कि इन्सानों के तमाम समाधान प्रकृति में समाहित हैं इसलिए बेहतर वांछित भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर कलयाण के लिए प्रकृति के साथ बेहतर सन्तुलन बनाना बहुत ज़रूरी है. वीडियो सन्देश...

मधुमक्खियों की अहमियत

20 मई को मधुमक्खी दिवस मनाया जा रहा है. इस मौक़े पर खाद्य आपूर्ति, जैव विविधता व पारिस्थितिकी तन्त्र में परागण जीवों के योगदान के बारे में जागरूकता भी बढ़ाई जा रही है. शहद के अलावा मधुमक्खियों की और भी है अहमियत. देखें ये वीडियो...

एशिया-प्रशान्त के महासागरों की पुनर्बहाली की उम्मीद

हाल के वर्षों में समुद्री प्रदूषण, अत्यधिक मत्स्य-पालन और तेज़ी से बढ़ते जलवायु परिवर्तन के कारण एशिया-प्रशान्त क्षेत्र के महासागरों की हालत बद से बदतर होती जा रही है. लेकिन एशिया और प्रशान्त के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (ईएससीएपी) द्वारा बुधवार को जारी एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि कोविड -19 महामारी के कारण इन्सानी गतिविधियों, मानवीय गतिशीलता और संसाधनों की माँग अस्थायी रूप से बन्द होने से समुद्री पर्यावरण को राहत मिली है.