जलवायु परिवर्तन

कॉप-25: वार्ताओं में प्रगति, जलवायु महत्वाकांक्षाओं पर निराशा

कॉप-25 में चल रही वार्ताएं अंततः रविवार को समाप्त हो गईं. इनमें निजी क्षेत्र के साथ-साथ राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय सरकारों के स्तर पर ख़ासी प्रगति हुई है. अलबत्ता, जलवायु कार्रवाई के लिए महत्वाकाँक्षाएँ बढ़ाने के मुद्दे पर कोई आम सहमति नहीं हो सकी जिस पर बड़े पैमाने पर निराशा का माहौल भी देखा गया.

कॉप-25: महत्वाकांक्षा भरा संदेश देने की पुकार

स्पेन के मैड्रिड शहर में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन (कॉप-25) के अंतिम दिन शुक्रवार को देशों के प्रतिनिधिमंडल देर रात तक पारस्परिक सहमति को अंतिम रूप देने के प्रयासों मे जुटे थे. यूएन प्रमुख ने अपने संदेश में सभी देशों से ज़्यादा महत्वाकांक्षी होने और विज्ञान पर आधारित मज़बूत कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है.

हरित भविष्य के लिए कायापलट कर देने वाले बदलाव लाने होंगे

ऐसे में जबकि विश्व में गहराते जलवायु संकट से करोड़ों लोगों का रोज़गार प्रभावित हो रहा है, तो भविष्य में लोगों की आजीविका के साधनों को सुरक्षित रख पाना इस तरह के कायापलट कर देने वाले बदलावों पर निर्भर करेगा कि हम किस तरह पृथ्वी पर ऊर्जा कैसे हासिल करते हैं और अपने संसाधनों का प्रबंधन किस तरह करते हैं.

कॉप-25: जलवायु कार्रवाई में व्यवसायों को सहारा देने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने तमाम व्यवसायों और सिविल सोसायटी का आहवान किया है कि वो सरकारों पर ऐसी बेहतर नीतियाँ बनाने के लिए दबाव डालें जिनके ज़रिए जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने में निजी क्षेत्र के प्रयासों को भी सहारा दिया जा सके.

पहाड़ों का महत्व, ख़ासकर युवाओं के लिए!

पृथ्वी के लगभग 27 प्रतिशत हिस्से पर पहाड़ विराजमान हैं और ये भी ध्यान देने की बात है कि ये पहाड़ एक टिकाऊ आर्थिक विकास की तरफ़ दुनिया की बढ़त में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं. भविष्य को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2019 के अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस पर युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया गया है. बुधवार, 11 दिसंबर को मनाए गए इस दिवस के मौक़े पर इस वर्ष की थीम रखी गई है - Mountains matter for Youth.

जलवायु सम्मेलन में सार्थक नतीजे हासिल करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बांडे ने कहा है कि स्पेन में हो रहे जलवायु सम्मेलन से जलवायु संकट से निपटने के लिए ठोस नतीजों का सामने आना अनिवार्य है. स्पेन की राजधानी मैड्रिड में जारी कॉप-25 सम्मेलन के दौरान विज्ञान की स्पष्टता के बारे में बताते हुए कहा गया है वैश्विक और राष्ट्रीय स्तरों पर तत्काल असरदार जलवायु कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है.

पर्यटन को कार्बन मुक्त बनाने के लिए ज़्यादा सहयोग की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र के विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) ने  जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए परिवहन और पर्यटन क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया है. स्पेन के मैड्रिड शहर में 2019 संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (कॉप-25) के दौरान यूएन एजेंसी ने पर्यटन क्षेत्र के परिवहन स्रोतों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन के बारे में बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की.

क्या दुनिया कोयला युग समाप्त करने के लिए तैयार है?

बिजली की सर्व उपलब्धता ने दुनिया बदल दी है, इससे देशों की अर्थव्यवस्थाएं विकसित हुईं हैं और लाखों लोग ग़रीबी के चंगुल से बाहर निकले हैं. हालांकि इस सफलता की एक बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ी है - जीवाश्म ईंधन पर बहुत अधिक निर्भर ऊर्जा क्षेत्र वैश्विक कार्बन डायऑक्साइड उत्सर्जन के लगभग 40 प्रतिशत हिस्से  के लिए ज़िम्मेदार है. ये उन ग्रीनहाउस गैसों में से एक है जो वायुमंडल में गर्मी को क़ैद करके पृथ्वी को गर्म करती हैं - और इसका लगभग दो - तिहाई उत्सर्जन कोयले से आता है.

2019 जलवायु सम्मेलन: कॉप-25 बैठक की पांच महत्वपूर्ण बातें

जलवायु परिवर्तन तेज़ रफ़्तार से हो रहा है – औद्योगिक क्रांति के बाद पृथ्वी का औसत तापमान 1.1 डिग्री बढ़ चुका है जिसका लोगों के जीवन पर व्यापक असर हुआ है, और अगर मौजूदा रुझान इसी तरह से जारी रहे तो इस सदी के अंत तक वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी 3.4 से 3.9 डिग्री सेल्सियस तक हो सकती है. मानवता के लिए इसके विनाशकारी नतीजे होंगे. स्पेन के मैड्रिड शहर में 2 दिसंबर से शुरू हुए वार्षिक यूएन जलवायु सम्मेलन (कॉप-25) से ठीक पहले यह चेतावनी जारी की गई है.

जलवायु सम्मेलन: हरित अर्थव्यवस्था को आगे बढ़कर अपनाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि हरित अर्थव्यवस्था से डरने के बजाय उसे खुलकर अपनाया जाना चाहिए. यूएन प्रमुख ने सोमवार को स्पेन की राजधानी मैड्रिड में वार्षिक यूएन जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP25) के पहले दिन प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए दोहराया कि महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई के लिए मज़बूत राजनैतिक इच्छाशक्ति दर्शाए जाने के साथ-साथ कार्बन की क़ीमत तय किए जाने की ज़रूरत है.