जलवायु और पर्यावरण

भारत के 'अदृश्य पर्यावरण कार्यकर्ता' - सफ़ाई साथी

भारत में कोविड-19 महामारी के दौरान, प्लास्टिक कचरे में इस्तेमाल किये गए दस्तानों, मास्क व अन्य सामग्री की मात्रा बढ़ी है जिससे सफ़ाईकर्मियों के संक्रमण का शिकार होने का भी जोखिम बढ़ा है. उनके पास अक्सर ज़रूरी बचाव उपकरणों का अभाव होता है और सामाजिक संरक्षा योजनाओं तक पहुँच नहीं होती. इसके मद्देनज़र, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने ‘उत्थान’ नामक एक कार्यक्रम शुरू किया है जिसके तहत, सरकारी योजनाओं के दायरे में लाने के लिये, नौ हज़ार सफ़ाई साथियों को राष्ट्रीय पहचान पत्र हासिल करने में मदद मिली है और उनके टीकाकरण के भी प्रयास किये जा रहे हैं.

 

टिकाऊ विकास व भावी पीढ़ियों के लिये महासागरों की स्वास्थ्य-रक्षा की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने चिन्ता जताई है कि बढ़ते प्रदूषण व तापमान और हद से ज़्यादा मछलियाँ पकड़े जाने से महासागर और जैवविविधता पर भीषण असर हो रहा है. उन्होंने इस वर्ष, ‘विश्व महासागर दिवस’ पर अपने सन्देश में आगाह किया है कि कोविड-19 महामारी से पुनर्बहाली प्रयासों में, प्रकृति के विरुद्ध युद्ध का अन्त और भावी पीढ़ियों की भलाई के लिये महासागरों का स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जाना होगा.  

समुद्रों में प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिये ई-लर्निंग पाठ्यक्रम

एशिया-प्रशान्त क्षेत्र के लिये संयुक्त राष्ट्र आर्थिक व सामाजिक आयोग (UNESCAP) ने अपने साझीदार संगठनों के साथ मिलकर, समुद्रों में प्लास्टिक कचरे की समस्या से निपटने के लिये, एक विज्ञान-आधारित ई-लर्निंग पाठ्यक्रम शुरू किया है. मंगलवार, 8 जून, को  'विश्व महासागर दिवस' के अवसर पर पेश इस पाठ्यक्रम के ज़रिये उन अत्याधुनिक टैक्नॉलॉजी और तकनीकों के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी, जिनकी सहायता से शहरी और समुद्री पर्यावरण में प्लास्टिक कचरे को मापने के साथ-साथ उसकी निगरानी की जा सकती है.

दक्षिण एशिया में नाइट्रोजन प्रदूषण की रोकथाम ज़रूरी

नाइट्रोजन एक दोधारी तलवार है. यह उर्वरकों का एक प्रमुख तत्व है और गेहूँ व मक्का जैसी आवश्यक फ़सलों के विकास में मदद देता है. मगर, बहुत अधिक नाइट्रोजन से वायु प्रदूषित हो सकती है, मिट्टी नष्ट हो सकती है और समुद्र में बेजान "मृत क्षेत्र" पैदा हो सकता है. पाकिस्तान के फ़ैसलाबाद शहर के कृषि विश्वविद्यालय में खेती में नाइट्रोजन उपयोग के प्रमुख विशेषज्ञ तारिक़ अज़ीज, 'दक्षिण एशिया नाइट्रोजन हब' के मुख्य भागीदार भी हैं, जो आठ देशों में नाइट्रोजन के टिकाऊ उपयोग का समर्थन करता है. यूएन पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने तारिक़ अज़ीज से इस दिशा में उनके प्रयासों और पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली के विषय में विस्तार से बातचीत की.

प्रकृति पर तीन बड़े ख़तरे - एक अरब हैक्टेयर क्षरित भूमि की बहाली पर बल

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन, प्रकृति क्षरण और प्रदूषण – तीन बड़े ख़तरों से निपटने के लिये, अगले एक दशक में चीन के आकार के बराबर क्षेत्र को बहाल किये जाने की आवश्यकता है. खाद्य एवँ कृषि संगठन (FAO) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने गुरुवार को एक नई रिपोर्ट जारी करते हुए सचेत किया है कि प्रकृति जितनी मात्रा में संसाधनों को टिकाऊ ढँग से प्रदान कर सकती है, मानवता उसका करीब डेढ़ गुना इस्तेमाल कर रही है.

महासागरों के बग़ैर पृथ्वी पर मानव जीवन असम्भव - महासभा प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने कहा है कि महासागरों पर मंडराते संकट पर पार पाने के लिये, स्पष्ट, रूपान्तरकारी और व्यावहारिक समाधानों का तत्काल सहारा लिया जाना होगा.  उन्होंने वर्ष 2022 में महासागरों से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन से पहले की तैयारियों के तहत आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि ऐसा कोई परिदृश्य नहीं है जिसमें पृथ्वी पर महासागरों के बग़ैर जीवन की कल्पना की जा सके.

पर्यावरणीय संकटों से निपटने के लिये प्रकृति में निवेश पर बल

संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक ताज़ा रिपोर्ट दर्शाती है कि जलवायु परिवर्तन, जैवविविधता और भूमि क्षरण, आपस में जुड़े इन संकटों से सफलतापूर्वक निपटने के लिये, मौजूदा समय से लेकर वर्ष 2050 तक, प्रकृति में कुल आठ ट्रिलियन डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी. 

दुनिया वैश्विक तापमान में 1.5°C बढ़ोत्तरी के नज़दीक - WMO की चेतावनी

वैश्विक औसत तापमान में वार्षिक बढ़ोत्तरी, पूर्व औद्योगिक काल में तापमान के स्तर से, 1.5 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा होने की सम्भावना लगातार बढ़ रही है. संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) ने गुरुवार को अपनी एक रिपोर्ट के साथ चेतावनी भी जारी की है कि ऐसा अगले पाँच वर्षों के भीतर ही हो सकता है. रिपोर्ट दर्शाती है कि इस अवधि के दौरान, तापमान में बढ़ोत्तरी के इस स्तर को छूने की सम्भावना 40 फ़ीसदी है, और यह सम्भावना लगातार प्रबल हो रही है.

खनिज संसाधनों से प्राप्त लाभों को सर्वजन तक पहुँचाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि प्रकृति की रक्षा सुनिश्चित करते हुए, खनिज संसाधनों से हासिल होने वाले लाभों को, भावी पीढ़ियों और समाज में हर किसी तक पहुंचाना हमारा साझा दायित्व है. यूएन प्रमुख ने टिकाऊ विकास के लिये निष्कर्षण उद्योगों (Extractive industries) में रूपान्तरकारी बदलाव के मुद्दे पर आयोजित एक गोलमेज़ चर्चा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही है. 

पाकिस्तान: आर्थिक और पारिस्थितिकीय लाभ के लिये मैन्ग्रोव की बहाली

पाकिस्तान में 5 जून को 'विश्व पर्यावरण दिवस' मनाने की तैयारियों के तहत मैन्ग्रोव वन सहित अन्य महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्रों को बहाल किये जाने पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है. जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई में मैन्ग्रोव को एक महत्वपूर्ण औज़ार के रूप में देखा जाता है, और ये करोड़ों लोगों के लिये आजीविका का साधन भी है.